{"_id":"592b21f04f1c1b5163bdaee5","slug":"irrigation-department-office-receipt-for-non-payment","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुआवजा न देने पर सिंचाई विभाग के आफिस की कुर्की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुआवजा न देने पर सिंचाई विभाग के आफिस की कुर्की
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Mon, 29 May 2017 12:46 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
किसानों के मुआवजा अंतर की धनराशि के फर्जीवाड़े और हाईकोर्ट की अवमानना पर सिंचाई विभाग के एक्सईएन आफिस को प्रशासन ने कुर्क कर लिया। कोर्ट के निर्देश पर जिला प्रशासन ने एक्सईएन दफ्तर के सभी कमरों पर सील लगा दी।
दस्तावेजों के अलावा विभाग की गाड़ियों को सील कर दिया। कुर्क किए गए सामान को मुख्यालय पर तैनात अवर अभियंता ललित कुमार की सुपुर्दगी में दिया गया है। इस मामले में एक्सईएन अजीत पाल सिंह पुष्कर और एसई मेरठ संदीप गुप्ता को आरोपी बनाया गया था। अभी एसई आफिस की कुर्की भी हो सकती है।
विज्ञापन
शिकारपुर तहसील के गांव रानीबाला में नहर के लिए जमीन अधिग्रहीत करने के बाद शासन स्तर से मुआवजे का वितरण कर दिया गया था।
किसान ज्यादा मुआवजे की मांग कर कोर्ट चले गए। कोर्ट के आदेश पर शासन से जारी होने के बावजूद मुआवजा अंतर का 33 लाख रुपया किसानों तक नहीं पहुंचा। लखावटी ब्रांच के खंड 10 के अधिशासी अभियंता की ओर से किसानों को 33 लाख 75 हजार 463 रुपये मुआवजा अंतर जारी किया गया था।
विज्ञापन
डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के आदेशों का अफसरों पर कोई असर नहीं पड़ा। हाईकोर्ट ने चार माह के भीतर किसानों को मुआवजा अंतर की धनराशि के वितरण करने के आदेश दिए। अफसरों की मनमानी को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई के आदेश दिए थे।
शासन से जिला प्रशासन को सिंचाई विभाग के डिवीजन 10 को कुर्क करने के निर्देश दिए गए। कुर्क किए गए सामान को मुख्यालय पर तैनात जेई ललित कुमार की सुपुर्दगी में दिया गया है। कुर्की की कार्रवाई के बाद एक्सईएन से लेकर प्रमुख सचिव तक हड़कंप मच गया है। तय माना जा रहा है कि पूरे मामले में कई आला अधिकारियों पर गाज गिरनी तय है।