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जिला अस्पताल में नहीं हो रहा आंख, दांत और बुखार का इलाज
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जिला अस्पताल में नहीं हो रहा आंख, दांत और बुखार का इलाज
बुलंदशहर। यदि आप जिला अस्पताल में आंख, दांत और फिजीशियन चिकित्सक से उपचार कराने के लिए आ रहे हैं तो आपको विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श नहीं मिल सकेगा। दरअसल शासन की ओर से चिकित्सकों के तबादले के बाद नए चिकित्सकों की तैनाती नहीं की गई है। इससे अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को भटकना पड़ रहा है और उपचार के लिए निजी अस्पतालों में जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में ही 16 चिकित्सकों की कमी है।
तबादला नीति मंजूर होने के बाद 30 जून तक विभिन्न विभागों में अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादले किए गए थे। स्वास्थ्य विभाग में भी 20 से अधिक चिकित्सक व अन्य स्टाफ का तबादला किए जाने से मरीजों को परेशानी हो रही है। जिला अस्पताल में तैनात फिजीशियन डॉ. अनुराग का गौतमबुद्धनगर, दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित माथुर का मेरठ और नेत्र सर्जन डॉ. प्रताप सिंह का मैनपुरी ट्रांसफर किया गया। इसके अलावा ईसीजी टेक्नीशियन और ऑप्टोमेट्रिस्ट अजय गौतम का तबादला डिबाई में किया गया है। फिजीशियन चिकित्सक के तबादले के बाद अब शुगर, बीपी, बुखार, खांसी-जुकाम, डायरिया समेत अन्य बीमारियों के मरीजों को बिना विशेषज्ञ चिकित्सकों के ही उपचार कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में ही 16 चिकित्सकों की कमी है। चिकित्सकों की कमी के कारण लोगों को निजी अस्पतालों में उपचार कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
प्रतिमाह छह हजार से अधिक नेत्र रोगी कराते हैं उपचार
जिला अस्पताल में प्रतिमाह औसतन छह हजार मरीज आंखों का उपचार कराने के लिए पहुंचते हैं। ऑप्टोमेट्रिस्ट अजय गौतम और नेत्र सर्जन डा. प्रताप सिंह के तबादले के बाद अब मरीजों के आंखों की बीमारियों के उपचार के लिए निजी अस्पतालों में मोटी रकम चुकाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
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इन चिकित्सकों के हुए हैं तबादले
एसीएमओ डॉ. एके भंडारी, एसीएमओ डॉ. रोहताश यादव, डिप्टी सीएमओ डॉ. बलराज सिंह, बराल में तैनात डॉ. हिमांशी, भटौना में तैनात डॉ. गुंजन, सिकंदराबाद में तैनात डॉ. गुरप्रीत, डॉ. राजेश, डॉ. सविधा और डॉ. नरेंद्र, दौलतपुर में तैनात डॉ. ईला, दौलतपुर कलां में तैनात डॉ. गिरीश कुमार, जहांगीराबाद में तैनात डॉ. आशा, धरपा में तैनात डॉ. कोविदेंद्र और डॉ. निवेदिता, वैर में तैनात डॉ. श्रृष्टि, बीबी नगर में तैनात डॉ. प्रतिभा, स्याना में तैनात डॉ. रविंद्र, वैर में तैनात डॉ. संजीव सरन और अनूपशहर में तैनात डॉ. विवेक यादव का तबादला हुआ है। जबकि 10 चिकित्सकों की जिले में तैनाती की गई है, लेकिन उन्होंने अभी तक ज्वाइन नहीं किया है।
अस्पताल में दांतों में दर्द का उपचार कराने के लिए आया था। विशेषज्ञ चिकित्सक के न होने से परेशानी हुई। जो चिकित्सक उपचार कर रहे थे, उनके कमरे के बाहर मरीजों की लंबी लाइन लगी हुई थी। जिससे काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। - जीशान
पेट दर्द की समस्या के चलते उपचार कराने के लिए पहुंचा था। पिछली बार फिजीशियन चिकित्सक से परामर्श लिया था, लेकिन अब उनका ट्रांसफर हो गया है। अस्पताल में उपचार कर रहे दूसरे चिकित्सक से दवा ली है। - रघुनाथ
आंखों में जलन की समस्या को लेकर अस्पताल पहुंची थी। पता चला कि अस्पताल में तैनात ऑप्टोमेट्रिस्ट और नेत्र रोग विशेषज्ञ का तबादला हुआ है, लेकिन उनके स्थान पर कोई चिकित्सक नहीं मिला। - निधा
शासन स्तर से कई चिकित्सकों व स्टाफ के तबादले किए गए हैं। नए चिकित्सकों की तैनाती होनी है। जल्द से जल्द चिकित्सकों को तैनात किया जाए, इसके लिए शासन को पत्र लिखा गया है। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ
