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Bulandshahar News: छात्राएं बनीं एक दिन की बीएसए, तहसीलदार, बीईओ और लेखपाल
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बेसिक शिक्षा अधिकारी बनी छात्रा शिवानी। स्रोत: विभाग
बुलंदशहर/अनूपशहर। मिशन शक्ति विशेष अभियान वर्ष 2025-26 के पांचवें चरण के तहत परिषदीय स्कूलों में विभिन्न गतिविधियां कराई जा रही हैं। इसी क्रम में मंगलवार छात्राओं को एक दिन का बीएसए, तहसीलदार, बीईओ और लेखपाल आदि अधिकारी बनाया गया। अधिकारी बनीं छात्राओं ने विभिन्न पत्रावलियों का अवलोकन किया और जनसंवाद करते हुए कार्यालय व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त किया।
बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. लक्ष्मीकांत पांडे ने बताया कि मिशन शक्ति विशेष अभियान वर्ष 2025-26 के पांचवें चरण के तहत विभिन्न परिषदीय स्कूलों की छात्राओं को एक दिन का अधिकारी बनाया गया। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय ग्रामीण क्षेत्र बुलंदशहर की कक्षा आठ की छात्रा शिवानी को एक दिन का सांकेतिक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बनाया गया। इसी विद्यालय की छात्रा इशिका को सांकेतिक रूप से खंड शिक्षा अधिकारी बनाया गया।
माही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लखावटी का चिकित्सा प्रभारी और दिव्या को एक दिन का सांकेतिक तहसीलदार बनाया गया। ब्लॉक संसाधन केंद्र गुलावठी में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की छात्रा दीपा को खंड शिक्षा अधिकारी बनाया गया। अनूपशहर क्षेत्र में उच्च प्राथमिक विद्यालय मऊ की छात्रा लवी को प्रधानाध्यापक बनाया गया। इसी तरह जिले के अन्य क्षेत्रों के विद्यालयों की छात्राओं को भी एक दिन का अधिकारी बनाया गया।
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डॉ. लक्ष्मी कांत पांडे ने कहा कि मिशन शक्ति के अंतर्गत बालिकाओं को प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपना नारी सशक्तीकरण की दिशा में एक सार्थक कदम है। जब बालिकाएं स्वयं निर्णय लेने की प्रक्रिया का हिस्सा बनती हैं, तब उनमें नेतृत्व की भावना का विकास होता है। इस प्रकार की गतिविधियां न केवल उनके आत्मविश्वास को बढ़ाती हैं बल्कि उनमें दायित्वबोध, अनुशासन और कार्यकुशलता की भावना भी जागृत करती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा विभाग निरंतर प्रयासरत है कि बालिकाएं शिक्षा के साथ-साथ नेतृत्व और सामाजिक सहभागिता के क्षेत्र में भी अपनी विशेष पहचान बना सकें।
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बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. लक्ष्मीकांत पांडे ने बताया कि मिशन शक्ति विशेष अभियान वर्ष 2025-26 के पांचवें चरण के तहत विभिन्न परिषदीय स्कूलों की छात्राओं को एक दिन का अधिकारी बनाया गया। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय ग्रामीण क्षेत्र बुलंदशहर की कक्षा आठ की छात्रा शिवानी को एक दिन का सांकेतिक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बनाया गया। इसी विद्यालय की छात्रा इशिका को सांकेतिक रूप से खंड शिक्षा अधिकारी बनाया गया।
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माही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लखावटी का चिकित्सा प्रभारी और दिव्या को एक दिन का सांकेतिक तहसीलदार बनाया गया। ब्लॉक संसाधन केंद्र गुलावठी में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की छात्रा दीपा को खंड शिक्षा अधिकारी बनाया गया। अनूपशहर क्षेत्र में उच्च प्राथमिक विद्यालय मऊ की छात्रा लवी को प्रधानाध्यापक बनाया गया। इसी तरह जिले के अन्य क्षेत्रों के विद्यालयों की छात्राओं को भी एक दिन का अधिकारी बनाया गया।
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डॉ. लक्ष्मी कांत पांडे ने कहा कि मिशन शक्ति के अंतर्गत बालिकाओं को प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपना नारी सशक्तीकरण की दिशा में एक सार्थक कदम है। जब बालिकाएं स्वयं निर्णय लेने की प्रक्रिया का हिस्सा बनती हैं, तब उनमें नेतृत्व की भावना का विकास होता है। इस प्रकार की गतिविधियां न केवल उनके आत्मविश्वास को बढ़ाती हैं बल्कि उनमें दायित्वबोध, अनुशासन और कार्यकुशलता की भावना भी जागृत करती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा विभाग निरंतर प्रयासरत है कि बालिकाएं शिक्षा के साथ-साथ नेतृत्व और सामाजिक सहभागिता के क्षेत्र में भी अपनी विशेष पहचान बना सकें।