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जमीन के लिए उजाड़ दी थीं दो पीढ़ियां

Wed, 20 Jul 2016 11:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर Updated Wed, 20 Jul 2016 11:47 PM IST
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Two generations were shattered to the ground
gun

थाना क्षेत्र के गांव बरारी में हुआ नरसंहार को यूं ही किसी मामूली बात को लेकर नहीं हुआ था। दो भाइयों के बीच में आपसी अहम के साथ जमीन खरीदने को लेकर आठ साल से सुलग रही चिंगारी ही नरसंहार की मुख्य वजह थी। इसमें एक ही परिवार की दो पीढ़ियों का कुछ ही देर में खात्मा हो गया था। रनवीर को सजा मिलने के बाद ग्रामीणों ने कोर्ट के फैसले की प्रशंसा की है।

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बता दें कि 29 जुलाई 2008 को गांव बरारी में सुखवीर सिंह, सुखवीर के बड़े पुत्र सूर्यप्रताप, उसकी गर्भवती पत्नी ममता,पुत्र चीकू, सुखवीर की पत्नी सुरेखबाला, अभिषेक, उसकी गर्भवती पत्नी लता की गोलियां मारकर की हत्या कर दी गई थी। घटना को अंजाम मृतक सुखवीर के छोटे भाई रनवीर, पुत्र अरविंद, भाड़े के दो बदमाशों ने अंजाम दिया था।
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सुखवीर और रनवीर के परिवार में पिछले आठ साल से जमीन खरीदने को लेकर विवाद चला आ रहा था। जिसमें सुखवीर ने जमीन खरीदकर सौदा करने वाले रनवीर को नीचा दिखाया था। इसी अपमान की ज्वाला ने ही नरसंहार को अपने अंजाम तक पहुंचाया था। नरसंहार के मुख्य गवाह अमरपाल पर भी कई बार जानलेवा हमला हो चुका है। वर्तमान में दोनों परिवार के लोग गांव में नहीं रहते हैं। कभी-कभी रनवीर के परिजन गांव आकर खेतीबाड़ी देख लेते हैं।
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गर्भ में ही मार दिए गए थे दो मासूम
28 जुलाई 2008 की काली रात। समय रात के करीब दो बजे। स्थान औरंगाबाद का गांव बरारी। सुनसान रात में जंगल के बीच अचानक चीखने की आवाज आई, लेकिन यह आवाज चीखने के साथ ही दब गई। एक के बाद एक छह लाशें घर में बिछ गईं। ग्रामीणों ने या तो नींद में चीख पुकार की आवाज नहीं सुनी या बर्बरता के आगे साहस नहीं दिखा सके। सुबह घर में बिखरे रक्तरंजित शव नरसंहार की बर्बरता बयां कर रहे थे। बर्बरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मृतक अभिषेक और सूर्यप्रकाश की पत्नी लता और ममता के गर्भ में भी गोली और डंडे मारे गए थे।


दोनों सात-आठ माह के गर्भ से थीं। दोनों के गर्भ को बुरी तरह कुचल दिया गया। सजा सुनते ही विचलित हुआ रनवीर आठ साल बाद जब उस दोषी की सजा सुनाने की बारी आई तो बर्बरता ढहाने वाले आरोपी रनवीर के पैर कांपने लगे। कोर्ट में दोष सिद्ध होते समय मुख्य आरोपी रनवीर विचलित था। चेहरे पर शिकन साफ नजर आ रही थी। जज द्वारा दोष सिद्ध करने पर रनवीर पसीने छोड़ गया और खुद को बेकसूर बताने लगा। जैसे ही जज ने कहा कि सजा कल सुनाई जाएगी।
 

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