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कर्मचारी सड़क पर, सारे दफ्तर बंद

Fri, 02 Sep 2016 11:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर Updated Fri, 02 Sep 2016 11:52 PM IST
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Employees on the road, close all offices
हड़ताल - फोटो : अमर उजाला

केंद्रीय ट्रेड यूनियन और यूनाइटेड फॉरम के आह्वान पर केंद्रीय और राज्य कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर शुक्रवार को हड़ताल पर रहे। वहीं सरकारी कर्मचारी केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के विरोध में सड़कों पर उतर आए और उन्होंने जमकर धरना प्रदर्शन किया। सरकारी दफ्तरों में कामकाज नहीं होने से फरियादी और उपभोक्ता दिनभर भटकते रहे।

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बैंकों में कामकाज नहीं होने से 200 से 250 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ। राष्ट्रीय आह्वान पर हकों की मांग को लेकर सरकारी कर्मी और मजदूर संघ राजा बाबू पार्क में जमा हुए और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारबाजी की।
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आम सभा में सीटू के जिला सचिव सुरेंद्र सिंह ने कहा कि सरमाएदारों की ताली बटोरने वाले सत्ता के लोग कर्मचारी और मजदूरों को गुमराह कर रहे हैं। सरकार की जनविरोधी नीतियां मजदूर और कर्मचारियों के खिलाफ और सरमाएदारों की हिमायती हैं। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष चौधरी गजराज सिंह ने बताया सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के द्वारा कर्मचारियों को छला गया।
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उच्च पदों पर बैठे कर्मचारियों के लिए सरकार ने खजाना खोल रखा है। कर्मचारियों को पेट भरने के लिए भी पैसा नहीं दिया जा रहा है। आंगनबाड़ी कर्मचारी महासभा की प्रदेश अध्यक्ष सावित्रि ने कहा सरकार आंगनबाड़ी वर्कर को अपना कर्मचारी मानने से ही इंकार करती है।

वहीं, राज्य कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष पीके शर्मा ने कहा सरकार रक्षा, बीमा, बैंक में विदेशी निदेश कर देश को खोखला बना रही है। प्रहलाद सिंह, विजय राजे, आदित्य कौशिक, आरएस यादव, नरेश प्रजापति, संदीप शर्मा, जगवीर शर्मा, शील कुमार, दलजीत सिंह आदि मौजूद रहे। बाद में कर्मचारी जुलूस के रूप में कलक्ट्रेट पहुंचे और ज्ञापन सौंपा।

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष इंजीनियर हरि किशोर तिवारी, मोहम्मद हारून किरमानी, रामबाबू वर्मा, राकेश कुमार, दलपत सिंह, केके शर्मा, देवेंद्र सिंह, सूरज पाल सिंह मौजूद रहे।

आंगनबाड़ी कार्यकत्री हुई बेहोश
धरना प्रदर्शन में आंगनबाड़ी कार्यकत्री विजयराजे की तबीयत अचानक बिगड़ गई। आनन-फानन में विजयराजे को अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उनको रेफर कर दिया गया। आंगनबाड़ी महासंघ ने 12 सितंबर को सीएमओ कार्यालय पर बेमियादी धरने पर बैठने की घोषणा की है।

यह हैं कर्मचारियों की मांगें
पुरानी पेंशन नीति बहाल की जाए, 18000 न्यूनतम वेतन की जगह 25000 वेतन हो, विभागों में मानदेय  व ठेकेदारी प्रथम द्वारा कर्मचारी न रखकर खाली पदों पर भर्ती की जाए, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती पर लगी रोक हटाई जाए।

सातवें वेतन आयोग में वार्षिक वेतन वृद्धि 03 प्रतिशत से 06 प्रतिशत होना चाहिए, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को राज्य कर्मी का दर्जा दिया जाए, सफाई कर्मियों को प्रधानों से मुक्त कर वेतन पेरोल पर सचिव और सहायक विकास  अधिकारी की संस्तुति के आधार पर वेतन निकाला जाए, सफाई कर्मियों को ग्राम पंचायत अधिकारी पर पर प्रमोशन होना चाहिए, सींच परिवेक्षक की सेवा नियमावली एंव वेतन विसंगति दूर की जाए।


दौड़तीं नजर आईं रोडवेज की बसें
रोडवेज में हड़ताल को आंशिक असर दिखा। एआरएम का दावा है कि उनके विभाग की सभी बसों का संचालन हुआ मगर कर्मचारियों का कहना है कि कुछ ही बसे सड़कों पर चलीं।

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