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Bulandshahar News: झमाझम बारिश से खिले किसानों के चेहरे
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नरौरा गंगा बैराज पर बढ़ा गंगा नदी का जलस्तर।
बुलंदशहर। झमाझम बारिश के साथ सोमवार को प्री-मानसून ने दस्तक दी। तापमान में गिरावट होने के साथ ही मौसम खुशनुमा रहा। बारिश अच्छी होने पर किसानों के चेहरे भी खिल गए। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्री-मानसून की बारिश के बाद मानसून की बारिश जल्द आने की संभावना जताई है।
पिछले कई दिन से बादल छाने के साथ धूप-छांव का खेल चल रहा था। इस बीच कहीं अधिक तो कहीं बारिश बूंदाबांदी तक सीमित रही। कई बार अच्छी बारिश हाेने की संभावना बनी। इस बीच उमस ने भी लोगों को बेहाल कर रखा था लेकिन सोमवार को हुई झमाझम बारिश ने उमस कम कर दी तो इससे तापमान भी कम हो गया। मानसून की पहली बारिश अच्छी होने पर किसानों ने भी खुशी जताई है क्योंकि अब उन्हें सब्जी फसल में सिंचाई करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इसके साथ ही धान की पौध लगाने वाले किसानों को पलेवा की आवश्यकता नहीं पड़ेगी जबकि मक्का, पशुओं के लिए चारा सहित अन्य फसलों की बुवाई का कार्य भी शुरू हो जाएगा। किसानों के लिए यह बहुत ही लाभकारी है। इससे अब उनके जोताई, बरसात की फसलों को बोवाई सहित अन्य कार्य चालू हो जाएंगे। बारिश का बच्चों के साथ बड़ों ने भी खूब लुत्फ उठाया। बारिश होने से अधिकतम तापमान कम होकर 30 डिग्री पर पहुंच गया। न्यूनतम तापमान 27 डिग्री दर्ज किया गया। आर्द्रता 76 और हवा की गति आठ किलोमीटर प्रति घंटा रही।
कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डाॅ. रामानंद पटेल ने बताया कि यह मानसून की बारिश है। बारिश से सबसे अधिक फायदा किसानों को हुआ है। किसानों को अब फसलों को पानी देने और धान की रोपाई करने में आ रही परेशानी दूर होगी। मंगलवार को अधिकतम तापमान 30 और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
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बबस्टर गंज घाट की सीढि़यों तक पहुंचा पानी
अनूपशहर। पहाड़ों पर हो रही बारिश के चलते गंगा के जलस्तर में जबरदस्त इजाफा हुआ है। इससे करीब पांच फीट जलस्तर में इजाफा होने से जल विहीन हो चुके घाटों की सीढि़यां भी जलमग्र हो गई हैं। गंगा के जलस्तर में अभी लगातार बढ़ोतरी जारी है। जाह्नीद्वार आरती स्थल से गंगा अब करीब एक फुट नीचे बह रही है। इसी तरह जलस्तर बढ़ता रहा तो रात तक आरती स्थल पर गंगा का पानी पहुंचने की संभावना है। कांवड़ मेला के दौरान अब गंगा के घाटों पर आ जाने से कांवड़ लेने आने वाले श्रद्धालुओं को अब गंगा जल किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा।
नरौरा गंगा बैराज पर 24 घंटे में 50 हजार क्यूसेक पानी बढ़ा
नरौरा। गंगा नदी के जल स्तर में बीते 25 घंटे में 50 हजार क्यूसेक पानी की वृद्धि दर्ज की गई है। जलस्तर में वृद्धि के साथ नरौरा गंगा बैराज पर ओर्डिनरी फ्लड प्रारंभ हो गया है। नरौरा बैराज के वरिष्ठ जल लेखा सहायक देवेश कुमार ने बताया कि गंगा बैराज पर सोमवार की शाम चार बजे कुल पानी की आवक 60195 क्यूसेक प्रति सेकेंड दर्ज की गई। बैराज से नदी की डाउन स्ट्रीम में कुल 48653 क्यूसेक पानी प्रति सेकेंड निकासी की जा रही है। बैराज से निकली एलजीसी नहर में 7978 और पीएलजीसी नहर में 3564 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। जबकि दोपहर में कुल पानी की आवक 46462 क्यूसेक व डाउन स्ट्रीम में निकासी 35320 क्यूसेक की जा रही थी।
