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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   For not appearing, the sub-inspector's salary was first deducted, then he was taken into judicial custody

Bulandshahar News: पेश न होने पर उपनिरीक्षक की पहले तनख्वाह कटी, फिर न्यायिक अभिरक्षा में लिए गए

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 26 Jun 2025 10:37 PM IST
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बुलंदशहर। न्यायिक प्रक्रिया में पुलिस का ढुलमुल रवैया मुकदमों को फैसले तक पहुंचाने में रोड़ा बन रहा है। ऐसा ही एक मामला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में सामने आया है। धोखाधड़ी के एक मुकदमे में विवेचक उपनिरीक्षक के बार-बार तारीख पर न आने पर सीजेेएम सुनील कुमार त्रिपाठी ने कड़ा रुख अपनाया। लगातार 11 तारीख पर नहीं आने पर उनके तनख्वाह से पहले 50 रुपये काटने के आदेश दिए, 12वीं तारीख में उपनिरीक्षक पहुंचे तो न्यायालय ने न्यायिक अभिरक्षा में ले लिया।
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नगर कोतवाली में वर्ष 2019 में दर्ज हुआ धोखाधड़ी का मुकदमा सरकार बनाम सविता मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां विचाराधीन है। मुकदमे की विवेचना तत्कालीन नगर कोतवाली में तैनात रहे उपनिरीक्षक अनुराग सिंह ने की थी। मामला गवाही में आने पर विवेचक उपनिरीक्षक अनुराग सिंह को न्यायालय के समक्ष गवाही के लिए आना था। मई माह में इस मामले में 11 बार तारीख लगी, लेकिन विवेचक गवाही के लिए उपस्थित नहीं हुए।
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आदेशों की मूल प्रतियां थाना कोतवाली नगर से वर्तमान में आगरा कमिश्नरेट के खंडोली में तैनात उपनिरीक्षक अनुराग सिंह को भेजी गई थी। अभियोजन अधिकारी ने फोन पर भी उन्हें जानकारी दी थी। इस न्यायालय ने सख्त नाराजगी जताते हुए इस कृत्य को घोर आपत्तिजनक और न्यायालय की अवमानना की श्रेणी में माना था। न्यायालय ने आगरा के अधिकारियों को उपनिरीक्षक अनुराग सिंह के मई माह के वेतन से 50 रुपये काटकर राजकीय कोष में जमा कराने के आदेश दिए थे।
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12वीं तारीख पर 24 जून को उपनिरीक्षक अनुराग सिंह न्यायालय में गवाही के लिए प्रस्तुत हुए। न्यायालय ने पत्रावली का अवलोकन कर कहा कि विवेचक अनुराग सिंह एनबीडब्ल्यू व धारा 350 दंड प्रक्रिया संहिता के नोटिस भेजे जाने के बाद भी न्यायालय में उपस्थित नहीं हो रहे थे। इस पर न्यायालय ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में ले लिया। उपनिरीक्षक करीब दो घंटे तक न्यायिक अभिरक्षा में रहे। बाद में न्यायालय ने साक्षी उपनिरीक्षक का साक्ष्य पूर्ण होने और माफीनामा देने पर उनके एनबीडब्ल्यू निरस्त किए।
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