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Bulandshahar News: जिला अस्पताल में तीन महीने से बंद पड़ी डिजिटल एक्सरे जांच
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संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। जिला अस्पताल में लगी डिजिटल एक्सरे मशीन पिछले तीन माह से बंद है। डिजिटल एक्सरे मशीन बंद होने पर मरीजों को सामान्य (मैनुअल) मशीन पर एक्सरे कराने पड़ रहे हैं। सामान्य एक्सरे की फिल्म साफ न आने पर मरीजों को निजी केंद्रों पर जाकर डिजिटल एक्सरे करवा रहे हैं। डिजिटल एक्सरे मशीन बंद का कारण यूपीएस खराब होना बताया जा रहा हैं।
जिला अस्पताल में संचालित एक्सरे कक्ष में सामान्य (मैनुअल) व डिजिटल एक्सरे की मशीन लगी हुई हैं। यहां पर प्रतिदिन 120 से 150 मरीज एक्सरे कराने के लिए आते रहते हैं। इसमें सामान्य मरीजों के साथ-साथ मेडिकोलीगल एवं सड़क हादसों में घायल लोग भी शामिल रहते हैं। डिजिटल एक्सरे मशीन का पिछले तीन माह पूर्व से संचालन बंद है। ऐसे में यहां पर आने वाले मरीजों को डिजिटल एक्सरे की जगह मैनुअल एक्सरे मशीन से एक्सरे किए जा रहे है। डिजिटल एक्सरे मशीन का संचालन न होने पर मरीजों को एक्सरे की साफ फिल्म नहीं मिल पा रही। मजबूरन मरीजों को मैनुअल एक्सरे मशीन से एक्सरे कराने पड़ रहे हैं। तो कुछ निजी केंद्रों पर जाकर महंगी रकम खर्च कर मजबूरन एक्सरे करवा रहे हैं।
प्रभारी सीएमएस डॉ.प्रदीप राना ने बताया कि डिजिटल एक्सरे मशीन का संचालन न होने पर मेडिकल कॉलेज की प्रधानाचार्य को अवगत करा दिया गया है।
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बुलंदशहर। जिला अस्पताल में लगी डिजिटल एक्सरे मशीन पिछले तीन माह से बंद है। डिजिटल एक्सरे मशीन बंद होने पर मरीजों को सामान्य (मैनुअल) मशीन पर एक्सरे कराने पड़ रहे हैं। सामान्य एक्सरे की फिल्म साफ न आने पर मरीजों को निजी केंद्रों पर जाकर डिजिटल एक्सरे करवा रहे हैं। डिजिटल एक्सरे मशीन बंद का कारण यूपीएस खराब होना बताया जा रहा हैं।
जिला अस्पताल में संचालित एक्सरे कक्ष में सामान्य (मैनुअल) व डिजिटल एक्सरे की मशीन लगी हुई हैं। यहां पर प्रतिदिन 120 से 150 मरीज एक्सरे कराने के लिए आते रहते हैं। इसमें सामान्य मरीजों के साथ-साथ मेडिकोलीगल एवं सड़क हादसों में घायल लोग भी शामिल रहते हैं। डिजिटल एक्सरे मशीन का पिछले तीन माह पूर्व से संचालन बंद है। ऐसे में यहां पर आने वाले मरीजों को डिजिटल एक्सरे की जगह मैनुअल एक्सरे मशीन से एक्सरे किए जा रहे है। डिजिटल एक्सरे मशीन का संचालन न होने पर मरीजों को एक्सरे की साफ फिल्म नहीं मिल पा रही। मजबूरन मरीजों को मैनुअल एक्सरे मशीन से एक्सरे कराने पड़ रहे हैं। तो कुछ निजी केंद्रों पर जाकर महंगी रकम खर्च कर मजबूरन एक्सरे करवा रहे हैं।
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प्रभारी सीएमएस डॉ.प्रदीप राना ने बताया कि डिजिटल एक्सरे मशीन का संचालन न होने पर मेडिकल कॉलेज की प्रधानाचार्य को अवगत करा दिया गया है।