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राशन डीलर्स पर एफआईआर
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Thu, 01 Jun 2017 12:52 AM IST
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एफआईआर
- फोटो : अमर उजाला
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राशन का वितरण नहीं करने पर तीन राशन डीलर्स पर एफआईआर दर्ज हो गई है। इसके साथ ही 13 दुकानें कैंसल और आठ दुकानों को सस्पेंड कर दिया गया है। इन दुकानदारों पर अनियमितताएं बरतने और राशन कार्ड धारकों से अभद्रता करने के भी आरोप लगाए गए हैं। यह कार्रवाई, मिली शिकायतों के बाद हुई जांच के बाद की गई है।
डीएसओ केबी सिंह ने बताया कि जून माह में राशन का वितरण हुआ। राशन कार्ड धारकों की शिकायत मिली कि उन्हें राशन नहीं बांटा जा रहा है। राशन मांगने पर राशन डीलर्स अभद्रता कर रहे हैं। शिकायतों की जब जांच करवाई गई तो सही पाई गई। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि राशन डीलर्स ने राशन में गोलमाल भी किया है।
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इसे गंभीरता से लेते हुए स्याना क्षेत्र के गांव घंसूरपुर, सिकंदरबाद के गांव फरीदपुर और डिबाई क्षेत्र के गांव बिलौना रूप के राशन डीलर के खिलाफ संबंधित क्षेत्र के थानों में आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा के तहत एफआईआर दर्ज करवा दी गई है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर अपनी जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही जिले की 13 दुकानों को कैंसल और आठ दुकानों को सस्पेंड किया गया है।
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विभाग की इस कार्रवाई से राशन डीलर्स में हड़कंप मचा हुआ है। डीएसओ की चेतावनी है कि पात्रों के राशन में गोलमाल नहीं होने दिया जाएगा। शिकायत मिलने पर जांच के बाद विभागीय कार्रवाई होगी।
गौरतलब है कि राशन वितरण को लेकर विभाग सहित जिला प्रशासन काफी सख्त है।
बावजूद इसके राशन डीलर्स राशन बांटने में आनाकानी करने के साथ अनियमितताएं बरत रहे हैं। यह उस स्थिति में है, जबकि दुकान पर राशन पहुंचने पर उसका विभाग सत्यापन कराता है।
अब नहीं ले सकेंगे फर्जी लोग राशन
राशन के फर्जीवाड़े को रोकने के लिए अब कस्बे में भी राशन डीलर के यहां फिंगर प्रिंट मशीन लग गई है। जो परिवार पिछले कई वर्षों से बाहर रह रहे हैं, ऐसे लोगों का राशन कोई फर्जी तरीके से नहीं ले सकेगा। सरकार ने राशन में हो रहे फर्जीवाड़े को रोकने के लिए यह व्यवस्था शुरू की है।
कस्बे में चार राशन डीलर हैं। अनेक ऐसे परिवार हैं जो वर्षों से बाहर रहे हैं लेकिन उनका राशन लेने के लिए कोई न कोई कार्ड लेकर आता रहा है। इसी वितरण को लेकर अक्सर उपभोक्ता और राशन डीलर के बीच कहासुनी होती है। राशन डीलर हरवीर सिंह ने बताया कि इस बार राशन डीलर को फिंगर प्रिंट मशीन दी गई हैं।
सभी उपभोक्ताओं के आधार कार्ड पहले ही लिंक हो चुके हैं। अब मशीन पर कार्ड धारक के फिंगर प्रिंट लगेंगे। फिंगर प्रिंट मैच होने पर ही आगे की प्रक्रिया होगी। इससे राशन का सही वितरण होने की जानकारी भी रहेगी।
राशन के बोरों पर नहीं लग रही डीएम की मुहर
जहांगीराबाद (ब्यूरो)। तमाम प्रयास के बावजूद तहसील क्षेत्र में राशन की कालाबाजारी रुकने का नाम नहीं ले रही है। विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते राशन के गेहूं, चावल व चीनी की कालाबाजारी दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। तहसील क्षेत्र में राशन की 250 दुकानें हैं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के कार्ड धारकों को हर माह पांच किग्रा गेहूं-चावल दिया जाता है।
प्रति यूनिट के हिसाब से साढ़े सात सौ ग्राम चीनी मिलती है। पिछले दिनों कालाबाजारी रोकने के लिए शासन ने सभी सरकारी बोरों पर डीएम की मुहर लगाना अनिवार्य कर दिया था। इससे खुले बाजार में बिकने जा रहे बोरों की जल्द पकड़ हो सकती है, लेकिन पिछले कई माह से राशन व चीनी के बोरों पर मुहर नहीं लग रही है।
इसके अलावा राशन वितरण की तिथियों में पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में राशन व चीनी का वितरण होने का नियम है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों की अधिकांश दुकानों में पर्यवेक्षक नहीं पहुंचते हैं। इसका फायदा दुकानदार उठाते हैं और खाद्यान्न को खुले बाजार में बेच देते हैं। इस बाबत एसडीएम हिमांशु गौतम का कहना है कि समय-समय पर कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाती है। जल्द ही अभियान चलाया जाएगा।