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आलू का निकला दम, किसान परेशान
अमर उजाला ब्यूरो/बुलंदशहर
Updated Tue, 06 Dec 2016 11:31 PM IST
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आलू
- फोटो : ब्यूरो
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नोटबंदी ने आलू किसानों की नींद उड़ा दी है। एक माह के भीतर आलू का रेट 800 रुपये से घटकर महज 100 रुपये क्विंटल रह गया है। हालात इतने बदतर हैं कि किसानों को आलू बेचने के बाद कोल्ड स्टोर का किराया और ट्रांसपोर्टेशन चार्ज तक नहीं निकल पा रहा है। ऐसे में काश्तकारों ने कोल्ड स्टोर से आलू की निकासी बंद कर दी है।
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आलू के रेट धड़ाम होने से यहां 50 हजार से अधिक किसान प्रभावित हैं। गत् रबी सीजन में 7200 हेक्टेयर क्षेत्र में आलू की फसल बोई गई थी। फसल की खुदाई के बाद जनपद के 28 कोल्ड स्टोर्स में 1.35 लाख मीट्रिक टन आलू भंडारण किया गया था। एक माह पहले तक आलू का दाम 800-850 रुपये क्विंटल था।
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किसान कहीं न कहीं इससे सुंतष्ट भी दिख रहा था । नोटबंदी के बाद एकाएक रेट धड़ाम होने से किसानों को कोल्ड स्टोर का किराया भी घर से चुकाना पड़ रहा है। कई किसानों ने कोल्ड स्टोर के प्रबंधकों से कह दिया है कि आलू बेचकर किराए में एडजस्ट कर लें। वे किसानों पर आलू की निकासी के लिए दबाव भी बना रहे हैं।
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20 फीसदी आलू कोल्ड स्टोर में भंडारित
जनपद के 28 कोल्ड स्टोर्स में 1.35 लाख मीट्रिक टन आलू किसानों ने कर्ज लेकर भंडारित किया था। 30 हजार मीट्रिक टन आलू अभी भी कोल्ट स्टोरों में भंडारित हैं। दरअसल किसानों ने अधिक मूल्य के चक्कर में आलू को नहीं बेचा।
यही कदम किसानों के लिए घातक साबित हुआ। अकसर दिसंबर आते-आते आलू का रेट ऊपर पहुंच जाता है। इसी उम्मीद के साथ किसानों ने आलू को कोल्ड स्टोर से नहीं निकाला।
कोल्ड स्टोर मालिक बना रहे दबाव
आलू निकालने के लिए कोल्ड स्टोर मालिक किसानों पर दबाव बना रहे हैं। ऐसे में किसानों की परेशानी कई गुना बढ़ गई है कि आखिर वह क्या करें।
आलू का रेट नोटबंदी के कारण एकाएक गिरा है। किसानों को इतना भी मूल्य नहीं मिल रहा है कि वह कोल्ड स्टोर और ट्रांस्पोर्टेशन का चार्ज भी चुका सके। -हाजी अख्तर, फल और सब्जी के आढ़ती
आलू का रेट महज 100 रुपये क्विंटल रह गया है। दरअसल किसानों ने अधिक मुनाफे के चक्कर में आलू को अंतिम समय तक रोके रखा। - एसके गुप्ता, डीएचओ बुलंदशहर