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Bulandshahar News: साप्ताहिक बाजार लगाने के प्रस्ताव पर नगर पालिका-जिला पंचायत में तकरार
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जहांगीराबाद। रामलीला मैदान में साप्ताहिक बाजार लगाने के नगर पालिका के प्रस्ताव पर जिला पंचायत ने आपत्ति जताई है। बाजार लगाने का प्रस्ताव पास होने के बाद शनिवार को बाजार लगाने दुकानदार पहुंचे तो जिला पंचायत अधिकारियों ने इसका विरोध किया। इसके चलते शनिवार को बाजार नहीं लगाया गया और दुकानदार परेशान होकर वापस लौट गए। जिला पंचायत की ओर से दावा किया जा रहा है कि रामलीला मैदान की जमीन जिला पंचायत की है और वर्तमान में इसके लिए हाईकोर्ट में वाद विचाराधीन है।
एक सप्ताह पूर्व नगर पालिका की बोर्ड बैठक में रामलीला मैदान पर साप्ताहिक बाजार लगाने के लिए प्रस्ताव पास किया गया था। नगर पालिका के प्रस्ताव की जानकारी मिलने पर जिला पंचायत की ओर से इस पर लिखित आपत्ति जताई और संपत्ति को अपनी बताया। जिला पंचायत की ओर से स्पष्ट किया गया कि नगर पालिका को उक्त जमीन पर कोई भी गतिविधि संचालित करने का अधिकार नहीं है। वहीं बोर्ड से प्रस्ताव पास होने के बाद शनिवार को बड़ी संख्या में दुकानदार रामलीला मैदान में बाजार लगाने के लिए पहुंचे। इसी बीच जिला पंचायत अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर दुकान लगाने से रोक दिया। इसके चलते व्यापारियों को बिना दुकान लगाए ही वापस लौटना पड़ा। बताया जा रहा है कि आबादी के बीच बाजार लगाने के खिलाफ कुछ लोगों ने डीएम, जिला पंचायत से शिकायत भी की थी।
नगर पालिका का रामलीला मैदान में बाजार लगाने का प्रस्ताव पूरी तरह गलत है। यह भूमि जिला पंचायत की है। इस भूमि का विवाद हाईकोर्ट में लंबित है। 2015 में हाईकोर्ट ने उक्त संपत्ति के संदर्भ में टाउन स्कूल व खेल के मैदान का डिमार्केशन कराने के निर्देश दिए थे। प्रकरण की पत्रावलियां खोजी जा रहीं हैं। हाईकोर्ट के फैसले के बिना उक्त संपत्ति पर कोई भी गतिविधि अवैध है। - धर्मजीत त्रिपाठी, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत
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बोर्ड ने जिस भूमि पर साप्ताहिक बाजार लगाने का प्रस्ताव पारित किया है, वह राज्य सरकार की संपत्ति है, इसकी देखरेख नगर पालिका करती है। हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन होने की जानकारी नहीं है। यदि हाईकोर्ट में वाद लंबित है तो नियमानुसार ही आगे का कार्य किया जाएगा। - मणी जी सैनी, ईओ नगर पालिका, जहांगीराबाद
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एक सप्ताह पूर्व नगर पालिका की बोर्ड बैठक में रामलीला मैदान पर साप्ताहिक बाजार लगाने के लिए प्रस्ताव पास किया गया था। नगर पालिका के प्रस्ताव की जानकारी मिलने पर जिला पंचायत की ओर से इस पर लिखित आपत्ति जताई और संपत्ति को अपनी बताया। जिला पंचायत की ओर से स्पष्ट किया गया कि नगर पालिका को उक्त जमीन पर कोई भी गतिविधि संचालित करने का अधिकार नहीं है। वहीं बोर्ड से प्रस्ताव पास होने के बाद शनिवार को बड़ी संख्या में दुकानदार रामलीला मैदान में बाजार लगाने के लिए पहुंचे। इसी बीच जिला पंचायत अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर दुकान लगाने से रोक दिया। इसके चलते व्यापारियों को बिना दुकान लगाए ही वापस लौटना पड़ा। बताया जा रहा है कि आबादी के बीच बाजार लगाने के खिलाफ कुछ लोगों ने डीएम, जिला पंचायत से शिकायत भी की थी।
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नगर पालिका का रामलीला मैदान में बाजार लगाने का प्रस्ताव पूरी तरह गलत है। यह भूमि जिला पंचायत की है। इस भूमि का विवाद हाईकोर्ट में लंबित है। 2015 में हाईकोर्ट ने उक्त संपत्ति के संदर्भ में टाउन स्कूल व खेल के मैदान का डिमार्केशन कराने के निर्देश दिए थे। प्रकरण की पत्रावलियां खोजी जा रहीं हैं। हाईकोर्ट के फैसले के बिना उक्त संपत्ति पर कोई भी गतिविधि अवैध है। - धर्मजीत त्रिपाठी, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत
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बोर्ड ने जिस भूमि पर साप्ताहिक बाजार लगाने का प्रस्ताव पारित किया है, वह राज्य सरकार की संपत्ति है, इसकी देखरेख नगर पालिका करती है। हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन होने की जानकारी नहीं है। यदि हाईकोर्ट में वाद लंबित है तो नियमानुसार ही आगे का कार्य किया जाएगा। - मणी जी सैनी, ईओ नगर पालिका, जहांगीराबाद