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ओपीडी में खाली चल रहे चिकित्सकों के कक्ष
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ओपीडी में खाली चल रहे चिकित्सकों के कक्ष
बुलंदशहर। जिला अस्पताल में लगातार अव्यवस्थाएं देखने को मिल रही है। यहां अक्सर चिकित्सकों के न होने पर मरीजों को भटकना पड़ रहा है। मंगलवार को अस्पताल की ओपीडी में सर्जन, फिजीशियन, हड्डी रोग विशेषज्ञ, वरिष्ठ परामर्शदाता और चर्मरोग विशेषज्ञ के कक्ष खाली रहे। ओपीडी में अधिकांश चिकित्सकों के कक्ष खाली रहने पर मरीज चिकित्सकों के आने का इंतजार करते रहे। चिकित्सकों के न आने पर मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा।
जिला अस्पताल में एक तरफ जहां चिकित्सकों की कमी चल रही है। वहीं, तैनात चिकित्सकों में कुछ अवकाश पर चल रहे हैं। शेष ड्यूटी के दौरान अक्सर अपने कक्ष से नदारद रह रहे हैं। ऐसे में मरीजों को भटकना पड़ जाता है। वहीं, इन दिनों गर्मी और मौसम में बदलाव का असर सेहत पर पड़ रहा है। इससे लोग मौसमी बीमारी, सर्दी, खांसी और बुखार का शिकार हो रहे हैं। इसके चलते इन दिनों अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ी है तो दूसरी और भीड़ बढ़ने से अव्यवस्था भी बढ़ रही है।
यह कक्ष रहे खाली
जिला अस्पताल की ओपीडी में कक्ष संख्या पांच में सर्जन, छह में फिजीशियन, सात व आठ में आर्थोपेडिक, 13 में वरिष्ठ परामर्शदाता और 17 में चर्मरोग विशेषज्ञ की तैनाती है। ये सभी कक्ष मंगलवार दोपहर 12 बजे करीब चिकित्सकों से खाली रहे। अस्पताल प्रशासन ने सर्जन व एक आर्थोपेडिक के ऑपरेशन थियेटर में होने, एक आर्थोपेडिक की इमरजेंसी ड्यूटी होने की बात कही गई। साथ ही फिजीशियन और वरिष्ठ परामर्शदाता के पिछले कई दिनों से अवकाश पर रहने व चर्म रोग विशेषज्ञ के रात्रि इमरजेंसी ड्यूटी होने के कारण मंगलवार को अवकाश पर रहने की जानकारी दी गई। वहीं, ओपीडी में 1543 मरीजों ने पंजीकरण कराकर प्राथमिक उपचार कराया।
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बोले मरीज
ओपीडी से इमरजेंसी तक घूमता रहा
पीठ पर दर्द रहने के कारण आधे घंटे से चिकित्सक के आने का इंतजार कर रहा हूं। कोई भी नहीं सुन रहा है। ओपीडी से इमरजेंसी गया तो वहां से भेज दिया गया। सीएमएस से शिकायत करनी चाही तो वह भी अपने कक्ष में नहीं मिले। - फकीरा, मरीज चिड़ावक
कक्ष के बाहर सूचना चस्पा की जाए
आर्थोपेडिक चिकित्सक से अपना इलाज करवाने के लिए आई थी। आधा घंटे तक चिकित्सक नहीं आए। किसी से जानकारी ली तो किसी ने कुछ नहीं बताया। यदि वे अवकाश पर हैं तो सूचना कक्ष गेट पर होनी चाहिए। - रिंकी, मरीज भैसरोली नासिरपुर
ओपीडी में दो चिकित्सक ओटी में, एक इमरजेंसी ड्यूटी पर और तीन अवकाश पर थे। ऐसे में शेष चिकित्सकों को मरीजों का प्राथमिक उपचार करने की जिम्मेदारी दी गई। रिक्त पदों पर तैनाती के लिए लगातार शासन से मांग की जा रही है। - डॉ. राजीव प्रसाद, सीएमएस जिला अस्पताल
