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सर्जन, बाल और चर्म रोग विशेषज्ञ कर रहे बुखार का उपचार
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सर्जन, बाल और चर्म रोग विशेषज्ञ कर रहे बुखार का उपचार
बुलंदशहर। जिला अस्पताल में वायरल बुखार के मरीज बढ़ने के कारण उपचार का संकट आ गया है। एक फिजीशियन होने के कारण बुखार के मरीजों का उपचार सर्जन, बाल रोग विशेषज्ञ, चर्म रोग विशेषज्ञ और वरिष्ट परामर्शदाता कर रहे हैं। स्थिति यह है कि अकेले जिला अस्पताल में प्रतिदिन 1500 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इसमें 400 से अधिक मरीज बुखार के होते हैं। अस्पताल में फिजीशियन का एक पद काफी समय से खाली चल रहा है।
पिछले काफी समय से वायरल बुखार का प्रकोप जिले में बढ़ता जा रहा है। गांव-गांव घर-घर बुखार से पीड़ितों की खाट बिछी हुई है तो लोगों को सरकारी चिकित्सालय में सुविधा का लाभ न मिल पाने पर मजबूरन झोलाछाप से उपचार कराना पड़ रहा है। झोलाछाप से उपचार कराने के दौरान अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, नगर समेत जिलेभर से बुखार से पीड़ित लोग जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। लोगों की भीड़ बढ़ने पर अस्पताल में फिजीशियन के साथ-साथ अन्य विशेषज्ञों की कमी भी खल रही है। अस्पताल में फिलहाल एक ही फिजीशियन होने पर मरीजों को इलाज कराने के लिए घंटों लाइन में लगकर इंतजार करना पड़ता है। वहीं, समय न होने पर मरीज अन्य विशेषज्ञ के पास पहुंचकर परामर्श ले रहे हैं। बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 1547 मरीजों ने पंजीकरण कराकर प्राथमिक उपचार कराया। इनमें 434 मरीज बुखार के शामिल रहे। जबकि अन्य मरीज चर्म रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, आंख संबंधी समस्या, कुत्ता काटने के बाद एआरवी लगवाने वाले, बाल रोग विशेषज्ञ आदि के शामिल रहे।
बुखार से तपते बच्चे को करवाया दो घंटे इंतजार
एक तरफ जहां सीएमओ द्वारा वायरल बुखार से पीड़ित मरीजों के उपचार करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, स्टाफ को जानकारी दिए जाने के बाद भी घंटों इंतजार करवाया जा रहा है। बुधवार को सदर तहसील क्षेत्र गांव ढकौली निवासी 18 दिन के बच्चे अदनाम बुखार से पीड़ित होने पर परिजन दोपहर करीब एक बजे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां पर छोटे बच्चों का चिकित्सक न होने पर इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक द्वारा महिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी। महिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में स्टाफ द्वारा चिकित्सक न होने की बात कहते हुए चार बजे के बाद आने को कहा। दो घंटे इंतजार करने के बाद परिजन बुखार से तप रहे बच्चे को लेकर सीएमओ कार्यालय पहुंचे और बच्चे को जल्द से जल्द इलाज दिलवाने की गुहार लगाई।
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बोले लोग
मैं अस्पताल में बुखार की दवा लेने के लिए गया था, लेकिन फिजीशियन के पास ज्यादा भीड़ थी। दो घंटे लाइन में लगने के बाद भी नंबर नहीं आया। बाद में अन्य विशेषज्ञ को दिखाकर दवा लेकर चला आया। - राजेश कुमार
पिछले कई दिनों से बुखार की समस्या से ग्रस्त हूं। अस्पताल में दूसरे दिन दवा लेने आया हूं, लेकिन ढाई घंटे लाइन में लगने के बाद नंबर नहीं आया। मजबूरी में दूसरे चिकित्सक से बुखार की दवा लेकर वापस चला आया। अस्पताल प्रशासन को चिकित्सक की व्यवस्था करनी चाहिए। - अंकित
जिला अस्पताल में रिक्त चल रहे फिजीशियन के पद पर नियुक्ति के लिए शासन को कई बार पत्र लिखा गया है। उम्मीद है जल्द ही अस्पताल को चिकित्सक मिल जाएगा। महिला अस्पताल में बच्चे का स्वास्थ्य बिगड़ने के बावजूद तत्काल न देखने का मामला गंभीर है। सीएमएस को फोन कॉल कर तत्काल बच्चे को दिखाने के निर्देश दिया गया। इसकी जांच करवाई जाएगी। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ
