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Bulandshahar News: छत पर सोए किसान की हत्या, घुटने के ऊपर कटा था पैर, सिर को भारी वस्तु से कूचा
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बुलंदशहर शिकारपुर से मृतक किसान लालाराम का फाइल फोटो।
शिकारपुर। कोतवाली क्षेत्र के गांव नरेंद्रपुर रनाइच में बुधवार रात मकान की छत पर सोए 50 वर्षीय किसान लालाराम की हत्या कर दी गई। हत्यारों ने किसान की दाहिनी टांग घुटने के ऊपर से काट दी। सुबह उनका क्षत-विक्षत शव घर के बाहर रास्ते में पड़ा मिला।
चौंकाने वाली बात यह है कि किसान का शव बाहर मिला, जबकि मकान की छत पर सोए हुए थे और नीचे कमरों के दरवाजे पर खून के ताजे धब्बे पाए गए। इससे पूरी वारदात के पीछे किसी नजदीकी का हाथ होने का अंदेशा गहरा रहा है।
वारदात की सूचना मिलते ही एसएसपी दिनेश कुमार सिंह, एसपी देहात अंतरिक्ष जैन समेत भारी पुलिसबल मौके पर पहुंचा और परिवार के लोगों से जानकारी लेने के साथ ही जांच-पड़ताल की। फोरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच कर साक्ष्य जुटाए।
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नरेंद्रपुर रनाइच निवासी लालाराम प्रजापति सीधे-सादे व्यक्ति थे। उनके पास करीब 18 बीघा जमीन है और वे खेती कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। वह समारोह में हलवाई का कार्य भी करते थे। बेटे मोहित ने बताया कि बुधवार रात वह खाना खाने के बाद मकान की छत पर सोने चले गए थे।
उनकी मां और भाभी अपने-अपने कमरे में सोई थीं। वह कमरे के बाहर बरामदे में सोए हुए थे। उनकी 14 वर्षीय बहन हिमांशी रिश्तेदारी में गई हुई थी। बताया कि उनके बड़े भाई गौरव ने फार्मेसी का कोर्स किया हुआ है और वह नोएडा में मेडिकल स्टोर पर नौकरी करते हैं।
गांव निवासी हरीशचंद ने बताया कि बृहस्पतिवार की सुबह करीब 4:30 बजे वह पशुओं को चारा डालने के लिए घेर में जा रहे थे। उन्होंने लालाराम के शव को उनके घर के बाहर लहूलुहान हालत में पड़ा देखा। उनकी घुटने के ऊपर से टांग कटी हुई थी। इसके बाद उन्होंने पड़ोसियों और परिवार के लोगों को जानकारी दी, जिसके चलते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
अज्ञात हत्यारों ने किसान लालाराम के सिर और चेहरे पर किसी भारी व धारदार हथियार से ताबड़तोड़ प्रहार किए थे, जिससे उनके चेहरे और सिर में चोट के गहरे निशान थे।
कमरों में खून के धब्बों ने उलझाई कत्ल की गुत्थी
वारदात की सूचना पर एसएसपी दिनेश कुमार सिंह, एसपी देहात अंतरिक्ष कुमार जैन, सीओ प्रमोद कुमार सिंह और कोतवाली प्रभारी पुलिस टीम के साथ गांव पहुंचे। पुलिस ने जब मकान की तलाशी ली, तो मामला पूरी तरह संदिग्ध नजर आया। फील्ड यूनिट फॉरेंसिक टीम को घर के कमरों के फर्श की जांच के दौरान खून के धब्बों के निशान मिले। घर में रखे वाइपर पर भी खून के निशान मिले हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि लालाराम छत पर सो रहे थे, तो उनका शव गली में कैसे पहुंचा और मकान के बंद कमरों में खून कैसे पहुंचा? क्या किसान का कत्ल कमरे के भीतर कर शव को बाहर फेंका गया, या छत पर वारदात को अंजाम देकर घसीटते हुए नीचे लाया गया?
