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न बिजली, न इंटरनेट कनेक्शन, कागजों में चालू हो गए 702 ग्राम सचिवालय

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 09 Jun 2022 10:12 PM IST
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gram sachivalay
न बिजली, न इंटरनेट कनेक्शन, कागजों में चालू हो गए 702 ग्राम सचिवालय
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बुलंदशहर। ग्रामीणों की सुविधाओं के लिए सरकार ने प्रत्येक ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालयों का निर्माण कराया है। इनके माध्यम से ग्रामीणों को कई तरीके की सुविधाएं दी जानी हैं, जिससे उन्हें तहसील और जिला मुख्यालय के लिए दौड़ न लगानी पड़े। जिले में 702 गांव में ग्राम सचिवालय बनकर तो तैयार हो गए हैं, लेकिन वह कागजों में ही चल रहे हैं। इन सचिवालयों में न तो बिजली है और न ही इंटरनेट कनेक्शन चालू हैं, जिससे ग्रामीणों को इनका लाभ नहीं मिल पा रहा है। वह अब भी तहसील और जिला मुख्यालय के चक्कर काट रहे हैं। बृहस्पतिवार को कुछ ग्राम सचिवालयों की पड़ताल में यह तथ्य सामने आया।
शिकारपुर क्षेत्र के गांव कैलावन में अभी तक ग्राम सचिवालय का संचालन शुरू नहीं हुआ है। गांव चित्सौन में ग्राम सचिवालय बन गया है, लेकिन इसका भी संचालन कभी-कभार होता है। गांव जटपुरा मुकीमपुर में सचिवालय अधूरा पड़ा है। गांव भटौला में बनकर तैयार है और अभी तक शुरू नहीं हुआ। तहसील बुलंदशहर क्षेत्र के गांव मिर्जापुर में सचिवालय तो बन गया, लेकिन यह मानक के अनुरूप नहीं बना है। इसके भवन पर ग्राम सचिवालय लिखा हुआ है, लेकिन जगह बहुत छोटी है। यहां पर एएनएम के बैठने की भी व्यवस्था है। इनमें से किसी में भी न तो बिजली और न ही इंटरनेट कनेक्शन लगा है। ग्रामीणों की सुविधा के लिए खोले गए सचिवालय मात्र अभी दिखावा बनकर रह गए हैं। इस समय स्थिति यह है कि 946 ग्राम पंचायतों में से 702 गांवों के सचिवालय खोले जाने का अफसर दावा कर रहे हैं। 130 पर निर्माण कार्य जारी होने के साथ राशि का अभाव बताया जा रहा है। ग्राम सचिवालय के लिए जमीन न होने वाली 31 ग्राम पंचायतों में से चार गांवों में जगह मिलने की बात कही। 78 सचिवालयों पर ग्राम पंचायत सहायक की नियुक्ति नहीं है। इसकी प्रक्रिया जारी होने की भी अफसर बात कर रहे हैं।
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बोले ग्रामीण
आसपास के कई गांव में सचिवालय बन गए हैं लेकिन हमारे गांव का सचिवालय अभी तक नहीं बना है। यहां पर अभी न तो बिजली कनेक्शन हैं और न ही इंटरनेट की सुविधा है। इस कारण तहसील तक दौड़ लगानी पड़ती है। - धनंजय, गांव कैलावन
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सरकार ने हम लोगों की सुविधा के लिए अच्छी पहल की है लेकिन सरकारी मशीनरी के कारण अभी तक ग्राम सचिवालय शुरू नहीं हो पाया है। ग्रामीणों की समस्या अब भी पहले जैसी बनी हुई हैं। - मुकेेश, गांव भटौला।
ये मिलनी हैं सुविधाएं
ग्राम सचिवालय के संचालन होने पर पिछड़ी जाती प्रमाणपत्र, अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र, रिहायशी प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र, मूल निवास प्रमाणपत्र, जन्म प्रमाणपत्र, मृत्यु प्रमाणपत्र, राशन कार्ड आवेदन, खतौनी, खसरा और सरकारी योजनाओं का लाभ देने के लिए पात्रों के आवेदन भरने आदि की सुविधा मिलनी है।

ये है ग्राम सचिवालयों की स्थिति
कुल ग्राम पंचायत - 946
कुल बनकर तैयार हुए ग्राम सचिवालय - 702
- चल रहा निर्माण कार्य - 130
- सचिवालय के लिए नहीं मिली जमीन - 31
- इन सचिवालयों को संचालित करने का तैयारी - 83
सभी ग्राम सचिवालयों में इंटनरेट के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। बिजली कनेक्शन के लिए भी जल्द गाइड लाइन जारी होगी। कुछ ग्राम पंचायतों में निर्माणाधीन सचिवालयों के लिए राशि की कमी है और सभी ग्राम सचिवालयों को जल्द से जल्द तैयार कर उन्हें संचालित करने का प्रयास किया जा रहा है। जहां सचिवालयों का संचालन शुरू हो गया है, वहां पर ग्रामीणों को सुविधाएं मिलने लगी हैं। - डॉ. प्रीतम सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी।
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