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मरीज ठीक होकर घर लौटे, 20 दिन बाद भी नहीं आई रिपोर्ट
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मरीज ठीक होकर घर लौटे, 20 दिन बाद भी नहीं आई रिपोर्ट
बुलंदशहर। जिले में डेंगू के संदिग्ध मरीजों की रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। हालत यह है कि मरीज अस्पताल में इलाज कराने के बाद ठीक होकर घर चले जाते हैं, तब उनकी रिपोर्ट आती है। पिछले 20 दिन में मलेरिया विभाग द्वारा भेजे गए डेंगू संदिग्ध मरीजों के सैंपल की रिपोर्ट मेडिकल कॉलेज मेरठ से अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। एक ओर विभाग को करीब 500 लोगों की रिपोर्ट मिलने का इंतजार है।
जिले में अब तक 93 लोगों में डेंगू की पुष्टि की जा चुकी है। इसमें तीन लोगों की मौत हो चुकी है। डेंगू के केस बढ़ने से जहां पिछले चार साल के रिकॉर्ड ध्वस्त हो चुके हैं। वहीं, अभी भी डेंगू के केस मिलने का सिलसिला जारी। नवंबर आधा बीत चुका है और सर्दी भी दस्तक देने लगी है। तापमान में गिरावट आने के बावजूद डेंगू का डंक कमजोर नहीं हो रहा। अब भी लगातार नए रोगी मिल रहे हैं। 14 नवंबर तक जिले में डेंगू के 1220 संदिग्ध केस मिल चुके हैं। इनमें 500 से अधिक लोगों का सैंपल लेकर विभागीय कर्मियों द्वारा जांच के लिए मेरठ लैब भेजा गया, लेकिन 25 अक्तूबर के बाद से मेरठ लैब से किसी भी सैंपल की रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं हो सकी है।
इस तरह बढ़े आंकड़े
दिन/तारीख कुल डेंगू के केस
25 अक्तूबर 73
27 अक्तूबर 74
28 अक्तूबर 86
01 नवंबर 93
रिपोर्ट देरी से मिलने से हो सकते हैं गंभीर परिणाम
स्वास्थ्य अफसरों के अनुसार, जब तक सही मर्ज का पता न लग सके तो मरीज की स्थिति गंभीर हो सकती है। हालांकि जिले में मिले डेंगू केस के मरीजों को मौजूदा लक्षण के अनुसार दवा देकर उपचार किया जा रहा है। मरीज की हालत गंभीर होने पर हायर मेडिकल सेंटर रेफर कर दिया जाता है। स्वास्थ्य अफसरों के अनुसार अभी तक कोई ऐसा मामला सामने नहीं आया है जिसे दवाई से कोई नुकसान हुआ हो।
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डेंगू का प्रकोप इस बार काफी तेजी से बढ़ा है। तापमान में कुछ और गिरावट होने से डेंगू का प्रकोप कम हो सकेगा। करीब 500 लोगों का सैंपल मेरठ भेजा गया, इसकी रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहे है। मंगलवार को विभाग के एक कर्मी को मेडिकल कॉलेज के लैब में भेजकर रिपोर्ट के बारे में जानकारी कराई जाएगी।
- डॉ. रमित कुमार, जिला मलेरिया अधिकारी
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बुलंदशहर। जिले में डेंगू के संदिग्ध मरीजों की रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। हालत यह है कि मरीज अस्पताल में इलाज कराने के बाद ठीक होकर घर चले जाते हैं, तब उनकी रिपोर्ट आती है। पिछले 20 दिन में मलेरिया विभाग द्वारा भेजे गए डेंगू संदिग्ध मरीजों के सैंपल की रिपोर्ट मेडिकल कॉलेज मेरठ से अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। एक ओर विभाग को करीब 500 लोगों की रिपोर्ट मिलने का इंतजार है।
जिले में अब तक 93 लोगों में डेंगू की पुष्टि की जा चुकी है। इसमें तीन लोगों की मौत हो चुकी है। डेंगू के केस बढ़ने से जहां पिछले चार साल के रिकॉर्ड ध्वस्त हो चुके हैं। वहीं, अभी भी डेंगू के केस मिलने का सिलसिला जारी। नवंबर आधा बीत चुका है और सर्दी भी दस्तक देने लगी है। तापमान में गिरावट आने के बावजूद डेंगू का डंक कमजोर नहीं हो रहा। अब भी लगातार नए रोगी मिल रहे हैं। 14 नवंबर तक जिले में डेंगू के 1220 संदिग्ध केस मिल चुके हैं। इनमें 500 से अधिक लोगों का सैंपल लेकर विभागीय कर्मियों द्वारा जांच के लिए मेरठ लैब भेजा गया, लेकिन 25 अक्तूबर के बाद से मेरठ लैब से किसी भी सैंपल की रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं हो सकी है।
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इस तरह बढ़े आंकड़े
दिन/तारीख कुल डेंगू के केस
25 अक्तूबर 73
27 अक्तूबर 74
28 अक्तूबर 86
01 नवंबर 93
रिपोर्ट देरी से मिलने से हो सकते हैं गंभीर परिणाम
स्वास्थ्य अफसरों के अनुसार, जब तक सही मर्ज का पता न लग सके तो मरीज की स्थिति गंभीर हो सकती है। हालांकि जिले में मिले डेंगू केस के मरीजों को मौजूदा लक्षण के अनुसार दवा देकर उपचार किया जा रहा है। मरीज की हालत गंभीर होने पर हायर मेडिकल सेंटर रेफर कर दिया जाता है। स्वास्थ्य अफसरों के अनुसार अभी तक कोई ऐसा मामला सामने नहीं आया है जिसे दवाई से कोई नुकसान हुआ हो।
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डेंगू का प्रकोप इस बार काफी तेजी से बढ़ा है। तापमान में कुछ और गिरावट होने से डेंगू का प्रकोप कम हो सकेगा। करीब 500 लोगों का सैंपल मेरठ भेजा गया, इसकी रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहे है। मंगलवार को विभाग के एक कर्मी को मेडिकल कॉलेज के लैब में भेजकर रिपोर्ट के बारे में जानकारी कराई जाएगी।
- डॉ. रमित कुमार, जिला मलेरिया अधिकारी