विज्ञापन
विज्ञापन

दरोगा सुखबीर सिंह की गोली मारकर हत्या में पुलिस के हाथ नहीं लगा कोई सुराग

अमर उजाला ब्यूरो /बुलंदशहर Updated Fri, 24 Jun 2016 11:16 PM IST
पुलिस
पुल‌िस - फोटो : अलीगढ़/ब्यूरो
ख़बर सुनें
 बागपत में तैनात दरोगा सुखबीर सिंह यादव की यहां मोदीनगर रोड पर बृहस्पतिवार की रात गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस के हाथ अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है। हमलावरों की धरपकड़ व मामले की जांच के लिए एसपी ने दो टीमों का गठन किया है। टीम में तेज तर्रार थाना प्रभारियों को शामिल किया गया है। वहीं, नोएडा की एसटीएफ भी जांच में जुटी है। उधर, हमलावरों के लाल रंग की बुलेट मोटरसाइकिल पर होने की बात चली है। इस पर पुलिस लाल रंग की बाइक की भी तलाश कर रही है।
विज्ञापन
बुलंदशहर के सिकंदरा थाना क्षेत्र के सिरोधन निवासी दरोगा सुखबीर सिंह (57) बागपत के सिंघावली अहीर थाने में तैनात थे। बृहस्पतिवार की रात ड्यूटी खत्म कर लौटते समय हापुड़ कोतवाली क्षेत्र के मोदीनगर रोड पर गांव बिजलीघर के पास बाइक सवार हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। दरोगा की हत्या की सूचना मिलने पर रात करीब 12 बजे आईजी सुजीत पांडेय ने पहुंचकर स्थिति की जानकारी की। साथ ही हमलावरों की गिरफ्तारी के कड़े निर्देश दिए।

इसके बाद एसपी के निर्देश पर सीओ विशाल यादव के नेतृत्व में हापुड़ कोतवाली समेत जिले कई तेज तर्रार थाना प्रभारी, सर्विलांस की टीम और खुफिया तंत्र इस हत्या कांड का खुलासा करने में जुट गया है। पुलिस की दो टीमों का गठन किया गया तथा नोएडा की एसटीएफ भी जांच में जुटी है। रात में भी पुलिस की टीमों ने संदिग्धों की तलाश में कई जगह दबिश दी, कुछ लोगों से पूछताछ भी की गई। इतनी कवायद के बाद भी घटना के 24 घंटे बीत जाने पर भी अभी तक पुलिस के हाथ खाली हैं।

हालांकि पुलिस के बड़े अफसर जल्द ही इस मामले का खुलासा करने का दावा कर रहे हैं। उधर, बागपत के थाना सिंघावली अहीर पुलिस से भी इस मामले में सहयोग लिया जा रहा है कि मृतक दरोगा के पास किन-किन मामलों की तफ्तीश थी।


आईजी ने अफसरों को फटकारा
हापुड़। दरोगा सुखबीर सिंह की गोली मारकर हत्या की सूचना मिलने पर आईजी रेंज सुजीत पांडेय देर रात अस्पताल पहुंचे और इस हत्याकांड पर गहरा शोक व्यक्त किया। साथ ही लापरवाह पुलिस अफसरों को कड़ी फटकार भी लगाई। आईजी ने अपनी एक्सपर्ट फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलवाया और घटनास्थल का टैक्नीकल मुआयना कराया। वहीं बागपत की एसपी ने भी हापुड़ में डेरा डाल दिया है।

पेट में लगी गोली कमर को चीरती हुई निकल गई
हापुड़। दरोगा सुखबीर सिंह को बदमाशों ने काफी नजदीक से पेट में दायीं ओर गोली मारी, जो उनकी कमर को चीर कर पार निकल गई। देव नंदिनी अस्पताल के सर्जन डॉ. श्याम कुमार का कहना है कि दरोगा को काफी नाजुक हालत में यहां लाया गया था। ओटी में ले जाकर जांच करने पर पता चला कि गोली पेट में लगने के बाद कमर को चीर कर पार निकल गई थी। लगता है कि गोली लगने से उनके गुर्दे व लीवर क्षतिग्रस्त हो गए थे। डॉ. श्याम कुमार के मुताबिक
अगर थोड़ा समय और मिल जाता तो आपरेशन कर दरोगा को बचाने का हर संभव प्रयास किया जा सकता था। वैसे भी बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी भी घायल दरोगा के लिए खून देने के लिए तैयार थे।


पेट में गोली लगने पर भी एक किमी बाइक दौड़ाई
हापुड़। दरोगा सुखबीर सिंह की हिम्मत ही कही जाएगी कि पेट में गोली लगने के बाद भी तकरीबन एक किमी तक बाइक चलाकर केशवनगर पुलिस चौकी से कुछ आगे  एक कोल्ड स्टोर के बाहर स्थित शकील की चाय की दुकान तक पहुंचे। दुकान पर पहुंचकर लड़खड़ा कर गिर पड़े। शकील ने बताया कि बाइक से गिरते ही दरोगा ने अस्पताल पहुंचाने की गुहार लगाई।
शकील के बेटे मेहताब ने किसी तरह उन्हें केशवनगर पुलिस चौकी तक पहुंचाया और वहां से पुलिस की मदद से उन्हें देव नंदिनी अस्पताल भिजवाया गया था।

बेटे ने किसी भी रंजिश से किया इंकार
हापुड़। दरोगा सुखबीर सिंह के छोटे बेटे मनोज ने दो टूक कहा कि उनके पिता की गांव में किसी से रंजिश नहीं थी। बल्कि वह लोग एक दशक पहले गांव छोड़कर सिकंदराबाद में रहने लगे हैं।


अपने ताऊ कृष्ण पाल यादव तथा अन्य परिजनों के साथ यहां पहुंचे मनोज का कहना है कि उनके पिता के दो भाई हैं। तीनों ने करीब एक दशक पहले अपना गांव सिरोधन छोड़कर सिकंदराबाद में सिरोधन बस अड्डे के पास मोहल्ला पत्थर वाला में अपना मकान बना लिया हैं तथा वहीं तीनों के परिवार रहते हैं।

गांव में किसी से भी उनकी रंजिश नहीं है। साथ ही इस ओर संकेत किया कि उनके पिता की हत्या के पीछे पुलिस महकमे की किसी जांच से जुटा मामला हो सकता है या फिर बदमाशों ने पुलिस की वर्दी में देखकर पकड़े जाने के भय से गोली मारी होगी। पुलिस को इस मामले का खुलासा करना चाहिए।


आठ महीने बागपत तबादला हुआ था
हापुड़। मनोज ने बताया कि उनके पिता लखनऊ के गोमतीनगर थाने में छह साल रहने के बाद हापुड़ तबादले पर करीब डेढ़ साल पहले आये थे और धौलाना थाने में तैनात रहे। आठ माह पहले बार्डर स्कीम के तहत उनका तबादला बागपत हो गया था, जहां वह सिंघावली अहीर थाने में तैनात थे। शायद शुक्रवार को उनकी हापुड़ में किसी मुकदमे में तारीख थी। साथ ही कहा कि अगर उनके पास सर्विस रिवाल्वर होता तो वह एक दो बदमाशों को ढेर कर सकते थे।

दरोगा के बेटे ने भी की पड़ताल
हापुड़। अपने पिता की हत्या की सूचना मिलते ही सुखबीर सिंह यादव का  बेटा मनोज अपने परिजनों के साथ हापुड़ पहुंच गया था। वह बिजनौर पुलिस लाइन में सिपाही है।
मनोज अपने साथ करीब एक दर्जन परिजनों और मित्रों को लेकर सुबह करीब 9 बजे मोदीनगर रोड स्थित बेतहस्ता क्रिश्चियन एकेडमी भी पहुंचा। इसी एकेडमी के सामने बदमाशों ने सुखबीर सिंह यादव को गोली मारी थी।

  इस एकेडमी के मुख्य द्वार के पास सीसीटीवी कैमरा लगा है, जिसकी रिकार्डिंग उन लोगों ने देखी लेकिन अंधेरा होने के कारण घटना रिकार्ड नहीं हो पाई। घटना के समय तैनात एकेडमी के गार्ड राजेंद्र ने ने बताया कि दरोगा को गोली मारने वाले  लाल रंग की बुलेट पर सवार थे और गोली मारते ही हापुड़ की ओर भाग गए। जबकि दरोगा भी बिना रुके बाइक से ही आगे बढ़ गए थे। पुलिस लाल रंग की बाइक की सरगर्मी से तलाश कर रही है ताकि उसके मिलने पर बदमाशों तक पहुंचा जा सके।
------
विज्ञापन

Recommended

प्रथम श्रेणी के दुग्ध उत्पादों के लिए प्रतिबद्ध है धौलपुर फ्रेश
Dholpur fresh

प्रथम श्रेणी के दुग्ध उत्पादों के लिए प्रतिबद्ध है धौलपुर फ्रेश

महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई में कराएं दिवाली लक्ष्मी पूजा : 27-अक्टूबर-2019
Astrology Services

महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई में कराएं दिवाली लक्ष्मी पूजा : 27-अक्टूबर-2019

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Bulandshahar

बुलंदशहरः बस ने वैष्णो देवी से आ रहे सात को रौंदा, सभी मृतकों के परिजनों के लिए 2-2 लाख का एलान

नरोरा में गांधी घाट पर शमशान घाट के रास्ते के किनारे सो रही चार महिला और तीन बच्चियों की एक यात्री बस की चपेट में आने से मौत हो गई।

11 अक्टूबर 2019

विज्ञापन

कांग्रेस अपने परिवार में भारत रत्न समेंटना चाहती है: रविशंकर प्रसाद

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा की वीर सावरकर को भारत रत्न मिलना चाहिए। कांग्रेस सिर्फ अपने परिवार में भारत रत्न समेंटना चाहती है।

16 अक्टूबर 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree