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Bulandshahar News: चाइनीज मांझे से कटी बाइक सवार डिलीवरी बॉय की गर्दन, मौत
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साहिबाबाद। मृतक रवि राज का फाइल फोटो।
- फोटो : File Photo
कौशांबी (गाजियाबाद)। प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर रोक के सरकारी दावों के बीच जिले में एक बाइक सवार की जान चली गई। कौशांबी थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर मेरठ-दिल्ली हाईवे एनएच-9 पर जा रहे बाइक सवार डिलीवरी बॉय की गर्दन में चाइनीज मांझा जा फंसा। धारदार मांझे ने उसकी गर्दन काट दी। पीछे बैठे दोस्त ने बाइक का हैंडल संभालकर किसी तरह उसे किनारे लगाया और घायल युवक को वैशाली स्थित निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस का कहना है कि इस मामले में कोई शिकायत परिजनों की ओर से नहीं मिली है। पुलिस के अनुसार, शव की पहचान रवि राज (25) के रूप में हुई है।
मूल रूप से बिहार के खगड़िया जिले के गोपालपुर का रहने वाला रवि राज नोएडा के बहरामपुर में रहकर ऑनलाइन डिलीवरी का काम करता था। शनिवार को वह अपने दोस्त नरेश के साथ बाइक से गाजीपुर जा रहा था। दोपहर करीब दो बजे एनएच-9 पर अचानक से चाइनीज मांझा बाइक चला रहे रवि की गर्दन में फंस गया, जिससे उसकी गर्दन कट गई। मांझा इतना धारदार था कि गर्दन पर गहरा घाव कर दिया, जिससे सड़क पर बड़ी मात्रा में खून बह गया। आसपास के लोगों ने कपड़ा लपेटकर खून को बहने से रोकने का प्रयास किया, लेकिन धार इतनी तेज थी कि कपड़े से खून को रोका नहीं जा सका। आनन-फानन में लोग रवि को बेहोशी की हालत में वैशाली के निजी अस्पताल में ले गए, जहां डॉक्टर ने उसे मृतक घोषित कर दिया। उधर, एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य ने कहा कि पुलिस को इस संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि पुलिस पिछले एक हफ्ते से लगातार चाइनीज मांझे के खिलाफ अभियान भी चल रही है, जिससे वह न बिके।
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दोस्त ने संभाली बाइक, नहीं तो जा सकती थी दोनों की जान
पुलिस के मुताबिक, पीछे बैठे नरेश ने बताया कि अचानक पतंग का मांझा रवि राज के गले में आकर फंस गया। बाइक तेज गति में थी, इसलिए गर्दन कटने के साथ ही बाइक लड़खड़ा गई। नरेश ने पीछे से बाइक का हैंडल पकड़कर उसे नियंत्रित किया और सड़क किनारे लगाया। अगर वह ऐसा नहीं करता तो बाइक हाईवे पर गिर सकती थी, जिसमें दोनों की जान जा सकती थी।
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हादसे ने गाजियाबाद पुलिस और प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रतिबंधित मांझे के खिलाफ कार्रवाई के दावे लगातार किए जाते हैं, लेकिन जमीन पर इसकी उपलब्धता खत्म नहीं हो पा रही है। जुलाई 2026 में ही लोनी में पुलिस ने एक बड़े गोदाम पर छापा मारकर लाखों रुपये का प्रतिबंधित मांझा बरामद किया था और पांच लोगों को हिरासत में लिया था।
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पिछले कुछ हादसे जो चाइनीज मांझे से हुए
- जुलाई 2026 में मकनपुर में छत पर चाइनीज मांझे से कटी थी दो अंगुलियां
- अगस्त 2025 को निवाड़ी में अंकुर की गर्दन कटने से घायल
- जनवरी 2024 में भी कौशांबी में कटा था बाइक सवार का गला
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मूल रूप से बिहार के खगड़िया जिले के गोपालपुर का रहने वाला रवि राज नोएडा के बहरामपुर में रहकर ऑनलाइन डिलीवरी का काम करता था। शनिवार को वह अपने दोस्त नरेश के साथ बाइक से गाजीपुर जा रहा था। दोपहर करीब दो बजे एनएच-9 पर अचानक से चाइनीज मांझा बाइक चला रहे रवि की गर्दन में फंस गया, जिससे उसकी गर्दन कट गई। मांझा इतना धारदार था कि गर्दन पर गहरा घाव कर दिया, जिससे सड़क पर बड़ी मात्रा में खून बह गया। आसपास के लोगों ने कपड़ा लपेटकर खून को बहने से रोकने का प्रयास किया, लेकिन धार इतनी तेज थी कि कपड़े से खून को रोका नहीं जा सका। आनन-फानन में लोग रवि को बेहोशी की हालत में वैशाली के निजी अस्पताल में ले गए, जहां डॉक्टर ने उसे मृतक घोषित कर दिया। उधर, एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य ने कहा कि पुलिस को इस संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि पुलिस पिछले एक हफ्ते से लगातार चाइनीज मांझे के खिलाफ अभियान भी चल रही है, जिससे वह न बिके।
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दोस्त ने संभाली बाइक, नहीं तो जा सकती थी दोनों की जान
पुलिस के मुताबिक, पीछे बैठे नरेश ने बताया कि अचानक पतंग का मांझा रवि राज के गले में आकर फंस गया। बाइक तेज गति में थी, इसलिए गर्दन कटने के साथ ही बाइक लड़खड़ा गई। नरेश ने पीछे से बाइक का हैंडल पकड़कर उसे नियंत्रित किया और सड़क किनारे लगाया। अगर वह ऐसा नहीं करता तो बाइक हाईवे पर गिर सकती थी, जिसमें दोनों की जान जा सकती थी।
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हादसे ने गाजियाबाद पुलिस और प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रतिबंधित मांझे के खिलाफ कार्रवाई के दावे लगातार किए जाते हैं, लेकिन जमीन पर इसकी उपलब्धता खत्म नहीं हो पा रही है। जुलाई 2026 में ही लोनी में पुलिस ने एक बड़े गोदाम पर छापा मारकर लाखों रुपये का प्रतिबंधित मांझा बरामद किया था और पांच लोगों को हिरासत में लिया था।
पिछले कुछ हादसे जो चाइनीज मांझे से हुए
- जुलाई 2026 में मकनपुर में छत पर चाइनीज मांझे से कटी थी दो अंगुलियां
- अगस्त 2025 को निवाड़ी में अंकुर की गर्दन कटने से घायल
- जनवरी 2024 में भी कौशांबी में कटा था बाइक सवार का गला