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बुलंदशहर। यदि आप जिला अस्पताल में आंख, दांत और फिजीशियन चिकित्सक से उपचार कराने के लिए आ रहे हैं तो आपको विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श नहीं मिल सकेगा। दरअसल शासन की ओर से चिकित्सकों के तबादले के बाद नए चिकित्सकों की तैनाती नहीं की गई है। इससे अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को भटकना पड़ रहा है और उपचार के लिए निजी अस्पतालों में जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में ही 16 चिकित्सकों की कमी है।
तबादला नीति मंजूर होने के बाद 30 जून तक विभिन्न विभागों में अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादले किए गए थे। स्वास्थ्य विभाग में भी 20 से अधिक चिकित्सक व अन्य स्टाफ का तबादला किए जाने से मरीजों को परेशानी हो रही है। जिला अस्पताल में तैनात फिजीशियन डॉ. अनुराग का गौतमबुद्धनगर, दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित माथुर का मेरठ और नेत्र सर्जन डॉ. प्रताप सिंह का मैनपुरी ट्रांसफर किया गया। इसके अलावा ईसीजी टेक्नीशियन और ऑप्टोमेट्रिस्ट अजय गौतम का तबादला डिबाई में किया गया है। फिजीशियन चिकित्सक के तबादले के बाद अब शुगर, बीपी, बुखार, खांसी-जुकाम, डायरिया समेत अन्य बीमारियों के मरीजों को बिना विशेषज्ञ चिकित्सकों के ही उपचार कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में ही 16 चिकित्सकों की कमी है। चिकित्सकों की कमी के कारण लोगों को निजी अस्पतालों में उपचार कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
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प्रतिमाह छह हजार से अधिक नेत्र रोगी कराते हैं उपचार
जिला अस्पताल में प्रतिमाह औसतन छह हजार मरीज आंखों का उपचार कराने के लिए पहुंचते हैं। ऑप्टोमेट्रिस्ट अजय गौतम और नेत्र सर्जन डा. प्रताप सिंह के तबादले के बाद अब मरीजों के आंखों की बीमारियों के उपचार के लिए निजी अस्पतालों में मोटी रकम चुकाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
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इन चिकित्सकों के हुए हैं तबादले
एसीएमओ डॉ. एके भंडारी, एसीएमओ डॉ. रोहताश यादव, डिप्टी सीएमओ डॉ. बलराज सिंह, बराल में तैनात डॉ. हिमांशी, भटौना में तैनात डॉ. गुंजन, सिकंदराबाद में तैनात डॉ. गुरप्रीत, डॉ. राजेश, डॉ. सविधा और डॉ. नरेंद्र, दौलतपुर में तैनात डॉ. ईला, दौलतपुर कलां में तैनात डॉ. गिरीश कुमार, जहांगीराबाद में तैनात डॉ. आशा, धरपा में तैनात डॉ. कोविदेंद्र और डॉ. निवेदिता, वैर में तैनात डॉ. श्रृष्टि, बीबी नगर में तैनात डॉ. प्रतिभा, स्याना में तैनात डॉ. रविंद्र, वैर में तैनात डॉ. संजीव सरन और अनूपशहर में तैनात डॉ. विवेक यादव का तबादला हुआ है। जबकि 10 चिकित्सकों की जिले में तैनाती की गई है, लेकिन उन्होंने अभी तक ज्वाइन नहीं किया है।
अस्पताल में दांतों में दर्द का उपचार कराने के लिए आया था। विशेषज्ञ चिकित्सक के न होने से परेशानी हुई। जो चिकित्सक उपचार कर रहे थे, उनके कमरे के बाहर मरीजों की लंबी लाइन लगी हुई थी। जिससे काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। - जीशान
पेट दर्द की समस्या के चलते उपचार कराने के लिए पहुंचा था। पिछली बार फिजीशियन चिकित्सक से परामर्श लिया था, लेकिन अब उनका ट्रांसफर हो गया है। अस्पताल में उपचार कर रहे दूसरे चिकित्सक से दवा ली है। - रघुनाथ
आंखों में जलन की समस्या को लेकर अस्पताल पहुंची थी। पता चला कि अस्पताल में तैनात ऑप्टोमेट्रिस्ट और नेत्र रोग विशेषज्ञ का तबादला हुआ है, लेकिन उनके स्थान पर कोई चिकित्सक नहीं मिला। - निधा
शासन स्तर से कई चिकित्सकों व स्टाफ के तबादले किए गए हैं। नए चिकित्सकों की तैनाती होनी है। जल्द से जल्द चिकित्सकों को तैनात किया जाए, इसके लिए शासन को पत्र लिखा गया है। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