फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   Fraudulent claim scheme exposed... compensation petition dismissed.

Bulandshahar News: फर्जी क्लेम के खेल का राजफाश...मुआवजा याचिका खारिज

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 28 Sep 2026 11:32 PM IST
विज्ञापन
बुलंदशहर। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) के पीठासीन अधिकारी राजीव कुमार-तृतीय की अदालत ने फर्जीवाड़े के जरिए दुर्घटना का क्लेम हड़पने की गंभीर साजिश का राजफाश किया है।
विज्ञापन

अधिकरण ने न केवल मुआवजा याचिका खारिज कर दी, बल्कि याचिकाकर्ता के भाई और मामले के विवेचक रिटायर्ड उपनिरीक्षक के खिलाफ सक्षम न्यायालय में लिखित परिवाद दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन

नैथला हसनपुर निवासी सुमित कुमार के भाई सुधीर कुमार ने वर्ष 2015 में एमएसीटी न्यायालय में दावा याचिका दाखिल की थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि 16 दिसंबर 2014 की शाम बुलंदशहर-झाझर रोड पर ट्रक की टक्कर से सुमित का दोस्त अंकित शर्मा मारा गया और सुमित गंभीर रूप से घायल होकर कोमा में चला गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

याचिका में बीमा कंपनी यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी से उपचार खर्च और भविष्य के नुकसान की एवज में भारी भरकम मुआवजा दिलाने की मांग की गई थी। बीमा कंपनी के अधिवक्ता ने पत्रावली पर साक्ष्य पेश करते हुए याचिका को पूरी तरह फर्जी और साजिश करार दिया।
अदालत के संज्ञान में आया कि मूल एफआईआर में घायल के तौर पर सुमित का कोई जिक्र नहीं था। इसके अलावा, अस्पताल में भर्ती कराते समय सुधीर कुमार ने खुद यह लिखवाया था कि सुमित मोटरसाइकिल से जा रहा था और अज्ञात वाहन ने टक्कर मारी।
बाद में क्लेम पाने के इरादे से तत्कालीन विवेचक उपनिरीक्षक रतनवीर सिंह के साथ मिलीभगत करके चार्जशीट में सुमित का नाम जोड़ दिया गया। पीठासीन अधिकारी राजीव कुमार-तृतीय ने फैसले में तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि मोटर वाहन अधिनियम आमजन के हित के लिए है, लेकिन झूठे तथ्य और साठगांठ कर प्रतिकर ऐंठने की प्रवृत्ति लगातार बढ़ रही है।

अदालत ने माना कि सुमित के भाई सुधीर कुमार और विवेचक सेवानिवृत्त एसआई रतनवीर सिंह ने मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचा है। अदालत ने कार्यालय लिपिक को अधिकृत करते हुए दोनों के खिलाफ बीएनएस व बीएनएसएस की संबंधित धाराओं में परिवाद दर्ज कराने का आदेश दिया। एसएसपी बुलंदशहर को भी निर्णय की प्रति भेजने का निर्देश दिया गया, जिससे कि विवेचना अधिकारियों में सजगता और निष्पक्षता लाई जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed