फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   froud

सावधान : क्लोन आईडी के जरिये शातिर कर रहे ठगी

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 06 Sep 2021 10:53 PM IST
विज्ञापन
froud
साइबर क्राइम - फोटो : ????? ??????
सावधान : क्लोन आईडी के जरिये शातिर कर रहे ठगी
विज्ञापन

बुलंदशहर। साइबर अपराधी लोगों को ठगने के लिए फेसबुक आईडी का सहारा ले रहे हैं। आईडी को हैक करने के बाद मेसेंजर के माध्यम से मेसेज भेजते हैं। इसमें संबंधित व्यक्ति की बेटी और बेटे या फिर किसी अन्य के अस्पताल में भर्ती होने के बारे में लिखकर मदद मांगते हैं। मेसेज में ही खाता और पेटीएम नंबर भी लिख देते हैं। परिचितों की कई बार मदद करने के चक्कर में लोग धोखाधड़ी का शिकार हो रहे हैं। जिला साइबर सेल में इस तरह के मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पुलिस लोगों को फेसबुक के इस्तेमाल पर सावधानी बरतने की सलाह दे रही है। जनपद के एसएसपी समेत पुलिसकर्मियों और अन्य नेताओं की आईडी का क्लोन बनाकर शातिर ठगी का प्रयास कर चुके हैं।
अस्पताल में भर्ती बच्चे या किसी अन्य की भेजते हैं फोटो
साइबर एक्सपर्ट की माने तो साइबर अपराधी जिस आईडी को हैक करते हैं, या यूं कहें कि जिस व्यक्ति की फर्जी फेसबुक क्लोन आईडी बनाते हैं, पहले उसके दोस्तों से संपर्क कर उन्हें अपनी फ्रेंडलिस्ट में शामिल करते हैं। इसके बाद उसके मेसेंजर के माध्यम से भेजे मेसेज के साथ एक फोटो भी भेजते हैं। फोटो अस्पताल का होता है। इसमें किसी बच्चे को भर्ती दिखाया जाता है। इससे लोग विश्वास कर लेते हैं। मगर, फोटो फर्जी होती है। हाल में इस तरह के कई मामले सामने आए हैं।
विज्ञापन

केस = 1
सिपाही की आईडी हैक कर मांगी मदद
नगर कोतवाली में तैनात एक सिपाही की करीब 20 दिन पहले फेसबुक आईडी हैक कर ली गई। इसके बाद सिपाही के करीब 50 से अधिक दोस्तों के मेसेंजर पर मेसेज भेजे गए। मेसेज में किसी परिचित की तबीयत खराब होने की बात कही गई और फिर लिखा गया कि इसके इलाज के लिए कुछ मदद चाहिए। कुछ दिन में रुपये लौटा देंगे। सिपाही को एक परिचित ने फोन कर दिया। इस पर उन्हें आईडी हैक होने के बारे में पता चला। उन्होंने साइबर सेल में शिकायत की।
विज्ञापन
विज्ञापन

केस = 2
होटल व्यवसायी की आईडी हैक कर मांगे रुपये
सिकंदराबाद निवासी होटल व्यवसायी गोल्डी की भी फेसबुक आईडी करीब एक महीने पहले हैक कर ली गई। दोस्तों से मदद के नाम पर एक हजार से पांच हजार रुपये तक की मदद मांगी। मेसेज में लिखा कि कुछ दिन बाद रुपये लौटा देंगे। पेटीएम और खाते का नंबर भी लिख दिया था। कुछ लोगों ने व्यापारी को कॉल करके हालचाल पूछ लिया। तब उसे आईडी हैक होने के बारे में पता चला।
अंजान लिंक पर न करें क्लिक, फेसबुक को रखें सिक्योर
साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक राजीव गौड़ ने बताया कि फेसबुक पर स्टेप टू वेरीफिकेशन का ऑप्शन ऑन रखें। इससे यदि कोई आईडी हैक करता है तो मोबाइल पर ओटीपी भेजा जाएगा। ओटीपी नहीं पता चलने की वजह से आईडी हैक नहीं हो सकेगी। इसके अलावा फेसबुक संबंधी मोबाइल पर आने वाले अंजान लिंक पर क्लिक न करें। किसी अंजान व्यक्ति को मोबाइल पर आने वाला ओटीपी नहीं बताएं। साथ ही अपनी प्रोफाइल पिक्चर या अन्य फोटो को लॉक कर रखें, जिससे कि उसे कॉपी न किया जा सके।

शातिरों से सावधान रहने की जरूरत
फेसबुक के जरिए ठगी के काफी मामले प्रकाश में आ रहे हैं। साइबर ठग खास तौर पर प्रतिष्ठित लोगों की आईडी हैक करते हैं या उनकी क्लोन आईडी बना लेते हैं, जिसके बाद ठगी की जाती है। इससे लोगों को सावधान रहने की जरूरत है।
- कमलेश बहादुर, एसपी क्राइम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed