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Bulandshahar News: दशहरा पर्व पर भी किसानों ने दिया धरना, कहा-हकों के लिए लड़ते रहेंगे
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साहिबाबाद। ग्राम कनावनी के किसानों का गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना 67वें दिन भी जारी रहा। दशहरे के पर्व पर भी किसानों ने अपने घरों में त्योहार मनाने के बजाय धरना स्थल पर रहकर अधिकारों की लड़ाई जारी रखी।
धरने पर किसानों ने कहा कि उनकी पुश्तैनी जमीन पर अधिकार सुरक्षित हों और खसरा-खतौनी में उनके नाम चढ़ाए जाए। जब तक उनकी यह मांगें पूरी नहीं होतीं, संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि दो महीने से अधिक समय बीतने के बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। हाईकोर्ट ने जीडीए और प्रशासनिक अधिकारियों को अवमानना मामले में तलब किया था। इसके बावजूद न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं हो रहा है। प्राधिकरण अवार्ड की प्रक्रिया की तैयारी कर रहा है। इससे भी किसानों में नाराजगी है। किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि वह अपने हकाें के लिए लड़ते रहेंगे और उनकी एकजुटता कम नहीं होगी। अब आसपास के गांवों, किसान संगठनों और सामाजिक प्रतिनिधियों को साथ जोड़कर आंदोलन को व्यापक बनाया जाएगा। किसानों ने कहा कि त्योहार आते रहेंगे, लेकिन अपनी जमीन और अधिकारों की लड़ाई नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द समाधान नहीं किया, तो वे अगले चरण की घोषणा करेंगे।
धरने पर किसानों ने कहा कि उनकी पुश्तैनी जमीन पर अधिकार सुरक्षित हों और खसरा-खतौनी में उनके नाम चढ़ाए जाए। जब तक उनकी यह मांगें पूरी नहीं होतीं, संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि दो महीने से अधिक समय बीतने के बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। हाईकोर्ट ने जीडीए और प्रशासनिक अधिकारियों को अवमानना मामले में तलब किया था। इसके बावजूद न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं हो रहा है। प्राधिकरण अवार्ड की प्रक्रिया की तैयारी कर रहा है। इससे भी किसानों में नाराजगी है। किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि वह अपने हकाें के लिए लड़ते रहेंगे और उनकी एकजुटता कम नहीं होगी। अब आसपास के गांवों, किसान संगठनों और सामाजिक प्रतिनिधियों को साथ जोड़कर आंदोलन को व्यापक बनाया जाएगा। किसानों ने कहा कि त्योहार आते रहेंगे, लेकिन अपनी जमीन और अधिकारों की लड़ाई नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द समाधान नहीं किया, तो वे अगले चरण की घोषणा करेंगे।
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