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पिछले कई दिन से बादल छाने के साथ धूप-छांव का खेल चल रहा था। इस बीच कहीं अधिक तो कहीं बारिश बूंदाबांदी तक सीमित रही। कई बार अच्छी बारिश हाेने की संभावना बनी। इस बीच उमस ने भी लोगों को बेहाल कर रखा था लेकिन सोमवार को हुई झमाझम बारिश ने उमस कम कर दी तो इससे तापमान भी कम हो गया। मानसून की पहली बारिश अच्छी होने पर किसानों ने भी खुशी जताई है क्योंकि अब उन्हें सब्जी फसल में सिंचाई करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इसके साथ ही धान की पौध लगाने वाले किसानों को पलेवा की आवश्यकता नहीं पड़ेगी जबकि मक्का, पशुओं के लिए चारा सहित अन्य फसलों की बुवाई का कार्य भी शुरू हो जाएगा। किसानों के लिए यह बहुत ही लाभकारी है। इससे अब उनके जोताई, बरसात की फसलों को बोवाई सहित अन्य कार्य चालू हो जाएंगे। बारिश का बच्चों के साथ बड़ों ने भी खूब लुत्फ उठाया। बारिश होने से अधिकतम तापमान कम होकर 30 डिग्री पर पहुंच गया। न्यूनतम तापमान 27 डिग्री दर्ज किया गया। आर्द्रता 76 और हवा की गति आठ किलोमीटर प्रति घंटा रही।
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कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डाॅ. रामानंद पटेल ने बताया कि यह मानसून की बारिश है। बारिश से सबसे अधिक फायदा किसानों को हुआ है। किसानों को अब फसलों को पानी देने और धान की रोपाई करने में आ रही परेशानी दूर होगी। मंगलवार को अधिकतम तापमान 30 और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
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बबस्टर गंज घाट की सीढि़यों तक पहुंचा पानी
अनूपशहर। पहाड़ों पर हो रही बारिश के चलते गंगा के जलस्तर में जबरदस्त इजाफा हुआ है। इससे करीब पांच फीट जलस्तर में इजाफा होने से जल विहीन हो चुके घाटों की सीढि़यां भी जलमग्र हो गई हैं। गंगा के जलस्तर में अभी लगातार बढ़ोतरी जारी है। जाह्नीद्वार आरती स्थल से गंगा अब करीब एक फुट नीचे बह रही है। इसी तरह जलस्तर बढ़ता रहा तो रात तक आरती स्थल पर गंगा का पानी पहुंचने की संभावना है। कांवड़ मेला के दौरान अब गंगा के घाटों पर आ जाने से कांवड़ लेने आने वाले श्रद्धालुओं को अब गंगा जल किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा।
नरौरा गंगा बैराज पर 24 घंटे में 50 हजार क्यूसेक पानी बढ़ा
नरौरा। गंगा नदी के जल स्तर में बीते 25 घंटे में 50 हजार क्यूसेक पानी की वृद्धि दर्ज की गई है। जलस्तर में वृद्धि के साथ नरौरा गंगा बैराज पर ओर्डिनरी फ्लड प्रारंभ हो गया है। नरौरा बैराज के वरिष्ठ जल लेखा सहायक देवेश कुमार ने बताया कि गंगा बैराज पर सोमवार की शाम चार बजे कुल पानी की आवक 60195 क्यूसेक प्रति सेकेंड दर्ज की गई। बैराज से नदी की डाउन स्ट्रीम में कुल 48653 क्यूसेक पानी प्रति सेकेंड निकासी की जा रही है। बैराज से निकली एलजीसी नहर में 7978 और पीएलजीसी नहर में 3564 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। जबकि दोपहर में कुल पानी की आवक 46462 क्यूसेक व डाउन स्ट्रीम में निकासी 35320 क्यूसेक की जा रही थी।