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पिछले तीन दिन से लगातार बढ़ रहा गंगा का जलस्तर
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बाढ़ग्रस्त गंगा
- फोटो : BULANDSHAHR
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पिछले तीन दिन से लगातार बढ़ रहा गंगा का जलस्तर
नरोरा। पहाड़ी क्षेत्र में हो रही बरसात के कारण गंगा नदी के जलस्तर में पिछले तीन दिन से लगातार वृद्धि हो रही है। बैराज पर मंगलवार को जलस्तर मीडियम फ्लड की श्रेणी पर पहुंचने के साथ ही जल स्तर स्थिर बना हुआ है।
सिंचाई विभाग के जल लेखा सहायक देवेश कुमार ने बताया कि बैराज पर कुल पानी की आवक एक लाख 41 हजार 104 क्यूसेक प्रति सेकंड हो रही है। बैराज से निकली एलजीसी व पीएलजीसी नहरों में पानी की निकासी के बाद गंगा नदी की डाउन स्ट्रीम में एक लाख 27 हजार 260 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। बैराज पर ढाई लाख क्यूसेक पानी पहुंचने पर नदी खतरे के निशान पर होती है। जबकि सोमवार को बैराज पर कुल पानी की आवक 121755 क्यूसेक प्रति सेकेंड हो रही थी। नरौरा हेडवर्क्स के एसडीओ अंकित सिंह ने बताया कि जलस्तर में वृद्धि होने के साथ जल स्थिर बना हुआ है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष हरिद्वार व बिजनौर बैराज से गंगा नदी में छोड़े जा रहे जल पर निरंतर नजर बनाए हुए है।
बाढ़ग्रस्त गंगा में घटा एक फुट जलस्तर
अनूपशहर। कस्बे के प्रमुख स्नानघाट बबस्टरगंज की सीढ़ियां दो दिन पूर्व बढ़ते हुए जलस्तर के कारण जलमगभन हो गई थीं। आरती स्थल पर भी पानी आ गया था। जिससे नियमित स्थान से हटकर आरती करनी पड़ रही थी। गंगा किनारे के गांवों के जंगल व खेतों में भी पानी आ जाने से ईख व ज्वार और बाजरे की चारे की हजारों बीघा फसल भी जलमगभन होने से किसानों व पशुपालकों को बेहद दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार रात से जलस्तर में करीब एक फुट की कमी दर्ज की गई है। जिससे जाह्नवीद्वार आरती स्थल से बाढ़ का पानी गंगा में वापस चला गया है। गंगा के बाढ़ग्रस्त होने से नाविकों को भी रोजी रोटी का संकट खड़ा हो रहा है। अनूपशहर क्षेत्र में मंगलवार व बुधवार को भी बारिश होने से जनजीवन प्रभावित रहा है। प्रशासन बाढ़ के हालातों पर नजर रखे हुए है।
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नरोरा। पहाड़ी क्षेत्र में हो रही बरसात के कारण गंगा नदी के जलस्तर में पिछले तीन दिन से लगातार वृद्धि हो रही है। बैराज पर मंगलवार को जलस्तर मीडियम फ्लड की श्रेणी पर पहुंचने के साथ ही जल स्तर स्थिर बना हुआ है।
सिंचाई विभाग के जल लेखा सहायक देवेश कुमार ने बताया कि बैराज पर कुल पानी की आवक एक लाख 41 हजार 104 क्यूसेक प्रति सेकंड हो रही है। बैराज से निकली एलजीसी व पीएलजीसी नहरों में पानी की निकासी के बाद गंगा नदी की डाउन स्ट्रीम में एक लाख 27 हजार 260 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। बैराज पर ढाई लाख क्यूसेक पानी पहुंचने पर नदी खतरे के निशान पर होती है। जबकि सोमवार को बैराज पर कुल पानी की आवक 121755 क्यूसेक प्रति सेकेंड हो रही थी। नरौरा हेडवर्क्स के एसडीओ अंकित सिंह ने बताया कि जलस्तर में वृद्धि होने के साथ जल स्थिर बना हुआ है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष हरिद्वार व बिजनौर बैराज से गंगा नदी में छोड़े जा रहे जल पर निरंतर नजर बनाए हुए है।
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बाढ़ग्रस्त गंगा में घटा एक फुट जलस्तर
अनूपशहर। कस्बे के प्रमुख स्नानघाट बबस्टरगंज की सीढ़ियां दो दिन पूर्व बढ़ते हुए जलस्तर के कारण जलमगभन हो गई थीं। आरती स्थल पर भी पानी आ गया था। जिससे नियमित स्थान से हटकर आरती करनी पड़ रही थी। गंगा किनारे के गांवों के जंगल व खेतों में भी पानी आ जाने से ईख व ज्वार और बाजरे की चारे की हजारों बीघा फसल भी जलमगभन होने से किसानों व पशुपालकों को बेहद दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार रात से जलस्तर में करीब एक फुट की कमी दर्ज की गई है। जिससे जाह्नवीद्वार आरती स्थल से बाढ़ का पानी गंगा में वापस चला गया है। गंगा के बाढ़ग्रस्त होने से नाविकों को भी रोजी रोटी का संकट खड़ा हो रहा है। अनूपशहर क्षेत्र में मंगलवार व बुधवार को भी बारिश होने से जनजीवन प्रभावित रहा है। प्रशासन बाढ़ के हालातों पर नजर रखे हुए है।
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