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बुखार के आए 316 मरीज, फिजीशियन मिले ही नहीं
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जिला अस्पताल में चिकित्सक कक्ष के बाहर लगी मरीजों की लाइन।
- फोटो : BULANDSHAHR
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बुखार के आए 316 मरीज, फिजीशियन मिले ही नहीं
बुलंदशहर। जिला अस्पताल विशेषज्ञों की कमी से जूझ रहा है। वहीं जो तैनात हैं वे भी अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे हैं। मंगलवार को एक फिजीशियन के न होने पर दूसरे फिजीशियन भी ओपीडी से गायब रहे। फिजीशियन के न मिलने पर मरीजों ने सीएमएस से शिकायत की। मंगलवार को ओपीडी में 1330 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। इनमें से 316 मरीज बुखार से पीड़ित थे।
जिला अस्पताल में चिकित्सकों के 30 पद हैं। इनमें 14 पद काफी समय से खाली चल रहे हैं और करीब छह चिकित्सकों की ड्यूटी अन्य कार्यों में लगी हुई है। ओपीडी में वायरल बुखार के चलते मरीजों की लंबी कतार लगी रहती है, इसके बावजूद अस्पताल में तैनात दो फिजीशियन में से कोई भी फिजीशियन निर्धारित समय पर नहंी मिलता है। इससे मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है और मजबूरन ओपीडी में अन्य चिकित्सक से परामर्श लेना पड़ता है। मंगलवार को एक फिजीशियन का कक्ष बंद मिला तो दूसरा अपने कक्ष से नदारद मिले। उनके कक्ष के बाहर मरीज इंतजार करते रहे। मरीजों का कहना है कि सुबह पहले लाइन में लगकर पंजीकरण के लिए इंतजार किया। इसके बाद चिकित्सक को दिखाने के लिए लाइन में लगे। लेकिन फिजीशियन कुछ समय के लिए कक्ष में बैठे और फिर टहलने निकल गए। उन्होंने टुकड़ों-टुकड़ों में कुल पांच या छह मरीजों को ही देखा। दोपहर 12.30 बजे से कक्ष छोड़कर चले गए और 40 मिनट बाद भी नहीं लौटे। चिकित्सक के न आने पर सीएमएस से शिकायत की गई।
ईएमओ की कमी के चलते लगानी पड़ रही ड्यूटी
जिला अस्पताल में चार पद के सापेक्ष महज एक ईएमओ ही तैनात है, जबकि, खुर्जा से अटैच किए गए दो ईएमओ ने ज्वाइन ही नहीं किया। इसके चलते अस्पताल में तैनात अन्य चिकित्सकों को समय-समय पर ईएमओ की जिम्मेदारी निभानी पड़ रही है। दो दिन पूर्व ईएमओ के लिए कोई भी चिकित्सक न मिलने पर स्वयं सीएमएस को ईएमओ की ड्यूटी करनी पड़ी।
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बोले मरीज
30 मिनट से चिकित्सक के आने का इंतजार कर रही हूं। पांच मिनट में आने का कहकर गए, लेकिन अभी तक नहीं आए। कई लोग इंतजार कर लौट गए। - बबली
जब से लाइन में लगी तो कई बार चिकित्सक कक्ष से बाहर आते-जाते रहे। ऐसे चिकित्सक को तैनाती नहीं देनी चाहिए जो मरीज को ठीक से देख भी नहीं सके। - नूरा रानी
कोट
मंगलवार को ओपीडी में 1330 मरीजों ने पंजीकरण करा परामर्श लिया। कक्ष में चिकित्सकों के न होने की कुछ मरीजों ने शिकायत की। एक फिजीशियन नाइट ड्यूटी के कारण मंगलवार को अवकाश पर रहे, दूसरे फिजीशियन के न होने के मामले की जांच कराई जाएगी। - डॉ. राजीव प्रसाद, सीएमएस
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बुलंदशहर। जिला अस्पताल विशेषज्ञों की कमी से जूझ रहा है। वहीं जो तैनात हैं वे भी अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे हैं। मंगलवार को एक फिजीशियन के न होने पर दूसरे फिजीशियन भी ओपीडी से गायब रहे। फिजीशियन के न मिलने पर मरीजों ने सीएमएस से शिकायत की। मंगलवार को ओपीडी में 1330 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। इनमें से 316 मरीज बुखार से पीड़ित थे।
जिला अस्पताल में चिकित्सकों के 30 पद हैं। इनमें 14 पद काफी समय से खाली चल रहे हैं और करीब छह चिकित्सकों की ड्यूटी अन्य कार्यों में लगी हुई है। ओपीडी में वायरल बुखार के चलते मरीजों की लंबी कतार लगी रहती है, इसके बावजूद अस्पताल में तैनात दो फिजीशियन में से कोई भी फिजीशियन निर्धारित समय पर नहंी मिलता है। इससे मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है और मजबूरन ओपीडी में अन्य चिकित्सक से परामर्श लेना पड़ता है। मंगलवार को एक फिजीशियन का कक्ष बंद मिला तो दूसरा अपने कक्ष से नदारद मिले। उनके कक्ष के बाहर मरीज इंतजार करते रहे। मरीजों का कहना है कि सुबह पहले लाइन में लगकर पंजीकरण के लिए इंतजार किया। इसके बाद चिकित्सक को दिखाने के लिए लाइन में लगे। लेकिन फिजीशियन कुछ समय के लिए कक्ष में बैठे और फिर टहलने निकल गए। उन्होंने टुकड़ों-टुकड़ों में कुल पांच या छह मरीजों को ही देखा। दोपहर 12.30 बजे से कक्ष छोड़कर चले गए और 40 मिनट बाद भी नहीं लौटे। चिकित्सक के न आने पर सीएमएस से शिकायत की गई।
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ईएमओ की कमी के चलते लगानी पड़ रही ड्यूटी
जिला अस्पताल में चार पद के सापेक्ष महज एक ईएमओ ही तैनात है, जबकि, खुर्जा से अटैच किए गए दो ईएमओ ने ज्वाइन ही नहीं किया। इसके चलते अस्पताल में तैनात अन्य चिकित्सकों को समय-समय पर ईएमओ की जिम्मेदारी निभानी पड़ रही है। दो दिन पूर्व ईएमओ के लिए कोई भी चिकित्सक न मिलने पर स्वयं सीएमएस को ईएमओ की ड्यूटी करनी पड़ी।
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बोले मरीज
30 मिनट से चिकित्सक के आने का इंतजार कर रही हूं। पांच मिनट में आने का कहकर गए, लेकिन अभी तक नहीं आए। कई लोग इंतजार कर लौट गए। - बबली
जब से लाइन में लगी तो कई बार चिकित्सक कक्ष से बाहर आते-जाते रहे। ऐसे चिकित्सक को तैनाती नहीं देनी चाहिए जो मरीज को ठीक से देख भी नहीं सके। - नूरा रानी
कोट
मंगलवार को ओपीडी में 1330 मरीजों ने पंजीकरण करा परामर्श लिया। कक्ष में चिकित्सकों के न होने की कुछ मरीजों ने शिकायत की। एक फिजीशियन नाइट ड्यूटी के कारण मंगलवार को अवकाश पर रहे, दूसरे फिजीशियन के न होने के मामले की जांच कराई जाएगी। - डॉ. राजीव प्रसाद, सीएमएस