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Bulandshahar News: बीमा कंपनी को कैंसर रोगी का ब्याज समेत खर्च दिए जाने का आदेश
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बुलंदशहर। जिला उपभोक्ता आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में बीमा कंपनी को कैंसर रोगी के उपचार का खर्च ब्याज समेत भुगतान किए जाने के आदेश दिया है। नगर के मोहल्ला कोठियात निवासी जितेंद्र लोधी ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2015 में दस लाख रुपये की परिवार की हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी ली थी। इसके लिए उन्होंने 16,455 रुपये का प्रीमियम जमा किया था।
मार्च 2022 में उनकी तबीयत बिगड़ने पर उनका इलाज पहले बुलंदशहर और बाद में नोएडा के अस्पताल में कराया गया। जांच में उन्हें कैंसर की गंभीर बीमारी का पता चला। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। पीड़ित का आरोप था कि अस्पताल में इलाज के दौरान बीमा कंपनी से कैशलेस सुविधा मांगी गई थी, लेकिन कंपनी ने 2.91 लाख रुपये का क्लेम मंजूर नहीं किया। इस कारण उन्हें इलाज का पूरा खर्च स्वयं उठाना पड़ा।
बाद में कंपनी ने यह कहते हुए क्लेम खारिज कर दिया कि बीमाधारक पॉलिसी लेते समय पहले से ही कैंसर से पीड़ित था। मामले की सुनवाई के बाद जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष हसनैन कुरैशी और सदस्य नीलम कुमारी ने बीमा कंपनी के तर्क को खारिज कर दिया। आयोग ने कंपनी को 45 दिन में 2.91 लाख रुपये, 15 जनवरी 2024 से छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज और पांच हजार रुपये वाद व्यय देने का आदेश दिया है। समय पर भुगतान नहीं करने पर सात प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज देने के आदेश दिए।
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मार्च 2022 में उनकी तबीयत बिगड़ने पर उनका इलाज पहले बुलंदशहर और बाद में नोएडा के अस्पताल में कराया गया। जांच में उन्हें कैंसर की गंभीर बीमारी का पता चला। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। पीड़ित का आरोप था कि अस्पताल में इलाज के दौरान बीमा कंपनी से कैशलेस सुविधा मांगी गई थी, लेकिन कंपनी ने 2.91 लाख रुपये का क्लेम मंजूर नहीं किया। इस कारण उन्हें इलाज का पूरा खर्च स्वयं उठाना पड़ा।
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बाद में कंपनी ने यह कहते हुए क्लेम खारिज कर दिया कि बीमाधारक पॉलिसी लेते समय पहले से ही कैंसर से पीड़ित था। मामले की सुनवाई के बाद जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष हसनैन कुरैशी और सदस्य नीलम कुमारी ने बीमा कंपनी के तर्क को खारिज कर दिया। आयोग ने कंपनी को 45 दिन में 2.91 लाख रुपये, 15 जनवरी 2024 से छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज और पांच हजार रुपये वाद व्यय देने का आदेश दिया है। समय पर भुगतान नहीं करने पर सात प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज देने के आदेश दिए।
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