{"_id":"5827669c4f1c1b8553b3c27c","slug":"hundred-notes-atm-closed-intact-crowds-at-banks","type":"story","status":"publish","title_hn":"सौ के नोट नहीं, एटीएम बंद, बैंकों पर भीड़ जस की तस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सौ के नोट नहीं, एटीएम बंद, बैंकों पर भीड़ जस की तस
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Sun, 13 Nov 2016 12:29 AM IST
विज्ञापन
बैंक
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बैंक के पास 100 के नोटों का स्टॉक खत्म होने के कारण शनिवार को भी एटीएम बंद रहे। वहीं नई करेंसी पहुंचने से बैंक कर्मियों ने थोड़ी राहत महसूस की। पुरानी करेंसी जमा करने और नई करेंसी लेने के लिए बैंक के बाहर लोगों की भीड़ में कोई कमी नहीं आई। लोग सुबह से बैंक के बाहर लाइन में लग गए।
शाम तक बैंकों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। बता दें कि 500-1000 के नोट बंद होने की घोषणा के बाद से ही पुरानी करेंसी जमा करने और नई करेंसी लेने के लिए बैंकों पर लोगों की भीड़ उमड़ी हुई है। बैंकों पर शाम तक भीड़ का वहीं आलम रहा जो सुबह था।
विज्ञापन
नगर के आधा दर्जन से अधिक सरकारी, अर्धसरकारी, प्राइवेट बैंकों में करीब 40 करोड़ रुपये का लेन-देन किया। करीब 39 करोड़ रुपये जमा किए गए। मात्र एक करोड़ की निकासी हुई। सैदपुर रोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक एवं इलाहाबाद बैंक में लोगों की प्रात: आठ बजे से लम्बी कतारें लग गईं।
विज्ञापन
नोट बदलने वालों में शनिवार को महिलाओं की संख्या अधिक थी। कई वृद्ध महिलाएं एवं पुरुष भी लाइन में लगे थे। एक वृद्ध तो लाइन में बैठने के लिए स्टूल भी घर से लाया था। वह स्टूल पर बैठा-बैठा खिसकता रहा, परंतु शाम चार बजे तक नंबर नहीं आया।
जिसके चलते रोड पर ट्रैफिक जाम की स्थिति दिन भर बनी रही। बुगरासी बस स्टैंड पर एकमात्र टाटा इंडीकैश का एटीएम पिछले तीन दिनों से ठप है।
बैंक में एंट्री कराने को रिश्वत मांगने पर हंगामा
भीड़ के बीच बैंक में एंट्री दिलाने के लिए हजार रुपये रिश्वत मांगने पर लाइन में लगा किसान होमगार्ड से भिड़ गया। दोनों के बीच हाथापाई हुई तो पुलिस ने किसान को हिरासत में ले लिया। इस पर भीड़ ने पुलिस जीप का घेराव कर हंगामा कर दिया।
हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस ने लाठियां फटकारीं। बाद में किसान को रिहा करने पर लोग शांत हुए। इस दौरान करीब घंटे भर तक बैंक में कामकाज बाधित रहा।
ग्राम गांगरोल निवासी किसान मोहन पुत्र बलवंत ककोड़ स्थित बैंक में डेढ़ लाख रुपये जमा करने आया था।
बैंक पर पहले से ही भीड़ जमा थी। बैंक में प्रवेश कराने के लिए किसान से वहां तैनात होमगार्ड ने एक हजार रुपये की रिश्वत मांगी। इस पर विवाद हुआ और किसान की होमगार्ड से हाथापाई हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसान को हिरासत में ले लिया।
किसान को हिरासत में लेने पर बैंक के बाहर लाइन में लगे लोग भड़क गए। उन्होंने पुलिस जीप का घेराव कर हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने लाठियां फटकार कर भीड़ को तितर-बितर किया। बाद में हिरासत में लिए गए किसान को रिहा करने के बाद ही लोग शांत हुए।
