{"_id":"5867ea6b4f1c1b741aeeef23","slug":"in-celebration-of-the-new-year-shock-notbandi","type":"story","status":"publish","title_hn":"न्यू ईयर के जश्न में नोटबंदी का झटका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
न्यू ईयर के जश्न में नोटबंदी का झटका
अमर उजाला/बुलंदशहर
Updated Sat, 31 Dec 2016 10:57 PM IST
विज्ञापन
नोटबंदी
- फोटो : ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नई साल के जश्न पर नोटबंदी का झटका लगा है। नई करेंसी की कमी के कारण नए साल का जश्न फीका पड़ गया है। शहर में होटल-रेस्तरां न के बराबर ही बुक हुए हैं। न तो आतिशबाजी की बिक्री हो सकी और न ही बड़ी संख्या में केकों का ऑर्डर बुक हुआ। नए साल के जश्न पर होने वाला व्यापार पूरी तरह घट गया है। ऐसे में जिले के व्यापारी मायूस हैं।
विज्ञापन
नोटबंदी के कारण नए साल का जश्न पूरी तरह फीका हो गया है। साल के अंतिम दिन बाजारों में रौनक देखने को नहीं मिली। शहर के अधिकांश होटल और रेस्तरां में बुकिंग नहीं थी। नोटबंदी से बाजार में मंदी को देख होटल-रेस्तरां संचालकों ने भी न्यू ईयर जश्न की कोई खास तैयारी नहीं की। इसके अलावा शहर के बाजारों में भी कोई खास बिक्री नहीं हुई।
विज्ञापन
न तो केकों की बिक्री हुई और न ही आतिशबाजी की। मिठाई की दुकानों पर भी कोई खास बिक्री देखने को नहीं मिली। नोटबंदी के कारण व्यापार पूरी तरह थम गया है। मिठाई व्यापारी शिवम बंसल ने बताया कि न्यू ईयर पर इस बार बाजार में बिल्कुल रौनक नहीं है।
विज्ञापन
व्यापार सामान्य दिनों से भी कम हो रहा है। न्यू ईयर पर कोई खास क्रेज देखने को नहीं मिला। गिफ्ट व्यापारी कमल अग्रवाल ने बताया कि पहले न्यू ईयर से पहले गिफ्टों की बिक्री में बूम आ जाता था। बड़ी संख्या में लोग न्यू ईयर गिफ्ट खरीदते थे, लेकिन इस बार गिफ्टों की कोई खास बिक्री नहीं हुई है। नोटबंदी का पूरा असर व्यापार पर देखने को मिल रहा है।