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ज्येष्ठ अमावस्या: हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई आस्था की डुबकी
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अनूपशहर में गंगा स्नान करते श्रद्धालु। संवाद
अनूपशहर/डिबाई/अहार/नरौरा। ज्येष्ठ अमावस्या पर मंगलवार को जिले के गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। भोर से शुरू हुआ गंगा स्नान का सिलसिला दोपहर बाद तक चलता रहा। श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पूजा की और तेल से भगवान शनिदेव का अभिषेक किया। पूजन के बाद ब्राह्मणों को दान दिया गया।
पं. आदित्य गौड़ व ज्योतिषाचार्य पं. इंद्र मोहन मिश्रा ने बताया कि ज्येष्ठ अमावस्या को सूर्योदय के समय नदी में स्नान और पूजा-पाठ विशेष पुण्यदायी है। नौतपा काल में छाता, जूते-चप्पल, पानी से भरे घड़े, कपड़े, सत्तू, गुड़, बेलपत्र और पंखे का दान विशेष फलदायी माना गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ अमावस्या को शनि देव का प्राकट्य हुआ था। इस दिन शनि देव का सरसों के तेल से अभिषेक, तेल का दान, पीपल की पूजा, हनुमान चालीसा का पाठ और दीप दान का विशेष महत्व है।
अनूपशहर में शनि अमावस्या पर हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। बबस्टर गंज घाट, बाबा मस्तराम घाट, गंगा पुल और कच्चे घाटों पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। देर रात से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था। श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद गंगा तट पर स्थित मंदिरों में पूजा-अर्चना की और भोग लगाया।
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इसी तरह अहार, कर्णवास और नरौरा क्षेत्र के रामघाट और राजघाट समेत जिले के अन्य घाटों पर भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में स्नान करने पहुंचे। वहीं, दूसरी ओर गंगा में जलस्तर बढ़ने के कारण सभी घाटों पर व्यापक इंतजाम किए गए थे। गंगा में गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग लगाई गई और गोताखोर तैनात रहे। पुलिस भी श्रद्धालुओं पर नजर रखे हुए थी। यातायात व्यवस्था को बनाए रखने के लिए जगह-जगह पुलिस तैनात रही।
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पं. आदित्य गौड़ व ज्योतिषाचार्य पं. इंद्र मोहन मिश्रा ने बताया कि ज्येष्ठ अमावस्या को सूर्योदय के समय नदी में स्नान और पूजा-पाठ विशेष पुण्यदायी है। नौतपा काल में छाता, जूते-चप्पल, पानी से भरे घड़े, कपड़े, सत्तू, गुड़, बेलपत्र और पंखे का दान विशेष फलदायी माना गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ अमावस्या को शनि देव का प्राकट्य हुआ था। इस दिन शनि देव का सरसों के तेल से अभिषेक, तेल का दान, पीपल की पूजा, हनुमान चालीसा का पाठ और दीप दान का विशेष महत्व है।
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अनूपशहर में शनि अमावस्या पर हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। बबस्टर गंज घाट, बाबा मस्तराम घाट, गंगा पुल और कच्चे घाटों पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। देर रात से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था। श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद गंगा तट पर स्थित मंदिरों में पूजा-अर्चना की और भोग लगाया।
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इसी तरह अहार, कर्णवास और नरौरा क्षेत्र के रामघाट और राजघाट समेत जिले के अन्य घाटों पर भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में स्नान करने पहुंचे। वहीं, दूसरी ओर गंगा में जलस्तर बढ़ने के कारण सभी घाटों पर व्यापक इंतजाम किए गए थे। गंगा में गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग लगाई गई और गोताखोर तैनात रहे। पुलिस भी श्रद्धालुओं पर नजर रखे हुए थी। यातायात व्यवस्था को बनाए रखने के लिए जगह-जगह पुलिस तैनात रही।