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Bulandshahar News: दहेज हत्या में पति को 8 वर्ष का कारावास, सास-ननद साक्ष्य के अभाव में बरी
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बुलंदशहर। दहेज में बाइक और 51 हजार रुपये की मांग पूरी न होने पर विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में न्यायालय ने फैसला सुनाया है। अदालत ने दोषी पति को धारा 304-बी के तहत आठ वर्ष के कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं, मामले में नामजद सास और ननद को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय संख्या-प्रथम, बुलंदशहर के पीठासीन अधिकारी शिवानंद ने दहेज हत्या से जुड़े मामले की सुनवाई पूरी करते हुए अभियुक्त पति सुरेश को दोषी करार दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ने बताया कि वादी मुकदमा राजकुमारी निवासी गांव रूपबास, थाना सिहानी जिला गाजियाबाद ने अपनी पुत्री ज्योति का विवाह 16 अप्रैल 2014 को सुरेश निवासी गांव आसवान नांगली, थाना बीबीनगर बुलंदशहर के साथ किया था।
शादी में करीब 2.50 लाख रुपये खर्च करने के बावजूद ससुराल पक्ष के लोग दहेज के रूप में बाइक व 51 हजार रुपये की मांग को लेकर ज्योति को शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। 11 फरवरी 2019 को वादी को फोन कॉल पर सूचना मिली कि ज्योति की ससुरालियों ने हत्या कर दी है। मौके पर पहुंचने पर ज्योति का शव मिला।
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पुलिस ने मृतका की मां की तहरीर पर पति सुरेश, सास विमोद और ननद कलुआ व पूनम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया था।
अदालत ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अभियुक्त सुरेश को भारतीय दंड संहिता की धारा 304-बी के तहत 8 वर्ष का कठोर कारावास व 2500 रुपये अर्थदंड, धारा 498-ए में एक वर्ष का कारावास व 2500 रुपये अर्थदंड व दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4 में एक वर्ष का कारावास व 2500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। वहीं, पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर नामजद विमोद व कलुआ को दोषमुक्त कर दिया गया।
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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय संख्या-प्रथम, बुलंदशहर के पीठासीन अधिकारी शिवानंद ने दहेज हत्या से जुड़े मामले की सुनवाई पूरी करते हुए अभियुक्त पति सुरेश को दोषी करार दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ने बताया कि वादी मुकदमा राजकुमारी निवासी गांव रूपबास, थाना सिहानी जिला गाजियाबाद ने अपनी पुत्री ज्योति का विवाह 16 अप्रैल 2014 को सुरेश निवासी गांव आसवान नांगली, थाना बीबीनगर बुलंदशहर के साथ किया था।
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शादी में करीब 2.50 लाख रुपये खर्च करने के बावजूद ससुराल पक्ष के लोग दहेज के रूप में बाइक व 51 हजार रुपये की मांग को लेकर ज्योति को शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। 11 फरवरी 2019 को वादी को फोन कॉल पर सूचना मिली कि ज्योति की ससुरालियों ने हत्या कर दी है। मौके पर पहुंचने पर ज्योति का शव मिला।
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पुलिस ने मृतका की मां की तहरीर पर पति सुरेश, सास विमोद और ननद कलुआ व पूनम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया था।
अदालत ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अभियुक्त सुरेश को भारतीय दंड संहिता की धारा 304-बी के तहत 8 वर्ष का कठोर कारावास व 2500 रुपये अर्थदंड, धारा 498-ए में एक वर्ष का कारावास व 2500 रुपये अर्थदंड व दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4 में एक वर्ष का कारावास व 2500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। वहीं, पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर नामजद विमोद व कलुआ को दोषमुक्त कर दिया गया।