{"_id":"683741a832307c49d107143d","slug":"leasehold-system-is-a-colonial-system-iia-bulandshahr-news-c-137-1-krj1001-108145-2025-05-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"लीज होल्ड प्रणाली औपनिवेशिक काल की व्यवस्था : आईआईए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लीज होल्ड प्रणाली औपनिवेशिक काल की व्यवस्था : आईआईए
विज्ञापन
सिकंदराबाद। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने औद्योगिक क्षेत्रों में लीज होल्ड भूमि को फ्री होल्ड करने की मांग को लेकर बुधवार को जेवर रोड स्थित सुख सरोज परिसर में प्रेस वार्ता की। जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय उद्योगपतियों ने भाग लिया।
आईआईए के डिवीजनल सेक्रेटरी नितिन जैन, चैप्टर सेक्रेटरी रजत राही, चैप्टर अध्यक्ष विकास शर्मा ने बताया कि लीज होल्ड प्रणाली औपनिवेशिक काल की व्यवस्था है, जिसे अब समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आजादी के अमृत काल में सरकार का यह लक्ष्य है कि गुलामी की सभी निशानियों से मुक्ति पाई जाए, ऐसे में लीज होल्ड व्यवस्था को भी बदलना समय की मांग है।
चैप्टर अध्यक्ष विकास शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2016 में एक हेक्टेयर या उससे अधिक क्षेत्रफल वाली औद्योगिक इकाइयों के लिए भूमि को फ्री होल्ड करने की नीति लागू की थी, लेकिन सूक्ष्म एवं लघु उद्योग अभी भी इस सुविधा से वंचित हैं। उन्होंने मांग की कि यह नीति सभी उद्योगों पर समान रूप से लागू होनी चाहिए।
विज्ञापन
पदाधिकारियों ने बताया कि लीज होल्ड भूमि को फ्री होल्ड करने से प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा, प्रशासनिक प्रक्रियाएं सरल होंगी, जिससे उद्यमियों का समय बचेगा और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। साथ ही इससे प्रदेश के सकल घरेलू उत्पाद और राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि जब उद्यमी को लीज पर दी गई भूमि के लिए सरकार द्वारा सभी शुल्क भूमि मूल्य, विकास शुल्क एवं प्रीमियम ले लिए जाते हैं, और उद्योग पूरी तरह से स्थापित होकर संचालन में है, तो ऐसे में उन्हें मालिकाना हक देना न्यायसंगत होगा। प्रेस वार्ता में सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र के कई प्रमुख उद्योगपति मौजूद रहे, जिन्होंने आईआईए के इस अभियान को अपना समर्थन दिया और राज्य सरकार से इस नीति में व्यापक बदलाव की अपील की।
विज्ञापन
आईआईए के डिवीजनल सेक्रेटरी नितिन जैन, चैप्टर सेक्रेटरी रजत राही, चैप्टर अध्यक्ष विकास शर्मा ने बताया कि लीज होल्ड प्रणाली औपनिवेशिक काल की व्यवस्था है, जिसे अब समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आजादी के अमृत काल में सरकार का यह लक्ष्य है कि गुलामी की सभी निशानियों से मुक्ति पाई जाए, ऐसे में लीज होल्ड व्यवस्था को भी बदलना समय की मांग है।
विज्ञापन
चैप्टर अध्यक्ष विकास शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2016 में एक हेक्टेयर या उससे अधिक क्षेत्रफल वाली औद्योगिक इकाइयों के लिए भूमि को फ्री होल्ड करने की नीति लागू की थी, लेकिन सूक्ष्म एवं लघु उद्योग अभी भी इस सुविधा से वंचित हैं। उन्होंने मांग की कि यह नीति सभी उद्योगों पर समान रूप से लागू होनी चाहिए।
विज्ञापन
पदाधिकारियों ने बताया कि लीज होल्ड भूमि को फ्री होल्ड करने से प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा, प्रशासनिक प्रक्रियाएं सरल होंगी, जिससे उद्यमियों का समय बचेगा और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। साथ ही इससे प्रदेश के सकल घरेलू उत्पाद और राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि जब उद्यमी को लीज पर दी गई भूमि के लिए सरकार द्वारा सभी शुल्क भूमि मूल्य, विकास शुल्क एवं प्रीमियम ले लिए जाते हैं, और उद्योग पूरी तरह से स्थापित होकर संचालन में है, तो ऐसे में उन्हें मालिकाना हक देना न्यायसंगत होगा। प्रेस वार्ता में सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र के कई प्रमुख उद्योगपति मौजूद रहे, जिन्होंने आईआईए के इस अभियान को अपना समर्थन दिया और राज्य सरकार से इस नीति में व्यापक बदलाव की अपील की।