हंगामे के कारण करीब एक घंटा बैंक में काम बंद रहा। इंस्पेक्टर केपी सिंह का कहना है कि किसान अपने खाते से 10000 हजार रुपये निकालने की जिद पर अड़ा था। बैंक कर्मियों के मना करने पर उसने हंगामा किया। इसी वजह उसे हिरासत में लिया गया था।
एसबीआई के बाहर भीड़ बेकाबू हुई भारतीय स्टेट बैंक के सामने शनिवार की सुबह नोट बदलने के लिए लगी लोगों की भीड़ उस समय बेकाबू हो गई, जब कई घंटों तक बैंक में उन्हें प्रवेश नहीं मिला। कुछ लोगों ने बैंक के मुख्य द्वार पर लगा साइन बोर्ड तोड़ने का प्रयास किया। परिसर में खड़ी एक साइकिल को भी बाहर फेंक दिया गया।
सूचना पर थानाध्यक्ष हरेराम सिंह यादव फोर्स के साथ पहुंचे तथा बैंक में एक-एक व्यक्ति को प्रवेश कराने की कवायद शुरू की गई।
समय से पहले बैंक बंद, हंगामा
नगर की एसबीआई एवं पीएनबी के गेट पर शाम पांच बजे से पहले ही ताला लगा दिया गया। अंदर बैंक कर्मी काम करते रहे। एसबीआई की मुख्य बाजार शाखा पर ताला देख कुछ लोगों ने हंगामा भी किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत किया।
नोट बंद की घोषणा के समय बैंकों का समय सुबह 10 बजे से रात्रि आठ बजे तक किया गया था। बाजवूद इसके बैंक अधिकारी कोई पालन नहीं कर रहे हैं। बुगरासी के दोनों इलाहाबाद तथा सर्वयूपी ग्रामीण बैंक सुबह 10 बजे खुलने के बाद अपने निश्चित समय चार बजे बंद हो जाते हैं।
बैंक अधिकारी लिखित में बढ़े समय के नहीं होने की बात कह रहे हैं।नई करेंसी ने रोकी बाजार की ‘रफ्तार’बुलंदशहर। नोटबंदी ने बाजार की चाल बिगाड़ दी है। छोटे नोटों की कमी के चलते व्यापार चंद लाख रुपयों में सिमट गया है। बाजार में बड़ी खरीद पूरी तरह बंद हो गई है।
इससे न सिर्फ व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, बल्कि आम आदमी की सामान्य जरूरत भी पूरी नहीं हो रही है।
सहयोग नहीं कर रहे बैंक
लीड बैंक अफसर सतपाल मलिक ने बताया कि कुछ बैंकों की लापरवाही के कारण पीएनबी और एसबीआई में ग्राहकों की कतार लंबी लग गई है। कुछ बैंक सहयोग नहीं कर रहे हैं। शाखा प्रबंधक अपने हिस्से के नए नोट तक नहीं उठा रहे हैं। उनके मुताबिक आईडीबीआई, नैनीताल बैंक, सेंट्रल बैंक, इलाहाबाद बैंक और बैंक ऑफ इंडिया की ब्रांचों से सहयोग नहीं हो रहा है।
डाकघर में नहीं बदले गए तीसरे दिन भी नोट
गुलावठी/ बुगरासी। एक ओर जहां 500 तथा 1 हजार रुपये के नोट बदलने वालों की भीड़ शनिवार को काफी बढ़ गई, वहीं स्थानीय डाकघर में तीन दिन तक लगातार नोट भी नहीं बदले गए। डाकघर के पोस्टमाटर मुकेश कुमार अग्रवाल ने बताया कि डाकघर में नोट बदलने के लिए पैसा नहीं है।
बुगरासी में तीसरे दिन शनिवार को भी डाकखाने में नोटों की बदली नहीं की गई। डाक कर्मियों ने नोट नहीं आने की बात कही और ग्राहकों के नोट नहीं बदले। पोस्ट मास्टर मुकेश कुमार ने बताया कि डाकखाने में कोई धनराशि नहीं आई है। इसके चलते नोटों को नहीं बदला जा रहा है।धन जमा पर भी भरवाए एक्सचेंज फार्म
रामघाट बैंक में धनराशि जमा करने पर भी एक्सचेंज फार्म भरवा कर लेने का मामला प्रकाश में आया है। ऐसे में कुछ उपभोक्ताओं ने डीएम से इसकी शिकायत की है। नरौरा पीएनबी प्रबंधक केजी अग्रवाल ने बताया कि अनेकों खाता धारकों के केवाईसी कंपलीट नहीं है। इसके चलते नकदी जमा करने वालों से आईडी की कापी ली जा रही है। उन्होंने खाता धारकों को अपनी आईडी की कापी पर उददेश्य व दिनांक लिखकर बैंक को देने की सलाह दी है।