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बुलंदशहर-खुर्जा में खुलेंगे रोजगार के ‘द्वार’
अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Fri, 04 Dec 2015 04:45 PM IST
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औद्योगिक क्षेत्र का दर्जा मिलने के बाद खुर्जा, बुलंदशहर में जरुरतमंदों के लिए रोजगार के द्वार खुल जाएंगे।
दरअसल, ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कारीडोर के पांच किमी. के दायरे में व्यवस्थित होने से प्रदेश सरकार खुर्जा को औद्योगिक क्षेत्र का दर्जा देने की तैयारी में है।
खुर्जा निवेश जोन में भी शामिल हो सकता है। ऐसा मुमकिन हुआ तो खुर्जा बुलंदी के नए आयाम छू सकता है।
औद्योगिक क्षेत्र का दर्जा मिलने के बाद खुर्जा में कई बड़े प्रोजेक्ट लग सकते हैं।
दरअसल, खुर्जा राजधानी दिल्ली के नजदीक और गौतमबुद्धनगर की सीमा से सटा हुआ तहसील क्षेत्र है। इसलिए खुर्जा उद्योगों की दृष्टि से बेहद अहम माना जाता है।
मीट और पॉटरी का कारोबार यहां पहले से ही बुलंदी पर है। यदि शासन की मंशा में खोट नहीं निकला तो बुलंदशहर में खुर्जा उद्यमियों के लिए पसंदीदा स्थान बन सकता है।
निवेश जोन का लाभ बुलंदशहर और सिकंदराबाद को भी मिलेगा। खास तौर पर चौला औद्योगिक क्षेत्र के प्रति उद्यमियों को रुझान बढ़ सकता है। बता दें कि सिकंदराबाद, खुर्जा और बुलंदशहर में ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर का निर्माण कार्य चल रहा है।
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औद्योगिक विकास के लिए शासन जो भी प्रशासन से जमीन मांगेगा। प्रशासन जमीन अधिग्रहण में यूपीएसआईडी की हरसंभव मदद करेगा। इससे बुलंदशहर और खुर्जा की तरक्की का रास्ता खुलेगा। - बी. चंद्रकला, डीएम बुलंदशहर
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दरअसल, ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कारीडोर के पांच किमी. के दायरे में व्यवस्थित होने से प्रदेश सरकार खुर्जा को औद्योगिक क्षेत्र का दर्जा देने की तैयारी में है।
खुर्जा निवेश जोन में भी शामिल हो सकता है। ऐसा मुमकिन हुआ तो खुर्जा बुलंदी के नए आयाम छू सकता है।
औद्योगिक क्षेत्र का दर्जा मिलने के बाद खुर्जा में कई बड़े प्रोजेक्ट लग सकते हैं।
दरअसल, खुर्जा राजधानी दिल्ली के नजदीक और गौतमबुद्धनगर की सीमा से सटा हुआ तहसील क्षेत्र है। इसलिए खुर्जा उद्योगों की दृष्टि से बेहद अहम माना जाता है।
मीट और पॉटरी का कारोबार यहां पहले से ही बुलंदी पर है। यदि शासन की मंशा में खोट नहीं निकला तो बुलंदशहर में खुर्जा उद्यमियों के लिए पसंदीदा स्थान बन सकता है।
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निवेश जोन का लाभ बुलंदशहर और सिकंदराबाद को भी मिलेगा। खास तौर पर चौला औद्योगिक क्षेत्र के प्रति उद्यमियों को रुझान बढ़ सकता है। बता दें कि सिकंदराबाद, खुर्जा और बुलंदशहर में ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर का निर्माण कार्य चल रहा है।
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औद्योगिक विकास के लिए शासन जो भी प्रशासन से जमीन मांगेगा। प्रशासन जमीन अधिग्रहण में यूपीएसआईडी की हरसंभव मदद करेगा। इससे बुलंदशहर और खुर्जा की तरक्की का रास्ता खुलेगा। - बी. चंद्रकला, डीएम बुलंदशहर