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दो साल में आयकर रिटर्न भरने वाले छह फीसदी बढ़े
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दो साल में आयकर रिटर्न भरने वाले छह फीसदी बढ़े
बुलंदशहर। जिले में दो साल के अंदर आयकर रिटर्न भरने वालों की संख्या में करीब 6 फीसदी का इजाफा हुआ है। इस वर्ष 90 हजार लोगों ने आयकर रिटर्न फाइल किया है जबकि 2019 में यह संख्या 84836 थी।
आयकर सरकार की आय का एक मुख्य स्रोत है। आयकर के संबंध में जागरूकता की कमी की वजह से लोग रिटर्न फाइल करने में हिचकते हैं। अगर आप आयकर के दायरे में नहीं हैं तब भी रिटर्न फाइल करना चाहिए। पहले लाखों के लेनदेन वाले खातों की स्क्रूटनी आयकर विभाग द्वारा की जाती थी। अब सॉफ्टवेयर स्वत: ही बड़े लेनदेन वाले खातों को पकड़ लेता है। पूर्व में स्थानीय अधिकारी ही स्क्रूटनी करते थे। अब किसी भी जिले की फाइलों की न्यूनतम 200 किमी दूर बैठे अधिकारियों से स्क्रूटनी कराई जाती है।
सर्च और सर्वे के नियमों में भी बदलाव
केंद्र सरकार ने सर्च और सर्वे के नियमों में भी बदलाव किया है। पूर्व में जहां स्थानीय टीम को भी शिकायत और जांच के आधार पर सर्च व सर्वे का अधिकार था, वहीं अब सरकार ने यह अधिकार स्थानीय अधिकारियों से ले लिया है। अब किसी भी सर्च या सर्वे का अधिकार डायरेक्टर ऑफ इंवेस्टीगेशन को ही दिया गया है। शिकायत मिलने पर स्थानीय अधिकारियों को भी डायरेक्टर ऑफ इंवेस्टीगेशन को ही जानकारी देनी होगी, जिसके आधार पर वह कार्रवाई करेंगे।
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पिछले तीन वर्षो रिटर्न फाइल करने वालों की संख्या:
वर्ष आयकरदाता
2019 84836
2020 90749
2021 90000 (जून तक)
आयकर के प्रति कर रहे जागरूक
सरकार ने कुछ नए नियम बनाए हैं। इससे आयकर की चोरी करने वाले लोगों की निष्पक्ष जांच हो सकेगी। जिले में आयकरदाताओं की संख्या काफी कम है। अधिक से अधिक लोगों को आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए समय-समय पर जागरूक किया जाता है। - अनिल कुमार शर्मा, अतिरिक्त उपायुक्त, आयकर विभाग
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बुलंदशहर। जिले में दो साल के अंदर आयकर रिटर्न भरने वालों की संख्या में करीब 6 फीसदी का इजाफा हुआ है। इस वर्ष 90 हजार लोगों ने आयकर रिटर्न फाइल किया है जबकि 2019 में यह संख्या 84836 थी।
आयकर सरकार की आय का एक मुख्य स्रोत है। आयकर के संबंध में जागरूकता की कमी की वजह से लोग रिटर्न फाइल करने में हिचकते हैं। अगर आप आयकर के दायरे में नहीं हैं तब भी रिटर्न फाइल करना चाहिए। पहले लाखों के लेनदेन वाले खातों की स्क्रूटनी आयकर विभाग द्वारा की जाती थी। अब सॉफ्टवेयर स्वत: ही बड़े लेनदेन वाले खातों को पकड़ लेता है। पूर्व में स्थानीय अधिकारी ही स्क्रूटनी करते थे। अब किसी भी जिले की फाइलों की न्यूनतम 200 किमी दूर बैठे अधिकारियों से स्क्रूटनी कराई जाती है।
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सर्च और सर्वे के नियमों में भी बदलाव
केंद्र सरकार ने सर्च और सर्वे के नियमों में भी बदलाव किया है। पूर्व में जहां स्थानीय टीम को भी शिकायत और जांच के आधार पर सर्च व सर्वे का अधिकार था, वहीं अब सरकार ने यह अधिकार स्थानीय अधिकारियों से ले लिया है। अब किसी भी सर्च या सर्वे का अधिकार डायरेक्टर ऑफ इंवेस्टीगेशन को ही दिया गया है। शिकायत मिलने पर स्थानीय अधिकारियों को भी डायरेक्टर ऑफ इंवेस्टीगेशन को ही जानकारी देनी होगी, जिसके आधार पर वह कार्रवाई करेंगे।
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पिछले तीन वर्षो रिटर्न फाइल करने वालों की संख्या:
वर्ष आयकरदाता
2019 84836
2020 90749
2021 90000 (जून तक)
आयकर के प्रति कर रहे जागरूक
सरकार ने कुछ नए नियम बनाए हैं। इससे आयकर की चोरी करने वाले लोगों की निष्पक्ष जांच हो सकेगी। जिले में आयकरदाताओं की संख्या काफी कम है। अधिक से अधिक लोगों को आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए समय-समय पर जागरूक किया जाता है। - अनिल कुमार शर्मा, अतिरिक्त उपायुक्त, आयकर विभाग