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दो भाइयों की हत्या करने वाले आठ दोषियों को उम्रकैद
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दो भाइयों की हत्या करने वाले आठ दोषियों को उम्रकैद
बुलंदशहर। करीब पांच वर्ष पूर्व गांव टांडा में हुए दो भाई रिंकू और कमल की हत्या के आठ दोषियों को कोर्ट ने उम्र कैद की सजा सुनाई है। विशेष लोक अभियोजक विपुल कुमार राघव ने बताया कि मामले में आरोपी दो महिलाओं को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया गया है। अपर सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट याज्ञवेंद्र सिंह की कोर्ट ने प्रत्येक आरोपी पर 1.28-1.28 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट के फैसले पर पीड़ित परिवार ने खुशी जताई है।
यह था मामला
11 जनवरी 2016 को टांडा गांव निवासी प्रेमदाश पुत्र देशराज ने देहात कोतवाली पुलिस को शिकायत देकर बताया कि सुबह करीब साढ़े सात बजे उसके बेटे रिंकू व कमल पुराने मकान में शौच के लिए जा रहे थे। इसी दौरान हनीफ, साजिद, नजरू, सुधीर, सचिन, सरन, बॉबी, अरुण उर्फ डीजल व गोलू हाथों में हथियार लेकर मौके पर पहुंचे और दोनों पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाते हुए उनकी हत्या कर दी। इस दौरान उसने, उसकी पत्नी चमेली देवी, पुत्र सुमित व रोहित ने सभी आरोपियों को हत्याकांड को अंजाम देते हुए देखा था। जबकि आरोपियों के हाथों में हथियार देखकर वह आरोपियों को नहीं पकड़ सके थे। दो महिलाओं पर भी हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया था। आरोप लगाया था कि पुलिस ने मामले में जांच पड़ताल करते हुए चार्जशीट कोर्ट में पेश की थी। दोनों पक्षों की सुनने के बाद कोर्ट ने हत्याकांड के मामले में हनीफ, साजिद, नजरू, सुधीर, सचिन, सरन, अरुण उर्फ डीजल व गोलू को आजीवन कारावास और प्रत्येक आरोपी पर 1.28 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जबकि आरोपी बॉबी की जेल में बंद रहने के दौरान ही मौत हो चुकी है। वहीं आरोपी महिला शोभा व शशि को संदेह का लाभ देते बरी कर दिया।
इनकी हुई कोर्ट में गवाही
कोर्ट ने दोहरे हत्याकांड के मामले में मृतक के पिता प्रेमदास, भाई सुमित, रतन भारती, सुंदर, पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक डॉ. फूल कुमार, कांस्टेबल सचिन कुमार, विवेचना करने वाले सीओ हिमांशु गौरव, प्रभारी निरीक्षक केपीएस चहल, एसआई विनोद कुमार, एसआई रुस्तम सिंह, एसआई नवीन भाटी, एसआई धीरेंद्र सिंह, एसआई गयासुद्दीन, एचसीपी उमेश कुमार के बयान दर्ज किए थे। जिसके बाद कोर्ट ने मामले में अपना फैसला सुनाया है।
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बुलंदशहर। करीब पांच वर्ष पूर्व गांव टांडा में हुए दो भाई रिंकू और कमल की हत्या के आठ दोषियों को कोर्ट ने उम्र कैद की सजा सुनाई है। विशेष लोक अभियोजक विपुल कुमार राघव ने बताया कि मामले में आरोपी दो महिलाओं को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया गया है। अपर सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट याज्ञवेंद्र सिंह की कोर्ट ने प्रत्येक आरोपी पर 1.28-1.28 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट के फैसले पर पीड़ित परिवार ने खुशी जताई है।
यह था मामला
11 जनवरी 2016 को टांडा गांव निवासी प्रेमदाश पुत्र देशराज ने देहात कोतवाली पुलिस को शिकायत देकर बताया कि सुबह करीब साढ़े सात बजे उसके बेटे रिंकू व कमल पुराने मकान में शौच के लिए जा रहे थे। इसी दौरान हनीफ, साजिद, नजरू, सुधीर, सचिन, सरन, बॉबी, अरुण उर्फ डीजल व गोलू हाथों में हथियार लेकर मौके पर पहुंचे और दोनों पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाते हुए उनकी हत्या कर दी। इस दौरान उसने, उसकी पत्नी चमेली देवी, पुत्र सुमित व रोहित ने सभी आरोपियों को हत्याकांड को अंजाम देते हुए देखा था। जबकि आरोपियों के हाथों में हथियार देखकर वह आरोपियों को नहीं पकड़ सके थे। दो महिलाओं पर भी हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया था। आरोप लगाया था कि पुलिस ने मामले में जांच पड़ताल करते हुए चार्जशीट कोर्ट में पेश की थी। दोनों पक्षों की सुनने के बाद कोर्ट ने हत्याकांड के मामले में हनीफ, साजिद, नजरू, सुधीर, सचिन, सरन, अरुण उर्फ डीजल व गोलू को आजीवन कारावास और प्रत्येक आरोपी पर 1.28 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जबकि आरोपी बॉबी की जेल में बंद रहने के दौरान ही मौत हो चुकी है। वहीं आरोपी महिला शोभा व शशि को संदेह का लाभ देते बरी कर दिया।
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इनकी हुई कोर्ट में गवाही
कोर्ट ने दोहरे हत्याकांड के मामले में मृतक के पिता प्रेमदास, भाई सुमित, रतन भारती, सुंदर, पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक डॉ. फूल कुमार, कांस्टेबल सचिन कुमार, विवेचना करने वाले सीओ हिमांशु गौरव, प्रभारी निरीक्षक केपीएस चहल, एसआई विनोद कुमार, एसआई रुस्तम सिंह, एसआई नवीन भाटी, एसआई धीरेंद्र सिंह, एसआई गयासुद्दीन, एचसीपी उमेश कुमार के बयान दर्ज किए थे। जिसके बाद कोर्ट ने मामले में अपना फैसला सुनाया है।
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