फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   Health services in District Hospital and Women's Hospital on the verge of closure

Bulandshahar News: जिला अस्पताल व महिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं बंदी की कगार पर

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 10 May 2023 12:59 AM IST
विज्ञापन
बुलंदशहर। जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल में दो-तीन दिन बाद स्वास्थ्य सेवाएं लड़खड़ा सकती हैं। दोनों अस्पतालों में प्रतिदिन जरूरी सेवाओं में प्रयोग किया जाने वाला सामान समाप्त होने लगा है। सामान की आपूर्ति के लिए अभी कोई बजट नहीं मिला है। दोनों अस्पताल एक अप्रैल से मेडिकल कॉलेज के अधीन हो चुके हैं। फिलहाल एक्सरे की फिल्म, पैथोलॉजी लैब के केमिकल और स्टेशनरी समाप्त होने वाली है। डिटॉल, हाथ धोने का साबुन, सर्फ आदि समाप्त होने के बाद कर्मचारी अपने पैसों से खरीदकर ला रहे हैं। कॉलेज की प्राचार्य ने बजट के लिए महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण को पत्र लिखा है।
विज्ञापन

जिला अस्पताल में प्रतिदिन नगर समेत दूर-दराज के 1500 से दो हजार के करीब मरीजों का आना-जाना लगा रहता है। साथ ही प्रतिदिन 100 के करीब मरीज भर्ती रहते हैं। ओपीडी में आने वाले अधिकांश मरीजों के ब्लड की जांच, एक्सरे आदि करवाएं जाते हैं। जिलेभर में होने वाली मारपीट व सड़क हादसों में घायलों के एक्सरे आदि की प्रक्रिया भी यहीं पर होती है। इसके चलते प्रतिदिन करीब 200 लोगों के एक्सरे यहां पर हो रहे हैं। जिला महिला अस्पताल के लेबर रूम और पैथोलॉजी लैब, एसएनसीयू वार्ड, एमएनसीयू वार्ड का संचालन होने के अलावा सर्जिकल वार्ड में जरूरी सामान की जरूरत प्रतिदिन होती है। इन सभी के लिए अभी तक दोनों अस्पताल प्रशासन को बजट मिलता था। जिसके लिए सामान खत्म होने से पूर्व ही डिमांड कर देते थे। अब एक अप्रैल से दोनों अस्पताल कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज के अधीन हो गए हैं लेकिन अभी तक मेडिकल कॉलेज के लिए बजट जारी नहीं हुआ है। इसके चलते जरूरी सामान की खरीद नहीं की जा रही है।
विज्ञापन

---
पैथोलॉजी पर घटाने लगी जांच की संख्या
जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में प्रतिदिन 250 से अधिक लोगों का सैंपल लेकर जांच की जाती है। पिछले कई दिनों से इनकी संख्या अब 150 से 200 के बीच पहुंच गई है। इनमें भी अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की सभी प्रकार की जांचें की जा रही हैं। जबकि, सामान्य मरीजों की सीबीसी, हेपेटइटिस सी-बी व एचसीवी आदि की जांच की जा रही है। अन्य जांचें नहीं की जा रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

---
डिटॉल, साबुन, सर्फ अपने पैसों से खरीदकर ला रहे कर्मचारी
जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल में प्रतिदिन ऑपरेशन थियेटर का संचालन होता है। साथ ही महिला अस्पताल में डिलीवरी के लिए लेबर रूम का संचालन होता है। इसके लिए डिटॉल पानी, हाथ धोने का साबुन, सर्फ आदि का प्रतिदिन प्रयोग होता है। 15 दिन पूर्व जिला महिला अस्पताल में ये सभी सामान समाप्त हो गए। इसके बाद कर्मचारियों द्वारा डिमांड की गई लेकिन सामान उपलब्ध न होने व बजट न होने की वजह से सामान की व्यवस्था नहीं हो सकी। सामान जरूरी होने के कारण कर्मचारियों द्वारा स्वयं रुपये इकट्ठे कर मंगवाया जा रहा है।
--
रोगी कल्याण समिति से ली जाएगी मदद
जिला अस्पताल प्रशासन के अनुसार जो जरूरत के सामान है, उसके लिए बजट न होने पर रोगी कल्याण समिति से कुछ बजट निकालकर जरूरी सामान मंगवाया जाएगा। जिससे अस्पताल का संचालन जारी रहे। इसके लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। उम्मीद है कि बजट से 15 से 20 दिन का सामान उपलब्ध हो जाएगा।
---
कोट
आरकेएस (रोगी कल्याण समिति) की धनराशि से एक्सरे की फिल्म, केमिकल और जरूरत का सामान मंगवाया जाएगा। मेडिकल कॉलेज का बजट जल्द मिलने की उम्मीद है। इसके बाद सुविधाएं निरंतर जारी रहेंगी। - डॉ. राजीव प्रसाद, सीएमएस, जिला अस्पताल

--
बजट नहीं मिला है। इसके चलते परेशानी आ रही है। बजट के लिए महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण को पत्र लिखा है। जिससे जरूरत के सामान को मंगवाया जा सके। कुछ सामान को अस्पताल कर्मियों के सहयोग से मंगवाया जा रहा है। जो समाप्त होने वाला है, उसके लिए प्रयास चल रहे हैं। - डॉ. मनीषा जिंदल, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज

(संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed