{"_id":"57c491824f1c1b634b2cba2d","slug":"the-victim-filed-a-statement-in-court","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीड़िता ने कोर्ट में दर्ज कराए बयान","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पीड़िता ने कोर्ट में दर्ज कराए बयान
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Tue, 30 Aug 2016 01:18 AM IST
विज्ञापन
डेमो पिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाईवे पर चलती कार में छात्रा से गैंगरेप मामले में जेल गए तीनों आरोपियों को सजा दिलाने के लिए पीड़िता सोमवार को कोर्ट पहुंची। छात्रा ने मजिस्ट्रेट के समक्ष बंद कमरे में बयान दर्ज कराए। विवेचक ने बयानों का अवलोकन किया। कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ दिए पीड़िता के बयान आरोपियों को सजा दिलाने में काफी अहम होंगे।
विज्ञापन
बता दें कि अगौता थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी 15 वर्षीय छात्रा शनिवार सुबह करीब 7.30 बजे घर से स्कूल जा रही थी। रास्ते में कार सवार नितिन, ब्रजेश और राहुल ने छात्रा को अगवा कर लिया और चलती कार में चार घंटे तक रेप किया। आरोपी छात्रा को स्याना अड्डा के निकट कांशीराम आवासीय कालोनी के निकट फेंककर चले गए थे।
विज्ञापन
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर रविवार दोपहर जेल भेज दिया था। आरोपियों को सजा दिलाने के लिए सोमवार दोपहर पुलिस पीड़िता को लेकर सीजेएम कोर्ट पहुंची। सीजेएम ने बयान दर्ज कराने के लिए अपर सिविल जज जूनियर डिविजन को बयान दर्ज करने के आदेश दिए।
विज्ञापन
पीड़िता ने बंद कमरे में मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराए। जिसके बाद विवेचक प्रभात कुमार वर्मा ने बयानों का अवलोकन किया और बयानों का लिफाफा एक बार फिर सील किया गया। जिला शासकीय अधिवक्ता मोहम्मद शारिक ने बताया कि पीड़िता का बयान आरोपियों को सजा दिलाने में काफी अहम साबित होंगे।
पीड़िता को सरकार से मिलेगी आर्थिक मदद
एसपी सिटी मान सिंह चौहान ने बताया कि नाबालिग छात्रा के साथ हुए गैंगरेप मामले में शासन की ओर से आर्थिक मदद की जाएगी। इसके लिए डीपीओ और सीएमओ नोडल अधिकारी हैं। पुलिस की ओर से जो भी संभव होगा प्रस्ताव शासन के लिए भेजा जाएगा।
गैंगरेप पीड़िता की पहचान की उजागर
बुलंदशहर (ब्यूरो)। चलती कार में नाबालिग छात्रा से गैंगरेप के मामले में शुरू से ही लापरवाही बरतने वाली अगौता पुलिस की सोमवार को भी बड़ी लापरवाही सामने आई है। पुलिस ने कोर्ट के आदेशों को दरकिनार कर पीड़िता की पहचान उजागर कर दी। पुलिस पीड़िता को बिना पर्दा ही कोर्ट में इधर से उधर घुमाती रही। यही नहीं पीड़िता के साथ महिला कांस्टेबल वर्दी में ही साथ रही। पुलिस की इस लापरवाही से परिजनों में रोष है।
सोमवार दोपहर अगौता पुलिस नाबालिग छात्रा को परिजनों के साथ लेकर कोर्ट पहुंची। कोर्ट में पीड़िता के मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज होने थे। पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को दरकिनार करते हुए पीड़िता का चेहरा नहीं ढंका और इधर से उधर पीड़िता को लेकर घूमती रही।
यही नहीं पीड़िता के साथ महिला कांस्टेबल सादा कपड़ों में होने के बजाय खाकी वर्दी में ही साथ रही। पुलिस ने गैंगरेप जैसे गंभीर मामले में जमकर कानून की धज्जियां उड़ाई। वरिष्ठ अधिवक्ता संतोष कुमार राघव ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश हैं कि पीड़िता का चहरा, उसका नाम, उसका पता और पहचान को पुलिस व मीडिया सार्वजनिक नहीं कर सकती।
यदि अगौता पुलिस ने पीड़िता को कोर्ट में पेश करने के दौरान पहचान उजागर की है तो यह गंभीर बात है। मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। - अनीस अहमद अंसारी, एसएसपी