फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   Land not found, Welspun Group will not invest Rs 40 thousand crore in the district

Bulandshahar News: नहीं मिली जमीन, वेल्सपन ग्रुप जिले में नहीं करेगा 40 हजार करोड़ का निवेश

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 11 Sep 2023 10:35 PM IST
विज्ञापन
Land not found, Welspun Group will not invest Rs 40 thousand crore in the district
बुलंदशहर। इन्वेस्टर्स समिट में 73 हजार करोड़ के निवेश के लिए एमओयू साइन कर वाहवाही बटोरने वाले अधिकारियों को अब झटका लगा है। जिले में महंगी और पर्याप्त जमीन न मिलने के कारण 40 हजार करोड़ के निवेश के लिए एमओयू करने वाले वेल्सपन ग्रुप ने निवेश से अपने हाथ खींच लिए हैं। जबकि 480 कंपनियों के सापेक्ष अभी तक केवल 170 इकाइयों के लिए ही जमीन उपलब्ध हो सकी है।
विज्ञापन




फरवरी 2023 में जिले में इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया गया था। इस दौरान जिले में 4500 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य शासन की ओर से दिया गया था। जिसके सापेक्ष 33 हजार करोड़ का निवेश जिले में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट के दौरान हुआ था, जबकि 40 हजार करोड़ रुपये के निवेश के लिए वेल्सपन ग्रुप की ओर से लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में एमओयू (मैमोरेंडम ऑफ यूनिट) साइन किया गया था। एमओयू के बाद वेल्सपन ग्रुप की ओर से जिले में पहली बार निवेश के लिए तैयारी की जा रहीं थीं लेकिन अब वेल्सपन ग्रुप ने जिले में निवेश से हाथ पीछे खींच लिए हैं। कंपनी प्रबंधन की ओर से दावा किया गया है कि निवेश के लिए आवश्यक 20 हजार एकड़ जमीन एक ही जगह पर न तो उपलब्ध हो पाई है और जो भी जमीन मिल रही है कि वह अधिक महंगी है, जिसके चलते जिले में निवेश किया जाना संभव नहीं है। चर्चा है कि वेल्सपन ग्रुप अब बुंदेलखंड क्षेत्र में निवेश के लिए तैयारी कर रहा है। इसके अलावा 480 कंपनियों के सापेक्ष केवल 170 कंपनियों को ही जमीन उपलब्ध कराई गई है। जिसके चलते सितंबर माह में होने वाली जमीन ब्रेकिंग सेरेमनी के लिए भी तारीख तय नहीं की जा सकी है।
विज्ञापन




जमीन की कमी बनी अड़ंगा

वेल्सपन ग्रुप के अलावा बड़े निवेश के लिए एमओयू करने वाली रिलायंस, आइओसी, आरजी समेत अन्य कंपनियों को अभी तक जमीन नहीं मिल पाई है। जबकि 4750 करोड़ रुपये से हाइटेक टाउनशिप बनाने वाली अंसल हाईटेक को कार्य करने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया है। ऐसे में अब इस निवेश पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन




सिकंदराबाद-खुर्जा में नहीं जमीन

निवेशकों की ओर से सिकंदराबाद और खुर्जा औद्योगिक क्षेत्र में इकाइयां लगाने के लिए जमीन उपलब्धता को प्राथमिकता पर रखा गया है। ऐसे में इन दोनों ही क्षेत्रों में जमीन की पर्याप्त उपलब्धता न होने के कारण अधिकारी निवेशकों को जमीन उपलब्ध नहीं करा पाए हैं। जिले के अन्य क्षेत्रों में भी फैक्टरी लगाने के लिए जमीन तो उपलब्ध है, लेकिन वहां भी कीमत अधिक होने के कारण निवेशकों को जमीन खरीदने के लिए भारी कीमत चुकानी पड़ेगी, जिसके चलते कंपनी प्रबंधन उक्त क्षेत्रों में जमीन नहीं खरीद पा रहा है।




इन्वेस्टर्स समिट में हुए एमओयू

वेल्सपन ग्रुप 40 हजार करोड़

अंसल हाईटेक 4750 करोड़

आरजी स्ट्रेटजीज ग्रुप 1774 करोड़

आईओसी 720 करोड़

नेक्सस सोलर एनर्जी 150 करोड़

विशाल पाइप्स 100 करोड़





जिले में निवेश के लिए एमओयू करने वाले वेल्सपन ग्रुप के लिए पर्याप्त और उचित दर पर जमीन उपलब्ध नहीं हो पा रही है। जिसके चलते ग्रुप की ओर से बुंदेलखंड क्षेत्र में निवेश की बात कही है। इस संबंध में कंपनी प्रबंधन ने शासन को भी अवगत करा दिया गया है। अन्य कंपनियों को जल्द जमीन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। - आशुतोष सिंह, उपायुक्त, जिला उद्योग एवं प्रोत्साहन केंद्र
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed