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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   Dengue ward activated in district hospital after finding dengue patient

Bulandshahar News: डेंगू मरीज मिलने पर जिला अस्पताल में सक्रिय हुआ डेंगू वार्ड

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 31 Aug 2024 01:02 AM IST
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बुलंदशहर। बारिश में गंगा का जलस्तर बढ़ने से हुए जलभराव के चलते मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। जिले में पिछले एक माह से बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन बुखार के मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। सीएचसी और पीएचसी पर भी बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। वहीं, डेंगू के दो केस सामने आने पर जिला अस्पताल में मरीजों के लिए डेंगू वार्ड सक्रिय कर दिया हैं।
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पिछले एक माह से जिले में बुखार के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। प्रतिदिन जिला अस्पताल की ओपीडी में 300 से 400 बुखार के मरीज प्राथमिक उपचार कराने आ रहे हैं। वहीं, इमरजेंसी में प्रतिदिन 10 से 15 बुखार के मरीजों को भी भर्ती किया जा रहा है। बुखार के मरीजों की बढ़ती संख्या ने स्वास्थ्य विभाग की परेशानी बढ़ा दी है। इसके चलते सीएमओ ने सभी अस्पतालों में डेंगू वार्ड प्रभावी करने के निर्देश दिए। वहीं, जनपद निवासी एक मासूम व एक किशोरी में डेंगू की पुष्टि होने व किशोरी की मौत हो जाने पर जिला अस्पताल प्रशासन ने डेंगू वार्ड सक्रिय कर दिया हैं।
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जिला अस्पताल में मेडिसिन वार्ड को बनाया डेंगू वार्ड

बाबू बनारसी दास जिला अस्पताल में दो वर्ष पूर्व तक स्थायी डेंगू वार्ड संचालित होता आया। दो वर्ष पूर्व बारिश में छत से पानी टपकने पर ट्रामा सेंटर में बने आइसोलेशन वार्ड को डेंगू वार्ड बना मरीजों को भर्ती कर उपचार दिया गया। इस बार मेडिसिन वार्ड में तब्दील हो चुके महिला वार्ड को डेंगू वार्ड बनाया गया है। यहां पर 12 बेड पर मच्छरदानी लगा तैयारियां कर ली हैं। वहीं, शुक्रवार को अस्पताल की ओपीडी में 343 वायरल बुखार के मरीजों ने प्राथमिक उपचार कराया। इसमें 18 लोगों की एनएस-1 किट से डेंगू जांच की। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई।
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डेंगू बुखार से बचाव को अपनाएं ये उपाय

जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. रमित सिंह ने बताया कि डेंगू से बचने के लिए अपने घर व आसपास बरसात का पानी जमा न होने दें। फुल आस्तीन के कपड़े पहनें। मच्छर रोधी दवा का इस्तेमाल करें। सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें। इससे आसानी से डेंगू व अन्य मच्छरजनित बीमारियों से बचा जा सकता है। बताया कि डेंगू के प्रारंभिक लक्षण तेज बुखार आना, हाथ-पैरों, सिर व आंख के पीछे दर्द होना है। इसमें तेजी से प्लेटलेट्स घटती हैं।

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डेंगू मरीजों के लिए मेडिसिन वार्ड को डेंगू वार्ड बनाया गया है। यहां पर मरीजों के लिए 12 बेड आरक्षित कर मच्छरदानी लगा दी गई है। अगर कोई मरीज आता है तो उसे भर्ती कर उपचार दिया जाएगा। - डॉ. प्रदीप राना, प्रभारी सीएमएस जिला अस्पताल
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