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बुलंदशहर। जिला अस्पताल में वायरल बुखार के मरीज बढ़ने के कारण उपचार का संकट आ गया है। एक फिजीशियन होने के कारण बुखार के मरीजों का उपचार सर्जन, बाल रोग विशेषज्ञ, चर्म रोग विशेषज्ञ और वरिष्ट परामर्शदाता कर रहे हैं। स्थिति यह है कि अकेले जिला अस्पताल में प्रतिदिन 1500 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इसमें 400 से अधिक मरीज बुखार के होते हैं। अस्पताल में फिजीशियन का एक पद काफी समय से खाली चल रहा है।
पिछले काफी समय से वायरल बुखार का प्रकोप जिले में बढ़ता जा रहा है। गांव-गांव घर-घर बुखार से पीड़ितों की खाट बिछी हुई है तो लोगों को सरकारी चिकित्सालय में सुविधा का लाभ न मिल पाने पर मजबूरन झोलाछाप से उपचार कराना पड़ रहा है। झोलाछाप से उपचार कराने के दौरान अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, नगर समेत जिलेभर से बुखार से पीड़ित लोग जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। लोगों की भीड़ बढ़ने पर अस्पताल में फिजीशियन के साथ-साथ अन्य विशेषज्ञों की कमी भी खल रही है। अस्पताल में फिलहाल एक ही फिजीशियन होने पर मरीजों को इलाज कराने के लिए घंटों लाइन में लगकर इंतजार करना पड़ता है। वहीं, समय न होने पर मरीज अन्य विशेषज्ञ के पास पहुंचकर परामर्श ले रहे हैं। बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 1547 मरीजों ने पंजीकरण कराकर प्राथमिक उपचार कराया। इनमें 434 मरीज बुखार के शामिल रहे। जबकि अन्य मरीज चर्म रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, आंख संबंधी समस्या, कुत्ता काटने के बाद एआरवी लगवाने वाले, बाल रोग विशेषज्ञ आदि के शामिल रहे।
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बुखार से तपते बच्चे को करवाया दो घंटे इंतजार
एक तरफ जहां सीएमओ द्वारा वायरल बुखार से पीड़ित मरीजों के उपचार करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, स्टाफ को जानकारी दिए जाने के बाद भी घंटों इंतजार करवाया जा रहा है। बुधवार को सदर तहसील क्षेत्र गांव ढकौली निवासी 18 दिन के बच्चे अदनाम बुखार से पीड़ित होने पर परिजन दोपहर करीब एक बजे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां पर छोटे बच्चों का चिकित्सक न होने पर इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक द्वारा महिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी। महिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में स्टाफ द्वारा चिकित्सक न होने की बात कहते हुए चार बजे के बाद आने को कहा। दो घंटे इंतजार करने के बाद परिजन बुखार से तप रहे बच्चे को लेकर सीएमओ कार्यालय पहुंचे और बच्चे को जल्द से जल्द इलाज दिलवाने की गुहार लगाई।
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मैं अस्पताल में बुखार की दवा लेने के लिए गया था, लेकिन फिजीशियन के पास ज्यादा भीड़ थी। दो घंटे लाइन में लगने के बाद भी नंबर नहीं आया। बाद में अन्य विशेषज्ञ को दिखाकर दवा लेकर चला आया। - राजेश कुमार
पिछले कई दिनों से बुखार की समस्या से ग्रस्त हूं। अस्पताल में दूसरे दिन दवा लेने आया हूं, लेकिन ढाई घंटे लाइन में लगने के बाद नंबर नहीं आया। मजबूरी में दूसरे चिकित्सक से बुखार की दवा लेकर वापस चला आया। अस्पताल प्रशासन को चिकित्सक की व्यवस्था करनी चाहिए। - अंकित
जिला अस्पताल में रिक्त चल रहे फिजीशियन के पद पर नियुक्ति के लिए शासन को कई बार पत्र लिखा गया है। उम्मीद है जल्द ही अस्पताल को चिकित्सक मिल जाएगा। महिला अस्पताल में बच्चे का स्वास्थ्य बिगड़ने के बावजूद तत्काल न देखने का मामला गंभीर है। सीएमएस को फोन कॉल कर तत्काल बच्चे को दिखाने के निर्देश दिया गया। इसकी जांच करवाई जाएगी। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