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अब जल्द कंप्यूटराइज्ड होगा खुर्जा जंक्शन
अमर उजाला, खुर्जा जंक्शन
Updated Mon, 08 Feb 2016 10:52 PM IST
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दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग के बीच पड़ने वाला खुर्जा जंक्शन स्टेशन भी अब कंप्यूटराइज्ड हो जाएगा। सॉलिट स्टेट इंटरलॉकिंग (एसएसआई) के जरिए स्टेशन को ए ग्रेड में शामिल करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
बता दें कि इस प्रोजेक्ट को 12 दिनों के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही नई दिल्ली जाने वाली गाड़ियों के लिए प्लेटफार्म नंबर 9 भी बनाया जा रहा है।
ए ग्रेड के स्टेशनों में शुमार होने के बाद जंक्शन पर ट्रेनों का स्टापेज बढ़ जाएगा। इस मार्ग से करीब 250 से 300 गाड़िया गुजरती हैं। लेकिन मैकेनिकल सिग्नल प्रणाली के चलते ट्रेनों का आवागमन प्रभावित हो रहा था।
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लेकिन अब जल्द ही जंक्शन भी कंप्यूटराइज्ड हो जाएगा। इसके लिए सोमवार को भूमि पूजन किया गया। इस दौरान एसएस सीनियर डीएपीई अलीगढ़ विजय मालवीय, एसएसटीई प्रमोद सिंह, सीएसई नईदिल्ली नीरज गुप्ता, एसएसई अलीगढ़ बीके झा आदि अफसर रहे।
महज आधा दर्जन गाड़ियां ही रुकती हैं
जंक्शन से होकर गुजरने वाली करीब 250 गाड़ियों में से सिर्फ आधा दर्जन गाड़ियों का ही स्टेशन पर स्टॉपेज है। सॉलिड स्टेट इंटरलॉकिंग की सुविधा हो जाने के बाद जंक्शन पर गाड़ियों का स्टापेज बढ़ जाएगा। इससे आसपास के दैनिक यात्रियों को काफी सहूलियत होगी।
12 दिन में काम पूरा करने के दिए निर्देश
अलीगढ़ के सीनियर डीएसपीई विजय मालवीय ने 19 फरवरी तक हर हाल में काम पूरा करने के निर्देश दिए है। उन्होंने बताया कि समय से काम पूरा करने के लिए जीए इलाहाबाद को सख्त निर्देश दिए गए हैं।
इसके चलते सोमवार से काम जोर शोर से शुरू कर दिया गया है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर पांच फर्म काम कर रही हैं। पूरे दिन इंजीनियरों की टीम मौजूद रहेगी।
ढाई सौ ट्रेनों की रफ्तार होगी धीमी
सॉलिट स्टेट इंटरलॉकिंग के काम के चलते 8 फरवरी यानि सोमवार से 19 फरवरी तक जंक्शन क्षेत्र में पहुंचने पर करीब ढाई सौ गाड़ियों की रफ्तार धीमी हो जाएगी।
एसएस पीके गुप्ता ने बताया कि जंक्शन स्टेशन के तीन किलोमीटर के दायरे में गुजरने वाली गाड़ियां 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाई जाएंगी। कार्य सीमा पार होने के बाद ट्रेनें अपनी निर्धारित स्पीड पकड़ लेंगी। ट्रेनों की रफ्तार धीमी होने से यात्रियों को बिलंब का सामना करना पड़ सकता है।
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बता दें कि इस प्रोजेक्ट को 12 दिनों के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही नई दिल्ली जाने वाली गाड़ियों के लिए प्लेटफार्म नंबर 9 भी बनाया जा रहा है।
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ए ग्रेड के स्टेशनों में शुमार होने के बाद जंक्शन पर ट्रेनों का स्टापेज बढ़ जाएगा। इस मार्ग से करीब 250 से 300 गाड़िया गुजरती हैं। लेकिन मैकेनिकल सिग्नल प्रणाली के चलते ट्रेनों का आवागमन प्रभावित हो रहा था।
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लेकिन अब जल्द ही जंक्शन भी कंप्यूटराइज्ड हो जाएगा। इसके लिए सोमवार को भूमि पूजन किया गया। इस दौरान एसएस सीनियर डीएपीई अलीगढ़ विजय मालवीय, एसएसटीई प्रमोद सिंह, सीएसई नईदिल्ली नीरज गुप्ता, एसएसई अलीगढ़ बीके झा आदि अफसर रहे।
महज आधा दर्जन गाड़ियां ही रुकती हैं
जंक्शन से होकर गुजरने वाली करीब 250 गाड़ियों में से सिर्फ आधा दर्जन गाड़ियों का ही स्टेशन पर स्टॉपेज है। सॉलिड स्टेट इंटरलॉकिंग की सुविधा हो जाने के बाद जंक्शन पर गाड़ियों का स्टापेज बढ़ जाएगा। इससे आसपास के दैनिक यात्रियों को काफी सहूलियत होगी।
12 दिन में काम पूरा करने के दिए निर्देश
अलीगढ़ के सीनियर डीएसपीई विजय मालवीय ने 19 फरवरी तक हर हाल में काम पूरा करने के निर्देश दिए है। उन्होंने बताया कि समय से काम पूरा करने के लिए जीए इलाहाबाद को सख्त निर्देश दिए गए हैं।
इसके चलते सोमवार से काम जोर शोर से शुरू कर दिया गया है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर पांच फर्म काम कर रही हैं। पूरे दिन इंजीनियरों की टीम मौजूद रहेगी।
ढाई सौ ट्रेनों की रफ्तार होगी धीमी
सॉलिट स्टेट इंटरलॉकिंग के काम के चलते 8 फरवरी यानि सोमवार से 19 फरवरी तक जंक्शन क्षेत्र में पहुंचने पर करीब ढाई सौ गाड़ियों की रफ्तार धीमी हो जाएगी।
एसएस पीके गुप्ता ने बताया कि जंक्शन स्टेशन के तीन किलोमीटर के दायरे में गुजरने वाली गाड़ियां 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाई जाएंगी। कार्य सीमा पार होने के बाद ट्रेनें अपनी निर्धारित स्पीड पकड़ लेंगी। ट्रेनों की रफ्तार धीमी होने से यात्रियों को बिलंब का सामना करना पड़ सकता है।