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एम्स में नौकरी लगवाने के नाम पर किसान से 30 लाख की ठगी
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एम्स में नौकरी लगवाने के नाम पर किसान से 30 लाख की ठगी
औरंगाबाद (बुलंदशहर)। एम्स दिल्ली में नौकरी लगवाने के नाम पर किसान विनयपाल से 30 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। ठगों ने फर्जी नियुक्ति पत्र भी दे दिया। विनयपाल जब बेटे और बेटियों को ज्वाइन कराने एम्स पहुंचे तब ठगी की जानकारी हुई। मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मुख्य आरोपी इंद्रराज को मेरठ पुलिस ने दो साल पहले भी फर्जीवाड़े में गिरफ्तार किया था।
गांव पिपाला निवासी विनयपाल सिंह ने एसएसपी को शिकायती पत्र देकर बताया कि बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के गांव रसूलपुर बहलोलपुर निवासी इंद्रराज और उसके बेटे प्रियांशु का उनके घर पर आना जाना था। वर्ष 2018 में इंद्रराज ने उनके एक बेटे और दो बेटियों की एम्स दिल्ली में 30 लाख रुपये में नौकरी लगवाने की बात कही। उन्होंने वर्ष 2020 तक करीब 30 लाख रुपये की रकम दे दी। इसी दौरान कोरोन के कारण लॉकडाउन लग गया। इंद्रराज ने लॉकडाउन खत्म होने के बाद नियुक्ति पत्र आने की बात कही। उन्होंने दबाव बनाया तो इंद्रराज ने फर्जी कागजात तैयार कराकर नियुक्ति पत्र दे दिया। तीनों बच्चे नौकरी ज्वाइन करने एम्स पहुंचे तो उन्हें भगा दिया गया। इसके बाद विनयपाल ने अपनी रकम मांगी। इस पर इंद्रराज ने 14-14 लाख रुपये के दो चेक थमा दिए। दोनों चेक बाउंस हो गए। तीनों बच्चों के मूल दस्तावेज भी इंद्रराज के पास हैं। रकम मांगने पर अब वह जान से मारने की धमकी दे रहा है। पुलिस ने इंद्रराज, उसके बेटे प्रियांशु के साथ ही जहांगीराबाद क्षेत्र के गांव कुरेना निवासी योगेंद्र, अनुज और हापुड़ के सिंभावली निवासी संदीप के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
फर्जीवाड़े में पहले भी जेल जा चुका है इंद्रराज
इंद्रराज को उसके दो साथियों के साथ वर्ष 2020 में मेरठ की मेडिकल थाना पुलिस ने फर्जी नियुक्ति पत्र देने के मामले में गिरफ्तार किया था। उससे असम रायफल, दिल्ली पुलिस, एफसीआई, एमईएस के फर्जी नियुक्ति पत्र, दर्जनभर लोगों की मूल अंक तालिका, खाली व भरे स्टांप पेपर, मुहरें और और करीब 10 बैंकों के खातों की पासबुक ओर चेकबुक बरामद हुई थी।
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संविदा पर नौकरी का झांसा देकर एक लाख ठगे
बुलंदशहर। सरकारी अस्पताल में संविदा पर नौकरी लगवाने का झांसा देकर एक युवक से एक लाख रुपये ठगी का मामला सामने आया है।
मोहल्ला कैलाशपुरी निवासी ललित कुमार ने पुलिस को शिकायत देकर बताया कि उसके दोस्त शुभम चौधरी ने बताया था कि आवास-विकास प्रथम में रहने वाले अनुज कुमार की खुर्जा के सरकारी अस्पताल में अच्छी सांठगांठ है। वह उसकी नौकरी लगवा देगा। अनुज की बातों में आकर उसने आवेदन कर दिया। फरवरी 2022 में 1.05 लाख रुपये ब्याज पर लेकर अनुज को दे दिए। अभी तक उसकी नौकरी नहीं लगी। रुपये मांगने पर अनुज टाल-मटोल कर रहा है। नगर कोतवाली पुलिस ने बताया कि अनुज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। आगे की जांच की जा रही है।
