{"_id":"69fcf21dbb7be86c530dc0a9","slug":"government-wheat-soaked-in-rain-lapses-exposed-at-sikandrabad-procurement-center-bulandshahr-news-c-133-1-bul1031-153959-2026-05-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bulandshahar News: बारिश में भीगा सरकारी गेहूं, सिकंदराबाद क्रय केंद्र पर अव्यवस्थाएं उजागर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bulandshahar News: बारिश में भीगा सरकारी गेहूं, सिकंदराबाद क्रय केंद्र पर अव्यवस्थाएं उजागर
विज्ञापन
सिकंदराबाद स्थित क्रय केंद्र पर बारिश से भीगा सरकारी गेहूं। संवाद
सिकंदराबाद। अनाज मंडी स्थित सरकारी गेहूं क्रय केंद्र पर प्रशासनिक लापरवाही के चलते बारिश में कई क्विंटल गेहूं भीग गया। पिछले एक सप्ताह से लगातार हो रही बेमौसम बारिश के बावजूद गेहूं को सुरक्षित रखने के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। इससे किसानों और सरकारी खरीद व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
सिकंदराबाद मंडी में संचालित सरकारी गेहूं खरीद केंद्र पर किसान समर्थन मूल्य पर अपना गेहूं बेचने पहुंच रहे हैं लेकिन केंद्र पर खुले में गेहूं रखा होने के कारण बुधवार रात हुई बारिश में बड़ी मात्रा में गेहूं भीग गया। केंद्र प्रभारी मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि अब तक करीब 2200 क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि खरीदे गए गेहूं को गोदाम में पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है ।
स्थानीय लोगों का कहना है कि केंद्र पर गेहूं रखने के लिए न तो कोई पक्का चबूतरा बनाया गया है और न ही बारिश से बचाव के लिए पर्याप्त तिरपाल या शेड की व्यवस्था की गई है। लगातार हो रही बारिश के बीच प्रशासन द्वारा समय रहते इंतजाम न किए जाने से सरकारी अनाज खराब होने का खतरा बढ़ गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सिकंदराबाद मंडी में संचालित सरकारी गेहूं खरीद केंद्र पर किसान समर्थन मूल्य पर अपना गेहूं बेचने पहुंच रहे हैं लेकिन केंद्र पर खुले में गेहूं रखा होने के कारण बुधवार रात हुई बारिश में बड़ी मात्रा में गेहूं भीग गया। केंद्र प्रभारी मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि अब तक करीब 2200 क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि खरीदे गए गेहूं को गोदाम में पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है ।
विज्ञापन
स्थानीय लोगों का कहना है कि केंद्र पर गेहूं रखने के लिए न तो कोई पक्का चबूतरा बनाया गया है और न ही बारिश से बचाव के लिए पर्याप्त तिरपाल या शेड की व्यवस्था की गई है। लगातार हो रही बारिश के बीच प्रशासन द्वारा समय रहते इंतजाम न किए जाने से सरकारी अनाज खराब होने का खतरा बढ़ गया है।
विज्ञापन