{"_id":"64776c92721ba27e37066244","slug":"demand-for-investigation-of-baler-scam-memorandum-sent-to-cm-bulandshahr-news-c-30-1-120853-2023-05-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bulandshahar News: बेलर घोटाले की जांच की मांग, सीएम को भेजा ज्ञापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bulandshahar News: बेलर घोटाले की जांच की मांग, सीएम को भेजा ज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
डिबाई। कृषि विभाग में पिछले दिनों उजागर हुए बेलर घोटाले की जांच की मांग एक बार फिर उठ रही है। भारतीय किसान यूनियन किसान शक्ति के राष्ट्रीय संगठन मंत्री गजेंद्र शर्मा के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने एसडीएम प्रियंका गोयल को मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन देकर घोटाले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
राष्ट्रीय संगठन मंत्री गजेंद्र शर्मा ने कहा कि बेलर घोटाले में तीन विभागीय अधिकारियों के निलंबन के साथ सात फर्मों को काली सूची में डाल दिया है। इसके बाद अब इसकी जांच अधर में है और विभागीय अधिकारी मामले को दबाने का प्रयास कर रहे हैं। इसकी जांच जारी रखी जाए और दोषी अधिकारी और कर्मचारियों को सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। कृषि विभाग ने प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन फॅार इन सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेजिड्यू योजना में साल 2020-22 के सत्र में किसाानों को बेलर यंत्र दिए गए थे। तत्कालीन उप निदेशक और विभाग के कर्मचारियों ने कृषि यंत्र बेचने वाले डीलर ने किसानों को बेलर यंत्र तो दिए लेकिन, अनुदान में घपला कर दिया गया था। डीएम स्तर से सत्यापन कराया गया तो 209 कृषि बेलर यंत्रों में सिर्फ 24 का रिकार्ड मिला था। सात करोड़ के अनुदान को कर्मचारी और फर्म के डीलर डकार गए थे। दानपुर ब्लॅाक तथा डिबाई ब्लॉक में सबसे ज्यादा घोटला उजागर हुआ है। ज्ञापन देने वालों में जयपाल सिंह, दिलशाद, प्रवीण राघव, विजेंद्र सिंह, वीरेंद्र शर्मा, कल्यान सिंह और नीरज शर्मा समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विज्ञापन
डिबाई। कृषि विभाग में पिछले दिनों उजागर हुए बेलर घोटाले की जांच की मांग एक बार फिर उठ रही है। भारतीय किसान यूनियन किसान शक्ति के राष्ट्रीय संगठन मंत्री गजेंद्र शर्मा के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने एसडीएम प्रियंका गोयल को मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन देकर घोटाले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
राष्ट्रीय संगठन मंत्री गजेंद्र शर्मा ने कहा कि बेलर घोटाले में तीन विभागीय अधिकारियों के निलंबन के साथ सात फर्मों को काली सूची में डाल दिया है। इसके बाद अब इसकी जांच अधर में है और विभागीय अधिकारी मामले को दबाने का प्रयास कर रहे हैं। इसकी जांच जारी रखी जाए और दोषी अधिकारी और कर्मचारियों को सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। कृषि विभाग ने प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन फॅार इन सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेजिड्यू योजना में साल 2020-22 के सत्र में किसाानों को बेलर यंत्र दिए गए थे। तत्कालीन उप निदेशक और विभाग के कर्मचारियों ने कृषि यंत्र बेचने वाले डीलर ने किसानों को बेलर यंत्र तो दिए लेकिन, अनुदान में घपला कर दिया गया था। डीएम स्तर से सत्यापन कराया गया तो 209 कृषि बेलर यंत्रों में सिर्फ 24 का रिकार्ड मिला था। सात करोड़ के अनुदान को कर्मचारी और फर्म के डीलर डकार गए थे। दानपुर ब्लॅाक तथा डिबाई ब्लॉक में सबसे ज्यादा घोटला उजागर हुआ है। ज्ञापन देने वालों में जयपाल सिंह, दिलशाद, प्रवीण राघव, विजेंद्र सिंह, वीरेंद्र शर्मा, कल्यान सिंह और नीरज शर्मा समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विज्ञापन