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Bulandshahar News: दंत रोग...जिले में केवल सलाह मिलती है इलाज नहीं
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बुलंदशहर। जिलेभर में 14 दंत रोग विशेषज्ञ तैनात होने के बाद भी मरीजों को ओपीजी समेत अन्य सुविधाओं का लाभ नहींं मिल पा रहा है। जबकि शेष जगह तैनाती न होने पर मरीजों को परामर्श की सुविधा का भी लाभ नहीं मिल रहा।
जिला चिकित्सालय में भी ओपीजी की सुविधा नहीं है। ऐसे में यहां पर उपचार कराने आने वाले मरीजों को ओपीजी एक्सरे आदि के लिए निजी केंद्र पर जाना पड़ रहा है। ओपीजी टेस्ट एक खास तरह का डेंटल एक्सरे है, जिसे ऑर्थोपैंटोमोग्राम या पैनोरैमिक एक्सरे कहा जाता है। इसकी मदद से एक ही तस्वीर में आपके दोनों जबड़ों, सभी दांतों और आसपास की हड्डियों का पूरा और साफ दृश्य मिल जाता है
गलत खानपान व रहन-सहन के कारण जिलेभर में दंत रोगी बढ़ रहे हैं। सरकारी चिकित्सालयों में दंत रोगियों को परामर्श व इलाज के लिए शासन ने संसाधन उपलब्ध कराए लेकिन अधिकांश चिकित्सालयों में चिकित्सक न होने पर मरीजों को लाभ नहीं मिल रहा।
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जिला चिकित्सालय में 50 से 70 मरीज प्रतिदिन तो अन्य सरकारी चिकित्सालयों में 20 से 30 मरीज दंत रोग की समस्या लेकर आते हैं। इनमें कई मरीज की नस खराब, टूटे हुए दांत की जगह दूसरे लगवाने की समस्या होने पर चिकित्सालय में सुविधा नहीं मिल पाती हैं। मरीजों को निजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है। मरीज सुषमा ने बताया कि उनके कई दांत टूट चुके हैं। लगवाने के लिए जिला चिकित्सालय पहुंचीं तो यह सुविधा न होने की बात कही। कैलाश ने बताया कि एक दांत खराब हो गया है।
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जिला चिकित्सालय में भी ओपीजी की सुविधा नहीं है। ऐसे में यहां पर उपचार कराने आने वाले मरीजों को ओपीजी एक्सरे आदि के लिए निजी केंद्र पर जाना पड़ रहा है। ओपीजी टेस्ट एक खास तरह का डेंटल एक्सरे है, जिसे ऑर्थोपैंटोमोग्राम या पैनोरैमिक एक्सरे कहा जाता है। इसकी मदद से एक ही तस्वीर में आपके दोनों जबड़ों, सभी दांतों और आसपास की हड्डियों का पूरा और साफ दृश्य मिल जाता है
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गलत खानपान व रहन-सहन के कारण जिलेभर में दंत रोगी बढ़ रहे हैं। सरकारी चिकित्सालयों में दंत रोगियों को परामर्श व इलाज के लिए शासन ने संसाधन उपलब्ध कराए लेकिन अधिकांश चिकित्सालयों में चिकित्सक न होने पर मरीजों को लाभ नहीं मिल रहा।
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जिला चिकित्सालय में 50 से 70 मरीज प्रतिदिन तो अन्य सरकारी चिकित्सालयों में 20 से 30 मरीज दंत रोग की समस्या लेकर आते हैं। इनमें कई मरीज की नस खराब, टूटे हुए दांत की जगह दूसरे लगवाने की समस्या होने पर चिकित्सालय में सुविधा नहीं मिल पाती हैं। मरीजों को निजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है। मरीज सुषमा ने बताया कि उनके कई दांत टूट चुके हैं। लगवाने के लिए जिला चिकित्सालय पहुंचीं तो यह सुविधा न होने की बात कही। कैलाश ने बताया कि एक दांत खराब हो गया है।