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जिले में ‘लालटेन’ से होगा बाढ़ नियंत्रण

Mon, 12 Jun 2017 12:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर Updated Mon, 12 Jun 2017 12:32 AM IST
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'Lantern' will be flood control in the district
बाढ़ - फोटो : flood

जनपद में अबकी बाढ़ नियंत्रण ‘लालटेन’ की रोशनी से होगा। यह स्थिति बुलंदशहर की ही नहीं, बल्कि अन्य जनपदाें की भी है। दरअसल, बाढ़ नियंत्रण चौकियों पर बिजली और स्थायी दूरभाष का इंतजाम सिस्टम ने नहीं किया है। ऐसे में लालटेन की रोशनी ही बाढ़ नियंत्रण का सहारा बनेगी।

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जनपद में 35 स्थानों पर बाढ़ नियंत्रण चौकियों की स्थापना की गई है। मशीनरी का दावा है कि आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए सिस्टम पूरी तरह तैयार है। अमर उजाला ने प्रशासन के दावों की पड़ताल की, तो सच दावों से जुदा दिखा। दरअसल जिले में जो बाढ़ नियंत्रण चौकियां स्थापित की गई हैं, उन पर बिजली (रोशनी) और दूरसंचार की व्यवस्था नहीं है।
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चौकियों पर दूरभाष के लिए स्थायी लैंडलाइन नंबर और बिजली का कनेक्शन तक नहीं है। खास बात यह है कि सरकारी आदेश में बिजली और फोन का उल्लेख तक नहीं है। आपदा से निपटने के लिए अनट्रेंड स्टॉफ (लेखपाल) की ड्यूटी लगाई गई है।  इन दिनों लेखपाल हड़ताल हैं। ऐसे में बाढ़ चौकियों पर जिम्मेदारी कौन निभा रहा है किसी को पता नहीं।
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वहीं एडीएम प्रशासन अरविंद कुमार मिश्र ने बाढ़ नियंत्रण को लेकर कृषि, सिंचाई और तहसील अफसरों को जरूरी दिशा निर्देश दिए हैं। एडीएम ने कहा है कि बाढ़ और सूखा दोनों हालातों के लिए तैयार रहना है।

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