{"_id":"5f2aed668ebc3eabe67b3460","slug":"ganga-clean-plan-hang-up-bulandshahr-news-gbd2032235143","type":"story","status":"publish","title_hn":"अधर में लटकी गंगा को स्वच्छ बनाने की योजना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अधर में लटकी गंगा को स्वच्छ बनाने की योजना
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अधर में लटकी गंगा को स्वच्छ बनाने की योजना
बुलंदशहर। गंगा को स्वच्छ और निर्मल बनाने की योजना जनपद में अधर में लटकी हुई है। बीते साल गंगा किनारे बसे गांवों में सोख्ता गड्ढे और कचरा निस्तारण की योजना बनाई गई थी, ताकि गांव का गंदा पानी और कचरा गंगा में न पहुंचे। अफसरों का दावा है कि गंगा किनारे गांवों में सोख्ता गड्ढे बन गए हैं और शेष कार्य को पूरा करने के लिए शासन से राशि मिलने का इंतजार है।
केंद्र में मोदी सरकार ने वर्ष 2014 में पहली बार नमामि गंगे योजना शुरू की थी। योजना का उद्देश्य गंगा में गिरने वाले नालों को रोकना था। इसी कड़ी में गंगा किनारे बसे गांवों पर फोकस किया गया था। जनपद में गंगा किनारे 32 गांव बसे हैं। इन गांवों में पानी और ठोस अपशिष्ट के निस्तारण की व्यवस्था करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसमें घरों से निकलने वाले गंदे पानी के लिए सोख्ता गड्ढे बनाने के साथ कचरा निस्तारण के लिए योजना बनी थी। यह पहल गत वर्ष शुरू की गई थी। अफसरों का दावा है कि अभी इन गांवों में सोख्ता गड्ढे ही बने हैं। चार गांवों में कचरा निस्तारण के लिए भी गड्ढे बनाए गए हैं। इस कार्य को पूरा करने के लिए सरकार को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था, लेकिन राशि जारी नहीं हुई। ऐसे में जो भी सोख्ता गड्ढे और कचरा निस्तारण के लिए गड्ढे बनाए गए हैं, वह ग्राम पंचायतों को गांव के विकास के लिए प्राप्त हुई राशि से बनाए गए हैं। राशि न मिलने से योजना अधर में लटकी हुई है।
ये हैं गंगा किनारे वाले गांव
गंगा किनारे बसे गांवों में अहार बांगर, अकबरपुर उर्फ बच्चीखेड़ा बांगर, अलामपुर उर्फ तोरई बांगर, फतेहपुर रुह बांगर, हसनपुर बांगर, मोहम्मदपुर बांगर, शेरपुर बांगर, सिरोरा बांगर, अमरनाथ बाबू उर्फ ऊंचागांव बांगर, बदरपुर, भौपतपुर, बिलोना छाप बांगर, ढकनगला, गोकुलपुर खादर, करनवास बांगर, मोहम्मदाबाद उर्फ मढ़ईया हरिद्वार, नोदेई बांगर, नयाबांस बागर, निवाड़ी बांगर, निवाड़ी खादर, राजघाट बांगर, रामघाट बांगर, रेहतुका नगला महाराजपुर, तलवार, उदयगढ़ी बांगर, रवीना कटीरी बांगर, औरंगाबाद ताहरपुर बांगर, बसी बांगर, चांसी, फरीदा बांगर, मवई और रसूलपुर शामिल हैं।
विज्ञापन
गंगा किनारे के सभी गांवों में पंचायत निधि से सोख्ता गड्ढे बन गए हैं। चार गांवों में कचरा निस्तारण के लिए भी गड्ढे बन गए हैं। मेरे कार्यकाल से पहले इस कार्य को पूरा करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। आगे शासन से इस बारे में जो भी आदेश प्राप्त होगा, उसी के आधार पर काम किया जाएगा। - नन्दलाल, जिला पंचायती राज अधिकारी, बुलंदशहर।
विज्ञापन
बुलंदशहर। गंगा को स्वच्छ और निर्मल बनाने की योजना जनपद में अधर में लटकी हुई है। बीते साल गंगा किनारे बसे गांवों में सोख्ता गड्ढे और कचरा निस्तारण की योजना बनाई गई थी, ताकि गांव का गंदा पानी और कचरा गंगा में न पहुंचे। अफसरों का दावा है कि गंगा किनारे गांवों में सोख्ता गड्ढे बन गए हैं और शेष कार्य को पूरा करने के लिए शासन से राशि मिलने का इंतजार है।
केंद्र में मोदी सरकार ने वर्ष 2014 में पहली बार नमामि गंगे योजना शुरू की थी। योजना का उद्देश्य गंगा में गिरने वाले नालों को रोकना था। इसी कड़ी में गंगा किनारे बसे गांवों पर फोकस किया गया था। जनपद में गंगा किनारे 32 गांव बसे हैं। इन गांवों में पानी और ठोस अपशिष्ट के निस्तारण की व्यवस्था करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसमें घरों से निकलने वाले गंदे पानी के लिए सोख्ता गड्ढे बनाने के साथ कचरा निस्तारण के लिए योजना बनी थी। यह पहल गत वर्ष शुरू की गई थी। अफसरों का दावा है कि अभी इन गांवों में सोख्ता गड्ढे ही बने हैं। चार गांवों में कचरा निस्तारण के लिए भी गड्ढे बनाए गए हैं। इस कार्य को पूरा करने के लिए सरकार को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था, लेकिन राशि जारी नहीं हुई। ऐसे में जो भी सोख्ता गड्ढे और कचरा निस्तारण के लिए गड्ढे बनाए गए हैं, वह ग्राम पंचायतों को गांव के विकास के लिए प्राप्त हुई राशि से बनाए गए हैं। राशि न मिलने से योजना अधर में लटकी हुई है।
विज्ञापन
ये हैं गंगा किनारे वाले गांव
गंगा किनारे बसे गांवों में अहार बांगर, अकबरपुर उर्फ बच्चीखेड़ा बांगर, अलामपुर उर्फ तोरई बांगर, फतेहपुर रुह बांगर, हसनपुर बांगर, मोहम्मदपुर बांगर, शेरपुर बांगर, सिरोरा बांगर, अमरनाथ बाबू उर्फ ऊंचागांव बांगर, बदरपुर, भौपतपुर, बिलोना छाप बांगर, ढकनगला, गोकुलपुर खादर, करनवास बांगर, मोहम्मदाबाद उर्फ मढ़ईया हरिद्वार, नोदेई बांगर, नयाबांस बागर, निवाड़ी बांगर, निवाड़ी खादर, राजघाट बांगर, रामघाट बांगर, रेहतुका नगला महाराजपुर, तलवार, उदयगढ़ी बांगर, रवीना कटीरी बांगर, औरंगाबाद ताहरपुर बांगर, बसी बांगर, चांसी, फरीदा बांगर, मवई और रसूलपुर शामिल हैं।
विज्ञापन
गंगा किनारे के सभी गांवों में पंचायत निधि से सोख्ता गड्ढे बन गए हैं। चार गांवों में कचरा निस्तारण के लिए भी गड्ढे बन गए हैं। मेरे कार्यकाल से पहले इस कार्य को पूरा करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। आगे शासन से इस बारे में जो भी आदेश प्राप्त होगा, उसी के आधार पर काम किया जाएगा। - नन्दलाल, जिला पंचायती राज अधिकारी, बुलंदशहर।