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एफआईआर से नाम निकलवाने के नाम पर 4.5 लाख की ठगी
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एफआईआर से नाम निकलवाने के नाम पर 4.5 लाख की ठगी
बुलंदशहर। दहेज उत्पीड़न और हत्या के मामले में दर्ज रिपोर्ट से नाम निकलवाने के नाम पर साढ़े चार लाख की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित ने एसएसपी को शिकायत देकर तीन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
एसएसपी को शिकायत देकर खेतलपुर भांसौली निवासी पीड़ित शुकर मोहम्मद ने बताया कि उसके पुत्र की शादी रेशमा के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही दोनों के बीच में अनबन रहती थी। 27 जुलाई को रेशमा ने घर के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। रेशमा के परिजनों ने दहेज उत्पीड़न एवं हत्या का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप है कि रिश्तेदार दानिश, आबिद और हनीफ उनके पास आए और कहने लगे कि एक नेता से अच्छी जान पहचान है। साथ ही विवेचना अधिकारी से नेता के पारिवारिक संबंध हैं। रिपोर्ट से नाम निकलवाने के मामले में आरोपियों ने चार लाख 53 हजार रुपये ले लिए। घर में इतनी धनराशि न होने पर आभूषण बेचकर आरोपियों को तीन बार में रुपये दिए थे। इसी बीच पुलिस ने जांच के आधार पर स्वयं ही हत्या के मामले में आत्महत्या को तब्दील कर दिया। जब विवेचना अधिकारी से इस संबंध में जानकारी की तो पता चला कि पुलिस ने बिना रुपये लिए ही साक्ष्यों के आधार पर यह कार्रवाई की। अब मामले में पीड़ित ने एसएसपी को शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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बुलंदशहर। दहेज उत्पीड़न और हत्या के मामले में दर्ज रिपोर्ट से नाम निकलवाने के नाम पर साढ़े चार लाख की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित ने एसएसपी को शिकायत देकर तीन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
एसएसपी को शिकायत देकर खेतलपुर भांसौली निवासी पीड़ित शुकर मोहम्मद ने बताया कि उसके पुत्र की शादी रेशमा के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही दोनों के बीच में अनबन रहती थी। 27 जुलाई को रेशमा ने घर के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। रेशमा के परिजनों ने दहेज उत्पीड़न एवं हत्या का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप है कि रिश्तेदार दानिश, आबिद और हनीफ उनके पास आए और कहने लगे कि एक नेता से अच्छी जान पहचान है। साथ ही विवेचना अधिकारी से नेता के पारिवारिक संबंध हैं। रिपोर्ट से नाम निकलवाने के मामले में आरोपियों ने चार लाख 53 हजार रुपये ले लिए। घर में इतनी धनराशि न होने पर आभूषण बेचकर आरोपियों को तीन बार में रुपये दिए थे। इसी बीच पुलिस ने जांच के आधार पर स्वयं ही हत्या के मामले में आत्महत्या को तब्दील कर दिया। जब विवेचना अधिकारी से इस संबंध में जानकारी की तो पता चला कि पुलिस ने बिना रुपये लिए ही साक्ष्यों के आधार पर यह कार्रवाई की। अब मामले में पीड़ित ने एसएसपी को शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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