नीचे सो रहे परिजनों को इतनी बड़ी वारदात की भनक तक न लगना भी पुलिस के गले नहीं उतर रहा है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कमरे के फर्श को धोया गया है।
गांव में किसी से रंजिश नहीं, करीबी रडार पर
पुलिस अब अवैध संबंध, पारिवारिक संपत्ति विवाद और आपसी कलह समेत तमाम कोणों पर गहराई से पड़ताल कर रही है। घर के सदस्यों और कुछ नजदीकियों से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है।
रात में ही ससुराल से लौटे थे लालाराम
माेहित ने बताया कि उनके पिता की ससुराल में कथा थी। मंगलवार को वह ससुराल में कथा में खाना बनाने के लिए गए थे। बुधवार की शाम करीब पांच बजे वह ससुराल से वापस घर लौटे थे। बेटे ने बताया कि मामा के यहां से लौटने के बाद पिता शाम को खाना खाने के बाद मकान की छत पर सोने के लिए चले गए थे।
पुलिस का बयान:
घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया गया है। फील्ड यूनिट ने मौके से खून के नमूने और फिंगरप्रिंट जुटाए हैं। मकान के अंदर कमरों में भी खून के निशान मिले हैं, जो घटना को संदिग्ध बना रहे हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों और संदिग्धों से पूछताछ चल रही है। सर्विलांस और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही पूरे मामले का पर्दाफाश कर आरोपियों को जेल भेजा जाएगा।
— अंतरिक्ष कुमार जैन, एसपी देहात, बुलंदशहर
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चौंकाने वाली बात यह है कि किसान का शव बाहर मिला, जबकि मकान की छत पर सोए हुए थे और नीचे कमरों के दरवाजे पर खून के ताजे धब्बे पाए गए। इससे पूरी वारदात के पीछे किसी नजदीकी का हाथ होने का अंदेशा गहरा रहा है।
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वारदात की सूचना मिलते ही एसएसपी दिनेश कुमार सिंह, एसपी देहात अंतरिक्ष जैन समेत भारी पुलिसबल मौके पर पहुंचा और परिवार के लोगों से जानकारी लेने के साथ ही जांच-पड़ताल की। फोरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच कर साक्ष्य जुटाए।
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नरेंद्रपुर रनाइच निवासी लालाराम प्रजापति सीधे-सादे व्यक्ति थे। उनके पास करीब 18 बीघा जमीन है और वे खेती कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। वह समारोह में हलवाई का कार्य भी करते थे। बेटे मोहित ने बताया कि बुधवार रात वह खाना खाने के बाद मकान की छत पर सोने चले गए थे।
उनकी मां और भाभी अपने-अपने कमरे में सोई थीं। वह कमरे के बाहर बरामदे में सोए हुए थे। उनकी 14 वर्षीय बहन हिमांशी रिश्तेदारी में गई हुई थी। बताया कि उनके बड़े भाई गौरव ने फार्मेसी का कोर्स किया हुआ है और वह नोएडा में मेडिकल स्टोर पर नौकरी करते हैं।
गांव निवासी हरीशचंद ने बताया कि बृहस्पतिवार की सुबह करीब 4:30 बजे वह पशुओं को चारा डालने के लिए घेर में जा रहे थे। उन्होंने लालाराम के शव को उनके घर के बाहर लहूलुहान हालत में पड़ा देखा। उनकी घुटने के ऊपर से टांग कटी हुई थी। इसके बाद उन्होंने पड़ोसियों और परिवार के लोगों को जानकारी दी, जिसके चलते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
अज्ञात हत्यारों ने किसान लालाराम के सिर और चेहरे पर किसी भारी व धारदार हथियार से ताबड़तोड़ प्रहार किए थे, जिससे उनके चेहरे और सिर में चोट के गहरे निशान थे।
कमरों में खून के धब्बों ने उलझाई कत्ल की गुत्थी
वारदात की सूचना पर एसएसपी दिनेश कुमार सिंह, एसपी देहात अंतरिक्ष कुमार जैन, सीओ प्रमोद कुमार सिंह और कोतवाली प्रभारी पुलिस टीम के साथ गांव पहुंचे। पुलिस ने जब मकान की तलाशी ली, तो मामला पूरी तरह संदिग्ध नजर आया। फील्ड यूनिट फॉरेंसिक टीम को घर के कमरों के फर्श की जांच के दौरान खून के धब्बों के निशान मिले। घर में रखे वाइपर पर भी खून के निशान मिले हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि लालाराम छत पर सो रहे थे, तो उनका शव गली में कैसे पहुंचा और मकान के बंद कमरों में खून कैसे पहुंचा? क्या किसान का कत्ल कमरे के भीतर कर शव को बाहर फेंका गया, या छत पर वारदात को अंजाम देकर घसीटते हुए नीचे लाया गया?
नीचे सो रहे परिजनों को इतनी बड़ी वारदात की भनक तक न लगना भी पुलिस के गले नहीं उतर रहा है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कमरे के फर्श को धोया गया है।
गांव में किसी से रंजिश नहीं, करीबी रडार पर
पुलिस अब अवैध संबंध, पारिवारिक संपत्ति विवाद और आपसी कलह समेत तमाम कोणों पर गहराई से पड़ताल कर रही है। घर के सदस्यों और कुछ नजदीकियों से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है।
रात में ही ससुराल से लौटे थे लालाराम
माेहित ने बताया कि उनके पिता की ससुराल में कथा थी। मंगलवार को वह ससुराल में कथा में खाना बनाने के लिए गए थे। बुधवार की शाम करीब पांच बजे वह ससुराल से वापस घर लौटे थे। बेटे ने बताया कि मामा के यहां से लौटने के बाद पिता शाम को खाना खाने के बाद मकान की छत पर सोने के लिए चले गए थे।
पुलिस का बयान:
घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया गया है। फील्ड यूनिट ने मौके से खून के नमूने और फिंगरप्रिंट जुटाए हैं। मकान के अंदर कमरों में भी खून के निशान मिले हैं, जो घटना को संदिग्ध बना रहे हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों और संदिग्धों से पूछताछ चल रही है। सर्विलांस और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही पूरे मामले का पर्दाफाश कर आरोपियों को जेल भेजा जाएगा।
— अंतरिक्ष कुमार जैन, एसपी देहात, बुलंदशहर

बुलंदशहर शिकारपुर से मृतक किसान लालाराम का फाइल फोटो।