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अब अपात्र किसान ऑनलाइन लौटा सकते हैं सम्मान निधि
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अब अपात्र किसान ऑनलाइन लौटा सकते हैं सम्मान निधि
बुलंदशहर। अपात्र किसानों को प्रधानमंत्री सम्मान निधि लौटानी होगी। शासन ने इसके लिए ऑनलाइन व्यवस्था की है, जो अपात्र किसान इस निधि को नहीं लौटाएंगे, उनसे भू-राजस्व की तरह वसूली की जाएगी। अपात्रों से सम्मान निधि लौटाने के लिए भारत सरकार ने एक पोर्टल की शुरूआत की है। इसके माध्यम से सम्मान निधि लौटाई जा सकती है।
भारत सरकार ने किसानों के हित में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि शुरू की है। योजना में जनपद के करीब 3.50 लाख किसान शामिल हैं। इस योजना में अपात्र किसान भी शामिल हो गए। योजना के तहत नियम है कि इसका लाभ कोई भी सरकारी सेवक, पेशेवर व्यक्ति, आयकर दाता, भूतपूर्व या वर्तमान में संवैधानिक पदधारक और दस हजार से अधिक पेंशन प्राप्तकर्ता आदि लाभ नहीं ले सकते हैं। वह अब तक जितने भी किश्त ले चुके हैं, उसे भारत सरकार के पोर्टल भारत कोष जीओवी डॉट पर ऑनलाइन कर दें या भारत सरकार के लेखा शीर्षक 040100800000000 में जमा करके उसके चालान की एक प्रति उप कृषि निदेशक के कार्यालय में उपलब्ध करा दें। उप कृषि निदेशक आरपी चौधरी का कहना है कि योजना के अपात्र किसान इन दोनों तरीकों से हासिल की गई राशि खुद जमा करा सकते हैं। किसान चाहे तो जिला कृषि अधिकारी या फिर उप कृषि निदेशक के कार्यालय से भी संपर्क कर राशि जमा करा सकते हैं। शासन का सख्त आदेश है कि अपात्र किसानों को सम्मान निधि की प्राप्त की गई राशि हर हाल में वापस करनी होगी। आरपी चौधरी ने बताया कि जनपद में अब सम्मान निधि के तहत पहली किस्त का 3,24,859 किसान लाभ प्राप्त कर चुके हैं। इसी तरह 3,14,555 किसान दूसरी, 3,09,168 किसान तीसरी, 2,75,721 किसान चौथी, 2,41,630 किसान पांचवीं और 1,86,968 किसान छठवीं किस्त का लाभ उठा चुके हैं।
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बुलंदशहर। अपात्र किसानों को प्रधानमंत्री सम्मान निधि लौटानी होगी। शासन ने इसके लिए ऑनलाइन व्यवस्था की है, जो अपात्र किसान इस निधि को नहीं लौटाएंगे, उनसे भू-राजस्व की तरह वसूली की जाएगी। अपात्रों से सम्मान निधि लौटाने के लिए भारत सरकार ने एक पोर्टल की शुरूआत की है। इसके माध्यम से सम्मान निधि लौटाई जा सकती है।
भारत सरकार ने किसानों के हित में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि शुरू की है। योजना में जनपद के करीब 3.50 लाख किसान शामिल हैं। इस योजना में अपात्र किसान भी शामिल हो गए। योजना के तहत नियम है कि इसका लाभ कोई भी सरकारी सेवक, पेशेवर व्यक्ति, आयकर दाता, भूतपूर्व या वर्तमान में संवैधानिक पदधारक और दस हजार से अधिक पेंशन प्राप्तकर्ता आदि लाभ नहीं ले सकते हैं। वह अब तक जितने भी किश्त ले चुके हैं, उसे भारत सरकार के पोर्टल भारत कोष जीओवी डॉट पर ऑनलाइन कर दें या भारत सरकार के लेखा शीर्षक 040100800000000 में जमा करके उसके चालान की एक प्रति उप कृषि निदेशक के कार्यालय में उपलब्ध करा दें। उप कृषि निदेशक आरपी चौधरी का कहना है कि योजना के अपात्र किसान इन दोनों तरीकों से हासिल की गई राशि खुद जमा करा सकते हैं। किसान चाहे तो जिला कृषि अधिकारी या फिर उप कृषि निदेशक के कार्यालय से भी संपर्क कर राशि जमा करा सकते हैं। शासन का सख्त आदेश है कि अपात्र किसानों को सम्मान निधि की प्राप्त की गई राशि हर हाल में वापस करनी होगी। आरपी चौधरी ने बताया कि जनपद में अब सम्मान निधि के तहत पहली किस्त का 3,24,859 किसान लाभ प्राप्त कर चुके हैं। इसी तरह 3,14,555 किसान दूसरी, 3,09,168 किसान तीसरी, 2,75,721 किसान चौथी, 2,41,630 किसान पांचवीं और 1,86,968 किसान छठवीं किस्त का लाभ उठा चुके हैं।
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