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औरंगाबाद (बुलंदशहर)। एम्स दिल्ली में नौकरी लगवाने के नाम पर किसान विनयपाल से 30 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। ठगों ने फर्जी नियुक्ति पत्र भी दे दिया। विनयपाल जब बेटे और बेटियों को ज्वाइन कराने एम्स पहुंचे तब ठगी की जानकारी हुई। मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मुख्य आरोपी इंद्रराज को मेरठ पुलिस ने दो साल पहले भी फर्जीवाड़े में गिरफ्तार किया था।
गांव पिपाला निवासी विनयपाल सिंह ने एसएसपी को शिकायती पत्र देकर बताया कि बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के गांव रसूलपुर बहलोलपुर निवासी इंद्रराज और उसके बेटे प्रियांशु का उनके घर पर आना जाना था। वर्ष 2018 में इंद्रराज ने उनके एक बेटे और दो बेटियों की एम्स दिल्ली में 30 लाख रुपये में नौकरी लगवाने की बात कही। उन्होंने वर्ष 2020 तक करीब 30 लाख रुपये की रकम दे दी। इसी दौरान कोरोन के कारण लॉकडाउन लग गया। इंद्रराज ने लॉकडाउन खत्म होने के बाद नियुक्ति पत्र आने की बात कही। उन्होंने दबाव बनाया तो इंद्रराज ने फर्जी कागजात तैयार कराकर नियुक्ति पत्र दे दिया। तीनों बच्चे नौकरी ज्वाइन करने एम्स पहुंचे तो उन्हें भगा दिया गया। इसके बाद विनयपाल ने अपनी रकम मांगी। इस पर इंद्रराज ने 14-14 लाख रुपये के दो चेक थमा दिए। दोनों चेक बाउंस हो गए। तीनों बच्चों के मूल दस्तावेज भी इंद्रराज के पास हैं। रकम मांगने पर अब वह जान से मारने की धमकी दे रहा है। पुलिस ने इंद्रराज, उसके बेटे प्रियांशु के साथ ही जहांगीराबाद क्षेत्र के गांव कुरेना निवासी योगेंद्र, अनुज और हापुड़ के सिंभावली निवासी संदीप के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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फर्जीवाड़े में पहले भी जेल जा चुका है इंद्रराज
इंद्रराज को उसके दो साथियों के साथ वर्ष 2020 में मेरठ की मेडिकल थाना पुलिस ने फर्जी नियुक्ति पत्र देने के मामले में गिरफ्तार किया था। उससे असम रायफल, दिल्ली पुलिस, एफसीआई, एमईएस के फर्जी नियुक्ति पत्र, दर्जनभर लोगों की मूल अंक तालिका, खाली व भरे स्टांप पेपर, मुहरें और और करीब 10 बैंकों के खातों की पासबुक ओर चेकबुक बरामद हुई थी।
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संविदा पर नौकरी का झांसा देकर एक लाख ठगे
बुलंदशहर। सरकारी अस्पताल में संविदा पर नौकरी लगवाने का झांसा देकर एक युवक से एक लाख रुपये ठगी का मामला सामने आया है।
मोहल्ला कैलाशपुरी निवासी ललित कुमार ने पुलिस को शिकायत देकर बताया कि उसके दोस्त शुभम चौधरी ने बताया था कि आवास-विकास प्रथम में रहने वाले अनुज कुमार की खुर्जा के सरकारी अस्पताल में अच्छी सांठगांठ है। वह उसकी नौकरी लगवा देगा। अनुज की बातों में आकर उसने आवेदन कर दिया। फरवरी 2022 में 1.05 लाख रुपये ब्याज पर लेकर अनुज को दे दिए। अभी तक उसकी नौकरी नहीं लगी। रुपये मांगने पर अनुज टाल-मटोल कर रहा है। नगर कोतवाली पुलिस ने बताया कि अनुज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। आगे की जांच की जा रही है।