{"_id":"6ad2906962cca014000e5687","slug":"erosion-continues-along-the-ganga-over-50-bighas-of-sugarcane-crops-submerged-farmers-concerned-bulandshahr-news-c-133-1-bul1002-168481-2026-10-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bulandshahar News: गंगा में कटान जारी, 50 बीघा से अधिक ईख की फसल जलमग्न, किसान चिंतित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bulandshahar News: गंगा में कटान जारी, 50 बीघा से अधिक ईख की फसल जलमग्न, किसान चिंतित
विज्ञापन
अहार-नरसेना क्षेत्र में कटान के चलते गंगा में समा रही खेत की जमीन। संवाद
नरसेना/अहार। गंगा नदी में कटान का सिलसिला लगातार जारी है। मढ़ैया माली के पास गंगा की धारा जिले की सीमा की ओर बढ़ रही है। इससे किसानों की जमीन और ईख की फसल गंगा में समा रही है, जिससे वे चिंतित हैं।
अब तक 50 बीघा से अधिक ईख की फसल कटान की भेंट चढ़ चुकी है। फतेहपुर गुर्जर निवासी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि पुल बनने के बाद गंगा की धारा का रुख बदल गया है। इससे कटान में वृद्धि हुई है और किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। पिछले दिनों गंगा का जलस्तर बढ़ने पर भी सैकड़ों बीघा जमीन, फसल और पेड़ नदी में समा गए थे। कटान के कारण राजवीर सिंह की 20 बीघा और जगबीर सिंह की 10 बीघा ईख बर्बाद हुई है। भूले सिंह की तीन बीघा, तरुण की पांच बीघा, वीरपाल सिंह की पांच बीघा, योगेश की सात बीघा और महेंद्र सिंह की चार बीघा फसल भी कटान में बह गई।
किसान अपनी बची हुई फसल को बचाने के लिए समय से पहले ही ईख काटने को मजबूर हैं। इससे उनकी मेहनत और लागत पर संकट आ गया है। एसडीएम स्याना लालजी विश्वकर्मा ने बताया कि गंगा का रुख जिले की सीमा की ओर होने से कटान जारी है। इस समस्या से राहत तभी मिल सकती है जब गंगा अपना रुख बदले।
विज्ञापन
विज्ञापन
अब तक 50 बीघा से अधिक ईख की फसल कटान की भेंट चढ़ चुकी है। फतेहपुर गुर्जर निवासी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि पुल बनने के बाद गंगा की धारा का रुख बदल गया है। इससे कटान में वृद्धि हुई है और किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। पिछले दिनों गंगा का जलस्तर बढ़ने पर भी सैकड़ों बीघा जमीन, फसल और पेड़ नदी में समा गए थे। कटान के कारण राजवीर सिंह की 20 बीघा और जगबीर सिंह की 10 बीघा ईख बर्बाद हुई है। भूले सिंह की तीन बीघा, तरुण की पांच बीघा, वीरपाल सिंह की पांच बीघा, योगेश की सात बीघा और महेंद्र सिंह की चार बीघा फसल भी कटान में बह गई।
विज्ञापन
किसान अपनी बची हुई फसल को बचाने के लिए समय से पहले ही ईख काटने को मजबूर हैं। इससे उनकी मेहनत और लागत पर संकट आ गया है। एसडीएम स्याना लालजी विश्वकर्मा ने बताया कि गंगा का रुख जिले की सीमा की ओर होने से कटान जारी है। इस समस्या से राहत तभी मिल सकती है जब गंगा अपना रुख बदले।
विज्ञापन