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बुलंदशहर। जिला अस्पताल में लगातार अव्यवस्थाएं देखने को मिल रही है। यहां अक्सर चिकित्सकों के न होने पर मरीजों को भटकना पड़ रहा है। मंगलवार को अस्पताल की ओपीडी में सर्जन, फिजीशियन, हड्डी रोग विशेषज्ञ, वरिष्ठ परामर्शदाता और चर्मरोग विशेषज्ञ के कक्ष खाली रहे। ओपीडी में अधिकांश चिकित्सकों के कक्ष खाली रहने पर मरीज चिकित्सकों के आने का इंतजार करते रहे। चिकित्सकों के न आने पर मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा।
जिला अस्पताल में एक तरफ जहां चिकित्सकों की कमी चल रही है। वहीं, तैनात चिकित्सकों में कुछ अवकाश पर चल रहे हैं। शेष ड्यूटी के दौरान अक्सर अपने कक्ष से नदारद रह रहे हैं। ऐसे में मरीजों को भटकना पड़ जाता है। वहीं, इन दिनों गर्मी और मौसम में बदलाव का असर सेहत पर पड़ रहा है। इससे लोग मौसमी बीमारी, सर्दी, खांसी और बुखार का शिकार हो रहे हैं। इसके चलते इन दिनों अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ी है तो दूसरी और भीड़ बढ़ने से अव्यवस्था भी बढ़ रही है।
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यह कक्ष रहे खाली
जिला अस्पताल की ओपीडी में कक्ष संख्या पांच में सर्जन, छह में फिजीशियन, सात व आठ में आर्थोपेडिक, 13 में वरिष्ठ परामर्शदाता और 17 में चर्मरोग विशेषज्ञ की तैनाती है। ये सभी कक्ष मंगलवार दोपहर 12 बजे करीब चिकित्सकों से खाली रहे। अस्पताल प्रशासन ने सर्जन व एक आर्थोपेडिक के ऑपरेशन थियेटर में होने, एक आर्थोपेडिक की इमरजेंसी ड्यूटी होने की बात कही गई। साथ ही फिजीशियन और वरिष्ठ परामर्शदाता के पिछले कई दिनों से अवकाश पर रहने व चर्म रोग विशेषज्ञ के रात्रि इमरजेंसी ड्यूटी होने के कारण मंगलवार को अवकाश पर रहने की जानकारी दी गई। वहीं, ओपीडी में 1543 मरीजों ने पंजीकरण कराकर प्राथमिक उपचार कराया।
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बोले मरीज
ओपीडी से इमरजेंसी तक घूमता रहा
पीठ पर दर्द रहने के कारण आधे घंटे से चिकित्सक के आने का इंतजार कर रहा हूं। कोई भी नहीं सुन रहा है। ओपीडी से इमरजेंसी गया तो वहां से भेज दिया गया। सीएमएस से शिकायत करनी चाही तो वह भी अपने कक्ष में नहीं मिले। - फकीरा, मरीज चिड़ावक
कक्ष के बाहर सूचना चस्पा की जाए
आर्थोपेडिक चिकित्सक से अपना इलाज करवाने के लिए आई थी। आधा घंटे तक चिकित्सक नहीं आए। किसी से जानकारी ली तो किसी ने कुछ नहीं बताया। यदि वे अवकाश पर हैं तो सूचना कक्ष गेट पर होनी चाहिए। - रिंकी, मरीज भैसरोली नासिरपुर
ओपीडी में दो चिकित्सक ओटी में, एक इमरजेंसी ड्यूटी पर और तीन अवकाश पर थे। ऐसे में शेष चिकित्सकों को मरीजों का प्राथमिक उपचार करने की जिम्मेदारी दी गई। रिक्त पदों पर तैनाती के लिए लगातार शासन से मांग की जा रही है। - डॉ. राजीव प्रसाद, सीएमएस जिला अस्पताल