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तीन विभागों के बीच फंसा बीसा कालोनी का ‘विकास’
अमर उजाला ब्यूरो, बुलंदशहर
Updated Fri, 01 Jul 2016 12:21 AM IST
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खराब ऱो़ड
- फोटो : अमर उजाला
जिला पंचायत, पीडब्ल्यूडी और नगर पालिका परिषद के बीच बीसा कालोनी का विकास फंस गया है। डीएम ने जलभराव और क्षतिग्रस्त मुख्य मार्ग की मरम्मत करवाने का आदेश संबंधित अफसरों को दिया था।
अफसरों ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि बीसा कालोनी उनके कार्य क्षेत्र में नहीं है। मौजूदा वक्त में जलभराव से मुख्य मार्ग तालाब में तब्दील हो गया है। ऐसे में रोजा इफ्तार और नमाज के वक्त रोजेदारों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
20 दिन पूूर्व शांति समिति की बैठक में स्थानीय लोगों द्वारा बीसा कालोनी में जलभराव और जर्जर सड़क की समस्या से डीएम शुभ्रा सक्सेना को अवगत कराया गया था। इसी क्रम में डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट को समस्या का समाधान कराने की जिम्मेदारी सौंपी।
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सिटी मजिस्ट्रेट ने जिला पंचायत परिषद के अपर मुख्य अधिकारी, नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी और पीडब्ल्यूडी के अफसरों को निर्माण की जिम्मेदारी दी। सिटी मजिस्ट्रेट ने यह भी सुझाया यदि फिलहाल पर्याप्त फंड नहीं है तो जलभराव वाले रास्ते पर ईंट के रोड़े डलवा दें और उनपर सड़क कूटना चलवा दें, ताकि वहां जलभराव की समस्या न रहे।
अपर मुख्य अधिकारी प्रदीप कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे ा। इओ नगर पालिका भी मौके पर गए दोनोंअफसरों ने यह कहकर पल्ला झाड़ दिया कि संबंधित क्षेत्र उनके विभाग के अंडर में नहीं आता। सिटी मजिस्ट्रेट ने अब पीडब्ल्यूडी से निर्माण के लिए कहा है।
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अफसरों ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि बीसा कालोनी उनके कार्य क्षेत्र में नहीं है। मौजूदा वक्त में जलभराव से मुख्य मार्ग तालाब में तब्दील हो गया है। ऐसे में रोजा इफ्तार और नमाज के वक्त रोजेदारों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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20 दिन पूूर्व शांति समिति की बैठक में स्थानीय लोगों द्वारा बीसा कालोनी में जलभराव और जर्जर सड़क की समस्या से डीएम शुभ्रा सक्सेना को अवगत कराया गया था। इसी क्रम में डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट को समस्या का समाधान कराने की जिम्मेदारी सौंपी।
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सिटी मजिस्ट्रेट ने जिला पंचायत परिषद के अपर मुख्य अधिकारी, नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी और पीडब्ल्यूडी के अफसरों को निर्माण की जिम्मेदारी दी। सिटी मजिस्ट्रेट ने यह भी सुझाया यदि फिलहाल पर्याप्त फंड नहीं है तो जलभराव वाले रास्ते पर ईंट के रोड़े डलवा दें और उनपर सड़क कूटना चलवा दें, ताकि वहां जलभराव की समस्या न रहे।
अपर मुख्य अधिकारी प्रदीप कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे ा। इओ नगर पालिका भी मौके पर गए दोनोंअफसरों ने यह कहकर पल्ला झाड़ दिया कि संबंधित क्षेत्र उनके विभाग के अंडर में नहीं आता। सिटी मजिस्ट्रेट ने अब पीडब्ल्यूडी से निर्माण के लिए कहा है।