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जहांगीराबाद में किसानों और पुलिस में नोकझोंक, दिल्ली जाने से रोकने पर हंगामा
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जहांगीराबाद में दिल्ली कूच करते व नारेबाजी करते किसान।
- फोटो : BULANDSHAHR
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जहांगीराबाद में किसानों और पुलिस में नोकझोंक, दिल्ली जाने से रोकने पर हंगामा
जहांगीराबाद। कोतवाली क्षेत्र की ग्यारह मील पुलिस चौकी क्षेत्र के गांव रौंडा में बैरिकेडिंग कर पुलिस ने बिबियाना क्षेत्र से दिल्ली आंदोलन में शामिल होने जा रहे भाकियू महाशक्ति गुट के ट्रैक्टर सवार किसानों के जत्थे को रोक लिया। इस पर किसानों ने जमकर हंगामा करना शुरू कर दिया। किसानों के रुख को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने आला अधिकारियों को सूचित किया तो कई थानों की फोर्स, एसपी देहात, एसपी क्राइम व कई सीओ मौके पर पहुंच गए। देर शाम तक किसान अनूपशहर-बुलंदशहर मुख्य मार्ग पर धरने पर बैठे रहे।
भाकियू महाशक्ति गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर धर्मेंद्र सिंह के नेतृत्व में करीब दो दर्जन किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों व अन्य वाहनों में भरकर क्षेत्र के बिबियाना से दिल्ली किसान आंदोलन में शामिल होने जा रहे थे। ट्रैक्टर सवार इन किसानों को जहांगीराबाद पुलिस ने पहले इधिंयार गांव, कोतवाली के सामने व 11 मील चौकी क्षेत्र पर रोकने का प्रयास किया लेकिन किसानों ने सभी अवरोध को पार कर लिया। इसी बीच अन्य कई थानों की पुलिस भी आ गई और इन किसानों को 11 मील चौकी क्षेत्र के गांव रौंडा पर सुबह 11 बजे रोक लिया। पुलिस का आरोप है कि इन किसानों ने बैरिकेडिंगों को तोड़ दिया था। जबकि किसानों का आरोप है कि दिल्ली किसान न जाएं इसके लिए उन्होंने पूरी तरह तानाशाही रवैया अपनाते हुए उनके वाहनों को जबरन रोक लिया। प्रशासन के गलत व्यवहार के चलते किसान गुस्से में आ गए और प्रदेश व केंद्र की सरकारों के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए अनूपशहर-बुलंदशहर मुख्य मार्ग पर ही धरने पर बैठ गए। किसानों के धरने की सूचना जैसे ही स्थानीय किसानों को लगी तो सैकड़ों की संख्या में स्थानीय किसान भी धरने पर पहुंच गए। इसी बीच कई थानों की पुलिस, एसपी क्राइम, एसडीएम पदम सिंह, एसपी देहात हरेंद्र कुमार व कई सर्किलों के सीओ भी मौके पर पहुंच गए। इन सभी ने किसानों को समझाने का काफी प्रयास किया लेकिन किसान दिल्ली जाने की मांग पर अड़े रहे। धरना दे रहे किसानों में राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह के अलावा जगत सिंह, संजय शर्मा, चेतन शर्मा, हितेश चौधरी, नसीम, ब्रजपाल सिंह व वीरेंद्र लोधी आदि प्रमुख रहे।
पुलिस ने किया रूट डायवर्ट
किसानों के रुख को देखते हुए इस मार्ग पर लंबा जाम लग गया। बार-बार समझाने के बाद भी जब किसान नहीं मानें तो प्रशासन ने दोनों ओर के वाहनों का अलग-अलग रूट डायवर्ट किया। बुलंदशहर से आने व जाने वाले सभी वाहनों को वाया औरंगाबाद और शिकारपुर होकर निकाला गया।
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किसानों ने 11 मील चौकी पर लगाई गई बैरिकेडिंग को तोड़ दिया जिस पर किसानों को रोका गया है, दिल्ली न जाने का भी अनुरोध किया गया लेकिन किसान नहीं मान रहे। - रमाकांत यादव, कोतवाली प्रभारी जहांगीराबाद
बैरिकेडिंग तोड़ने के आरोप निराधार हैं। किसान शांतिपूर्ण ढंग से दिल्ली जा रहे थे लेकिन जहांगीराबाद पुलिस ने हठधर्मिता अपनाते हुए उनको कई बार रोकने का प्रयास किया। किसान अपनी मांग पर अडिग हैं और मांग पूरी होने तक यहीं धरना देंगे।
