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आफत : बैंक बंद, एटीएम पर ताले
अमर उजाला ब्यूरो, बुलंदशहर
Updated Mon, 14 Nov 2016 11:53 PM IST
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नोटिस चस्पा करते करमचारी
- फोटो : अमर उजाला
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500-1000 के करेंसी नोटों की बंदी के बाद सोमवार को बैंकों की बंदी ने आम आदमी को परेशानी में डाल दिया। सोमवार को जनपद की सभी बैंक ब्रांच बंद रहीं। एटीएम पर ताला देख लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा। अधिकांश लोग पैसा निकालने के लिए एटीएम पर पहुंचे थे। बाजार पर भी बैंकों में छुट्टी का असर दिखाई दिया।
आम आदमी को इतना तो पता था कि सोमवार को बैंक बंद रहेंगे। मगर एटीएम बंदी की खबर नहीं थी। इसलिए जरूरतमंद लोग दिनभर एटीएम के चक्कर लगाते रहे। डीएम रोड, अंसारी रोड, रोडवेज बस अडडा रोड, दिल्ली रोड, काला आम चौराहा, सिविल लाइन रोड, काली नदी रोड पर जितने भी बैंकों के एटीएम हैं, सभी पर बेकार साबित हुए।
खाली हाथ घर लौटने से कई लोग गुस्से में नजर आए। धीरज कुमार ने बताया कि नोट बंदी के आदेश ने सभी को चोर ठहरा दिया है। सरकार के पास मजबूत और बड़ा सरकारी तंत्र है। सरकार चाहती तो वह धन कुबेरों तक पहुंचकर काली कमाई का पता लगा सकती थी, मगर ऐसा न कर सरकार ने आम आदमी को परेशानी में डाल दिया।
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जिले में अब तक नए 500 के नोट नहीं पहुंचे हैं। इसलिए 2000 का नोट भी आम आदमी के लिए परेशानी का सबब बन गया है। दरअसल 2000 रुपये के छुट्टे दुकानदारों के पास नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में या तो लोगों को बाकी धनराशि बाद में ले जाने के लिए कह दिया जाता है, या सामान ही नहीं दिया जाता।
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आम आदमी को इतना तो पता था कि सोमवार को बैंक बंद रहेंगे। मगर एटीएम बंदी की खबर नहीं थी। इसलिए जरूरतमंद लोग दिनभर एटीएम के चक्कर लगाते रहे। डीएम रोड, अंसारी रोड, रोडवेज बस अडडा रोड, दिल्ली रोड, काला आम चौराहा, सिविल लाइन रोड, काली नदी रोड पर जितने भी बैंकों के एटीएम हैं, सभी पर बेकार साबित हुए।
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खाली हाथ घर लौटने से कई लोग गुस्से में नजर आए। धीरज कुमार ने बताया कि नोट बंदी के आदेश ने सभी को चोर ठहरा दिया है। सरकार के पास मजबूत और बड़ा सरकारी तंत्र है। सरकार चाहती तो वह धन कुबेरों तक पहुंचकर काली कमाई का पता लगा सकती थी, मगर ऐसा न कर सरकार ने आम आदमी को परेशानी में डाल दिया।
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जिले में अब तक नए 500 के नोट नहीं पहुंचे हैं। इसलिए 2000 का नोट भी आम आदमी के लिए परेशानी का सबब बन गया है। दरअसल 2000 रुपये के छुट्टे दुकानदारों के पास नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में या तो लोगों को बाकी धनराशि बाद में ले जाने के लिए कह दिया जाता है, या सामान ही नहीं दिया जाता।