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मेहंदी किसी ने रचाई, डोली किसी और की उठी
बुलंदशहर, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 18 Feb 2016 11:54 PM IST
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जहांगीराबाद क्षेत्र के धमेड़ा गांव में जाति की दीवार सात फेरों की रस्म पर भारी पड़ गई। यहां मेहंदी किसी ने लगाई और डोली किसी और लड़की की उठी। शादी का यह किस्सा पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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बुलंदशहर के नयागांव धमेड़ा निवासी एक वैश्य युवक की शादी जहांगीराबाद क्षेत्र के चांदौक निवासी जाटव युवती से तय हुई। तय हुआ कि लड़का पक्ष अपने 20 बारातियों को लेकर गांव आएगा और शादी की रस्म पूरी कर दुल्हन ले जाएगा। जाति की जानकारी दोनों पक्ष किसी को नहंी होने देंगे।
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हुआ भी ऐसा ही। कार्ड छपवाए गए तो जाति नहीं दर्शायी गई। बुधवार को बारात गांव पहुंची। सब कुछ ठीक चल रहा था। जयमाला से पहले खेत की रस्म के दौरान शादी में यह इसकी भनक समाज को लग गई।
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पता चल गया कि लड़का पक्ष वैश्य जाति से है। इसके बाद समुदाय के कुछ लोगों ने लड़की पक्ष पर दबाव बनाया तो लड़की पक्ष ने आरोप लगाया कि उन्हें तो लड़का पक्ष की जाति के बारे में जानकारी ही नहीं थी।
शादी की रस्मों को रोककर बारात को बंधक बना लिया गया। जानकारी होने पर ग्राम प्रधान और कुछ सभ्रांत लोग मौके पर पहुंचे। ग्राम प्रधान ने लड़की और लड़का पक्ष के लोगों के बीच समझौता कराया।
तय हुआ कि गांव की एक गरीब बेटी से लड़के की शादी करा दी जाए। इस पर लड़का पक्ष ने अपनी सहमति दे दी। इसके बाद गांव में एक गरीब परिवार की लड़की से लड़के की शादी कराई गई।