- ठाकुर धर्मेंद्र सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष भाकियू महाशक्ति
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जहांगीराबाद। कोतवाली क्षेत्र की ग्यारह मील पुलिस चौकी क्षेत्र के गांव रौंडा में बैरिकेडिंग कर पुलिस ने बिबियाना क्षेत्र से दिल्ली आंदोलन में शामिल होने जा रहे भाकियू महाशक्ति गुट के ट्रैक्टर सवार किसानों के जत्थे को रोक लिया। इस पर किसानों ने जमकर हंगामा करना शुरू कर दिया। किसानों के रुख को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने आला अधिकारियों को सूचित किया तो कई थानों की फोर्स, एसपी देहात, एसपी क्राइम व कई सीओ मौके पर पहुंच गए। देर शाम तक किसान अनूपशहर-बुलंदशहर मुख्य मार्ग पर धरने पर बैठे रहे।
भाकियू महाशक्ति गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर धर्मेंद्र सिंह के नेतृत्व में करीब दो दर्जन किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों व अन्य वाहनों में भरकर क्षेत्र के बिबियाना से दिल्ली किसान आंदोलन में शामिल होने जा रहे थे। ट्रैक्टर सवार इन किसानों को जहांगीराबाद पुलिस ने पहले इधिंयार गांव, कोतवाली के सामने व 11 मील चौकी क्षेत्र पर रोकने का प्रयास किया लेकिन किसानों ने सभी अवरोध को पार कर लिया। इसी बीच अन्य कई थानों की पुलिस भी आ गई और इन किसानों को 11 मील चौकी क्षेत्र के गांव रौंडा पर सुबह 11 बजे रोक लिया। पुलिस का आरोप है कि इन किसानों ने बैरिकेडिंगों को तोड़ दिया था। जबकि किसानों का आरोप है कि दिल्ली किसान न जाएं इसके लिए उन्होंने पूरी तरह तानाशाही रवैया अपनाते हुए उनके वाहनों को जबरन रोक लिया। प्रशासन के गलत व्यवहार के चलते किसान गुस्से में आ गए और प्रदेश व केंद्र की सरकारों के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए अनूपशहर-बुलंदशहर मुख्य मार्ग पर ही धरने पर बैठ गए। किसानों के धरने की सूचना जैसे ही स्थानीय किसानों को लगी तो सैकड़ों की संख्या में स्थानीय किसान भी धरने पर पहुंच गए। इसी बीच कई थानों की पुलिस, एसपी क्राइम, एसडीएम पदम सिंह, एसपी देहात हरेंद्र कुमार व कई सर्किलों के सीओ भी मौके पर पहुंच गए। इन सभी ने किसानों को समझाने का काफी प्रयास किया लेकिन किसान दिल्ली जाने की मांग पर अड़े रहे। धरना दे रहे किसानों में राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह के अलावा जगत सिंह, संजय शर्मा, चेतन शर्मा, हितेश चौधरी, नसीम, ब्रजपाल सिंह व वीरेंद्र लोधी आदि प्रमुख रहे।
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पुलिस ने किया रूट डायवर्ट
किसानों के रुख को देखते हुए इस मार्ग पर लंबा जाम लग गया। बार-बार समझाने के बाद भी जब किसान नहीं मानें तो प्रशासन ने दोनों ओर के वाहनों का अलग-अलग रूट डायवर्ट किया। बुलंदशहर से आने व जाने वाले सभी वाहनों को वाया औरंगाबाद और शिकारपुर होकर निकाला गया।
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किसानों ने 11 मील चौकी पर लगाई गई बैरिकेडिंग को तोड़ दिया जिस पर किसानों को रोका गया है, दिल्ली न जाने का भी अनुरोध किया गया लेकिन किसान नहीं मान रहे। - रमाकांत यादव, कोतवाली प्रभारी जहांगीराबाद
बैरिकेडिंग तोड़ने के आरोप निराधार हैं। किसान शांतिपूर्ण ढंग से दिल्ली जा रहे थे लेकिन जहांगीराबाद पुलिस ने हठधर्मिता अपनाते हुए उनको कई बार रोकने का प्रयास किया। किसान अपनी मांग पर अडिग हैं और मांग पूरी होने तक यहीं धरना देंगे।
- ठाकुर धर्मेंद्र सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष भाकियू महाशक्ति